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मातृ कुपोषण से होती शिुशुओं की मृत्यु
Updated Sun, 26 Aug 2018 12:00 AM IST
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मऊ। जिला अस्पताल में शनिवार को सुपोषण मेले का आयोजन किया गया, इसका उद्घाटन घोसी विधान सभा के विधायक फागू चौहान ने किया। मेले का उद्घाटन करने के बाद विधायक ने अपने संबोधन में कहा कि पोषण हमारे प्रदेश के बच्चों के बेहतर भविष्य और अधिक समृद्ध समाज के लिए अत्यंत आवश्यक है। मातृ कुपोषण, शिशु और बाल मृत्यु का एक प्रमुख कारण है। कुपोषण की समस्या को प्रभावी, स्वास्थ्य, पोषण, पेय जल और स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा के हस्तक्षेपों के माध्यम से रोका जा सकता है।
कार्यक्रम में मौजूद जिलाधिकारी प्रकाश बिंदु ने बताया कि सुपोषण स्वास्थ्य मेले का आयोजन प्रदेश सरकार की तरफ से आयोजित किया गया है। ताकि लोगों को उनके स्वास्थ्य के प्रति जागरुक किया जा सकें। इसके अलावा आंगनबाड़ी केंद्र से प्रति माह अनुपूरक पोषाहार का वितरण किया जाएगा। 0 से 3 वर्ष के बच्चों का प्रतिमाह तथा 3 से 5 वर्ष के बच्चों का त्रैमासिक वजन किया जाएगा। कुपोषित तथा अति कुपोषित बच्चों की सूची बनाकर आशा के साथ साझा करने के साथ ही ब्लाक स्तर व जिला स्तर पर सभी विभागों के साथ साझा किया जाएगा। डीएम ने बताया कि प्रति माह ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता पोषण के तहत प्रथम बुधवार को स्वास्थ्य उपकेंद्र पर सुपोषण स्वास्थ्य मेले का आयोजन किया जाएगा। कुपोषित बच्चों की एएनएम के माध्यम से स्वास्थ्य जांच कराते हुए आशा द्वारा पोषण पुनर्वास केेद्रों पर संदर्भित करने के लिए स्क्रीनिंग कराई जाएगी। पंचायती राज विभाग द्वारा पात्रता सूची में आने वाले कुपोषित बच्चों के परिवारों के घर शौचालय का निर्माण कराया जायेगा। खाद्य एवं रसद विभाग द्वारा कुपोषित बच्चों के परिवारों को राशन कार्ड उपलब्ध कराया जायेगा। इस मौके पर गर्भवती महिलाओं को फल देकर गोदभराई की गई। इस मौके पर स्टाल लागए गए थे। अपर जिलाधिकारी डीपी पाल ने मेले का समापन किया। इस अवसर पर जिला विकास अधिकारी विजय शंकर राय, मुख्य चिकित्साधिकारी डा. सतीश चंद सिंह, सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
लाभार्थियों को खिलाया पुष्टाहार की पकौड़ी
मऊ। सदर अस्पताल में आयोजित सुपोषण स्वास्थ्य मेला में बाल पुष्टाहार विभाग की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने लाभार्थियों को स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी जानकारी, कुपोषित और अतिकुपोषित बच्चों की पहचान की जानकारी दी। साथ ही मेले में सम्मिलत गर्भवती महिलाओं व कुपोषित बच्चों को पुष्टाहार से बनी पकौड़ी खिलाकर पुष्टाहार के लिए प्रेरित किया। इस दौरान मुख्य अतिथि विधायक फागू चौहान और डीएम प्रकाश बिंदु ,सीडीओ आशुतोष द्विवेदी और डीपीओ केएम पांडेय सहित अन्य ने चखा और सराहा।
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सीएचसी-पीएसी केंद्रों पर आयोजित हुआ मेला
मऊ। सुपोषण स्वास्थ्य मेला घोसी, मधुबन, कोपागंज, दोहरीघाट, मुहम्मदाबाद गोहना, परदहा सहित सभी 9 सीएचसी सहित 38 पीएचसी केंद्रों पर मेला का आयोजन किया गया। मेले में सदर अस्पताल में 100 गर्भवती, 100 कुपोषित बच्चों को पंजीकरण होने के अलावा 50 महिलाओं को टीका लगाया गया। वहीं घोसी में 35 गर्भवति महिलाएं, मधुबन में 43 महिलाएं, कोपागंज 30 और दोहरीघाट में 22 गर्भवती महिलाओं को पंजीकरण कर उनका स्वास्थ्य परिक्षण किया गया।
विभिन्न सरकारी योजनाओं से कराया अवगत
मऊ। मेले में स्वास्थ्य विभाग द्वारा वीएचएनडी, परिवार नियोजन, डायरिया, वेक्टर जनित बीमारी, राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम जबकि बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग के स्टाल पर विभिन्न व्यंजन, टीकाकरण, किशोरी, बालिकाओं के स्वच्छता एवं पोषण से संबंधित आयरन एवं अन्य टेबलेट का वितरण, डायरिया के बाद बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी जानकारी, कुपोषित और अतिकुपोषित बच्चों की पहचान की जानकारी दी गई।
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कार्यक्रम में मौजूद जिलाधिकारी प्रकाश बिंदु ने बताया कि सुपोषण स्वास्थ्य मेले का आयोजन प्रदेश सरकार की तरफ से आयोजित किया गया है। ताकि लोगों को उनके स्वास्थ्य के प्रति जागरुक किया जा सकें। इसके अलावा आंगनबाड़ी केंद्र से प्रति माह अनुपूरक पोषाहार का वितरण किया जाएगा। 0 से 3 वर्ष के बच्चों का प्रतिमाह तथा 3 से 5 वर्ष के बच्चों का त्रैमासिक वजन किया जाएगा। कुपोषित तथा अति कुपोषित बच्चों की सूची बनाकर आशा के साथ साझा करने के साथ ही ब्लाक स्तर व जिला स्तर पर सभी विभागों के साथ साझा किया जाएगा। डीएम ने बताया कि प्रति माह ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता पोषण के तहत प्रथम बुधवार को स्वास्थ्य उपकेंद्र पर सुपोषण स्वास्थ्य मेले का आयोजन किया जाएगा। कुपोषित बच्चों की एएनएम के माध्यम से स्वास्थ्य जांच कराते हुए आशा द्वारा पोषण पुनर्वास केेद्रों पर संदर्भित करने के लिए स्क्रीनिंग कराई जाएगी। पंचायती राज विभाग द्वारा पात्रता सूची में आने वाले कुपोषित बच्चों के परिवारों के घर शौचालय का निर्माण कराया जायेगा। खाद्य एवं रसद विभाग द्वारा कुपोषित बच्चों के परिवारों को राशन कार्ड उपलब्ध कराया जायेगा। इस मौके पर गर्भवती महिलाओं को फल देकर गोदभराई की गई। इस मौके पर स्टाल लागए गए थे। अपर जिलाधिकारी डीपी पाल ने मेले का समापन किया। इस अवसर पर जिला विकास अधिकारी विजय शंकर राय, मुख्य चिकित्साधिकारी डा. सतीश चंद सिंह, सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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लाभार्थियों को खिलाया पुष्टाहार की पकौड़ी
मऊ। सदर अस्पताल में आयोजित सुपोषण स्वास्थ्य मेला में बाल पुष्टाहार विभाग की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने लाभार्थियों को स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी जानकारी, कुपोषित और अतिकुपोषित बच्चों की पहचान की जानकारी दी। साथ ही मेले में सम्मिलत गर्भवती महिलाओं व कुपोषित बच्चों को पुष्टाहार से बनी पकौड़ी खिलाकर पुष्टाहार के लिए प्रेरित किया। इस दौरान मुख्य अतिथि विधायक फागू चौहान और डीएम प्रकाश बिंदु ,सीडीओ आशुतोष द्विवेदी और डीपीओ केएम पांडेय सहित अन्य ने चखा और सराहा।
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सीएचसी-पीएसी केंद्रों पर आयोजित हुआ मेला
मऊ। सुपोषण स्वास्थ्य मेला घोसी, मधुबन, कोपागंज, दोहरीघाट, मुहम्मदाबाद गोहना, परदहा सहित सभी 9 सीएचसी सहित 38 पीएचसी केंद्रों पर मेला का आयोजन किया गया। मेले में सदर अस्पताल में 100 गर्भवती, 100 कुपोषित बच्चों को पंजीकरण होने के अलावा 50 महिलाओं को टीका लगाया गया। वहीं घोसी में 35 गर्भवति महिलाएं, मधुबन में 43 महिलाएं, कोपागंज 30 और दोहरीघाट में 22 गर्भवती महिलाओं को पंजीकरण कर उनका स्वास्थ्य परिक्षण किया गया।
विभिन्न सरकारी योजनाओं से कराया अवगत
मऊ। मेले में स्वास्थ्य विभाग द्वारा वीएचएनडी, परिवार नियोजन, डायरिया, वेक्टर जनित बीमारी, राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम जबकि बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग के स्टाल पर विभिन्न व्यंजन, टीकाकरण, किशोरी, बालिकाओं के स्वच्छता एवं पोषण से संबंधित आयरन एवं अन्य टेबलेट का वितरण, डायरिया के बाद बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी जानकारी, कुपोषित और अतिकुपोषित बच्चों की पहचान की जानकारी दी गई।