{"_id":"5b182fae4f1c1ba96e8b6a61","slug":"11528311726-mau-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"चुनाव के दौरान बूथ पर मारपीट करने के मामले में चार को सजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चुनाव के दौरान बूथ पर मारपीट करने के मामले में चार को सजा
Updated Thu, 07 Jun 2018 12:56 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर दो आदिल आफताब अहमद ने सुनवाई के बाद बुधवार को पंचायत चुनाव के दौरान फर्जी मतदान की बात को लेकर पीठासीन अधिकारी के साथ मारपीट करने के मामले में नामजद पांच आरोपियों में से चार को 11-11 हजार रुपया अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। एक आरोपी अनूप सिंह की मौत होने से उसके मुकदमे को खत्म कर दिया गया।
मामले के अनुसार सरायलखंसी थाना क्षेत्र के नसीरपुर गांव निवासी लोचन राम पुत्र शीतलू राम की तहआरीर पर रिपोर्ट दर्ज हुई। वादी का कथन था कि सात अप्रैल 1995 को पंचायत चुनाव के दौरान उसकी ड्यूटी भावरकोल गांव में पीठासीन अधिकारी के रुप लगी थी। बूथ में भावरकोल गांव के राजेंद्र प्रसाद सिंह पुत्र चंद्रदेव सिंह, प्रदीप कुमार सिंह पुत्र उदयभान सिंह, कृष्णानंद सिंह पुत्र सर्वदेव सिंह, अम्बरीश सिंह पुत्र राजेंद्र प्रसाद सिंह तथा अनूप सिंह ने फर्जी मतदान का आरोप लगाते हुए मारपीट की और जातिसूचक शब्दों को प्रयोग किया। पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज कर बाद विवेचना आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया। कोर्ट में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी रामध्यान पांडेय ने आठ गवाहों को पेश किया। एडीजे ने दोनों पक्षों के तर्को को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद सजा सुनाई।
विज्ञापन
मामले के अनुसार सरायलखंसी थाना क्षेत्र के नसीरपुर गांव निवासी लोचन राम पुत्र शीतलू राम की तहआरीर पर रिपोर्ट दर्ज हुई। वादी का कथन था कि सात अप्रैल 1995 को पंचायत चुनाव के दौरान उसकी ड्यूटी भावरकोल गांव में पीठासीन अधिकारी के रुप लगी थी। बूथ में भावरकोल गांव के राजेंद्र प्रसाद सिंह पुत्र चंद्रदेव सिंह, प्रदीप कुमार सिंह पुत्र उदयभान सिंह, कृष्णानंद सिंह पुत्र सर्वदेव सिंह, अम्बरीश सिंह पुत्र राजेंद्र प्रसाद सिंह तथा अनूप सिंह ने फर्जी मतदान का आरोप लगाते हुए मारपीट की और जातिसूचक शब्दों को प्रयोग किया। पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज कर बाद विवेचना आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया। कोर्ट में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी रामध्यान पांडेय ने आठ गवाहों को पेश किया। एडीजे ने दोनों पक्षों के तर्को को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद सजा सुनाई।
विज्ञापन