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12 अधिकारियों ने स्वास्थ्य सुविधाओं का किया भौतिक सत्यापन

Sat, 03 Aug 2019 12:36 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 03 Aug 2019 12:36 AM IST
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12 physical authorities carried out physical verification of health facilities
मऊ। जिले के सरकारी अस्पतालों में मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं का भौतिक सत्यापन करने के लिए मंडलायुक्त कनकलता के निर्देश पर शुक्रवार को आजमगढ़ मंडल के संयुक्त विकास आयुक्त पीएन वर्मा सहित बारह अधिकारियों द्वारा सरकारी अस्पतालों का निरीक्षण किया गया। अधिकारियों द्वारा जिला अस्पताल, महिला जिला अस्पताल, फतहपुर मंडाव, कोपागंज, घोसी, बड़राव सीएचसी सहित कई पीएचसी का निरीक्षण किया गया। इस बीच अधिकारियों को कई खामियां मिलीं, जिस पर विभागीय अधिकारी, चिकित्सक और कर्मचारियों को जमकर फटकार लगाई। आगे से सबकुछ ठीक-ठाक रखने को कहा। ऐसा नहीं हुुआ तो कार्रवाई तय है। इस दौरान उन्होंने चिकित्सकों की उपस्थिति के साथ ही ओपीडी, वार्ड, दवाओं का स्टॉक आदि के बारे में पूरी बारीकी से जांच की। इस दौरान कुछ चिकित्सक भी अनुपस्थित मिले, लेकिन बाद में पता चला कि यह चिकित्सक मेडिकल या सीएल अवकाश पर है। ज्वाइंट कमिश्नर के निरीक्षण से सरकारी अस्पताल के चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मचारियों में हड़कंप की स्थिति बनी रही।
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संयुक्त विकास आयुक्त प्रभुनाथ वर्मा के नेेतृत्व वाली टीम शुक्रवार को सुबह जिला अस्पताल पहुंची। जहां संयुक्त विकास आयुक्त द्वारा सीएमएस कक्ष के अलावा ओपीडी, आईपीडी और इमरजेंसी का पूरी बारीकी से पड़ताल की। इस दौरान उन्होंने जिला अस्पताल में भर्ती मरीज और तीमारदारों से भी सुविधाओं के बारे में पूछा। निरीक्षण के सबसे पहले उन्होंने सीएमएस से उपस्थिति रजिस्टर दिखाने तथा चिकित्सकों के आने-जाने के बारे में जानकारी लिया। इस दौरान फिजिशियन और एक संविदा फिजिशियन ज्वाइंट कमिश्नर को गायब मिले। जिस पर उन्होंने सीएमएस डॉ. बृजकुमार से इसकी जानकारी ली। जिस पर पता चला कि चिकित्सक डॉ. शैलेश कुशवाह की ड्यूटी इमरजेंसी वार्ड में लगी है, जबकि एक चिकित्सक सीएल पर चल रहे है। इसके अलावा कुछ चिकित्सकों के बारे में ज्वाइंट कमिश्रर ने जानकारी ली। इसके बाद वो महिला जिला अस्पताल पहुंचे। यहां भी कई चिकित्सक समय से नहीं आए थे तथा कई नदारद मिले। इसके बाद उनकी त्योरी चढ़ गई। वह ओपीडी में कार्यरत सभी चिकित्सकों के यहां बारी- बारी से गए और उनसे बात की। मरीजों को बाहरी दवाएं लिखे जाने पर नाराजी जताई। इसके बाद वह आपातकालीन कक्ष में पहुंच गए। आईपीडी में अलग-अलग वार्डों में घूम कर भर्ती मरीजों से बात की। अस्पताल से मिलने वाली सुविधाओं के बारे में पूछा। इस दौरान उन्होंने ओटी, एनएनसीयू वार्ड आदि की भी जांच की। इसीक्रम में संयुक्त विकास आयुक्त द्वारा कोपागंज, घोसी, बड़राव घोसी सामुदायिक का निरीक्षण किया गया।
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सरकारी अस्पतालों में मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी का भौतिक सत्यापन के लिए अलग अलग टीमों द्वारा जिले के विभिन्न सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण किया। इसमें फतहपुर मंडाव सामुदायिक, रतनपुरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, रानीपुर सामुदायिक, परदहा सामुदायिक और मुहम्मदाबाद गोहना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के साथ चिरैयाकोट, सेंचुई, काझा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण किया गया।
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रतनपुरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर निरीक्षण के दौरान टीम को वहां तैनात एलडीसी लिपिक केके तिवारी और अशोक सिंह तथा यूडीसी लिपिक अशोक सिंह अनुपस्थित मिले। इससे पहले जिला अस्पताल के निरीक्षण में मरीजों की लंबी लाइन तथा चेंबरों से चिकित्सकों के गायब रहने पर संयुक्त विकास आयुक्त प्रभुनाथ वर्मा ने सीएमएस को चिकित्सकों को समय से अपने अपने चैंबरों में बैठने का निर्देश दिया। जिससे अस्पताल में आने वाले सभी मरीजों को चिकित्सक ओपीडी समय में देख सके।
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