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सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाने में प्रशासन उदासीन

Tue, 25 Sep 2018 12:08 AM IST
Updated Tue, 25 Sep 2018 12:08 AM IST
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सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाने में प्रशासन उदासीन
अमर उजाला ब्यूरो
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मऊ। गांव बचाओ मोर्चा का धरना कलेक्ट्रेट पर 20 वें दिन सोमवार को भी जारी रहा। धरना स्थल पर वक्ताओं ने कहा कि जिले भर में सार्वजनिक जमीनों पर अतिक्रमण करने के लिए भू माफिया में होड़ लगी हुई है। जिला प्रशासन कीमती जमीनों पर किए गए अतिक्रमण को हटवाने के प्रति उदासीन बना हुआ है।
मोर्चा के सरंक्षक जगन्नाथ सिंह ने कहा कि जिले में चारों पर तरफ सरकारी संपत्तियों की लूट मची हुई है। इसके अलावा ग्राम्य विकास सहित सभी विभागों में भ्रष्टाचार है। शिकायतों के बाद अधिकारियों के जांच के आदेशों को मातहत अधिकारी गंभीरता से नहीं ले रहे। जिलाधिकारी के आदेश के बावजूद सीडीओ, एसडीएम , डीपीआरओ और बीडीओ द्वारा रिपोर्ट ही नहीं दी जा रही है।
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मंत्री छोटेलाल गांधी ने कहा कि आंबेडकर स्कूलों में अवैध नियुक्तियों के मामले में लीपापोती का प्रयास किया जा रहा है। कहा कि समाज कल्याण में इसी जिले में 19 सालों से तैनात सुपरवाईजर जिसके विरुद्ध वारंट भी जारी है, उसे न हटाकर महत्वपूर्ण कार्य सौंपे गए हैं। उन्होंने महीनों पहले स्थानांतरित किए जा चुके जिला समाज कल्याण अधिकारी मुक्तेकश्वर चौबे के अभी तक जिले में कार्या करने पर सवाल उठाया। कहा कि वे अध्यापकों की नियुक्ति विवादित होने के बाद करोड़ों रुपयों के एरियर भुगतान देने के भी आरोपी हैं, इसलिए उन्हें यहां से तत्काल कार्यमुक्त किया जाना चाहिए। धरना स्थल पर आरपी सिंह, बाल गोविंद सिंह, जय प्रकाश यादव, मनोज कुमार निगम, डा. नईम खां, घूरहू सिंह, निर्मला साहनी और एडवोकेट उदयप्रताप राय आदि ने संबोधित किया।
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