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बागियों और समर्थकों पर शिकंजा की तैयारी
Updated Mon, 11 Dec 2017 11:21 PM IST
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मऊ। निकाय चुनाव में जनपद के आठ नगर पंचायतों में भाजपा के अधिकृत प्रत्याशियों के विरुद्ध विद्रोह कर चुनाव लड़ने वालों के खिलाफ पार्टी ने अंकुश लगाना शुरू कर दिया है। इनके विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करने के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन कर दिया है। यह समिति बागी प्रत्याशियों का खुलकर समर्थन करने वालों को चिह्नित करके अपनी रिपोर्ट जिला कार्यकारिणी को देगी। समिति की रिपोर्ट के आधार पर जनपदीय कार्यकारिणी ऐसे लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की संस्तुति पार्टी के प्रदेश नेतृत्व को करेगी। समिति में जिला उपाध्यक्ष द्वय गणेश सिंह ,संतोष सिंह और जिला महामंत्री रामाश्रय मौर्य को शामिल किया गया है।
बता दें कि नगर निकाय चुनाव में जनपद की एक नगर पालिका और नौ नगर पंचायतों में भाजपा ने अपने प्रत्याशी उतारे थे। लेकिन टिकट न मिलने से अधिकांश दावेदार नाराज हो गए और उन्होंने बागी रुखकर अख्तियार कर लिया। बागियों ने न सिर्फ नामांकन किया अपितु जमकर चुनाव भी लड़े। इन बागी प्रत्याशियों को मजबूत समर्थक भी अच्छी खासी संख्या में हो गए। इन समर्थकों ने भाजपा का खेल बिगाड़ दिया। नतीजा हुआ कि केवल दोहरीघाट नगर पंचायत अध्यक्ष पद पर ही भाजपा जैसे तैसे जीत हासिल कर पाई। इस चुनाव में पालिका सहित सभी नौ नगर पंचायतों यानी कोपागंज , घोसी , वलीदपुर,चिरैयाकोट, मुहम्मदाबाद गोहना अमिला, अदरी और मधुबन में अध्यक्ष पदों पर भाजपा को हार का सामना करना पड़ा।
इन चुनाव नतीजों ने पार्टी की बड़ी किरकिरी करा दी। चुनाव नतीजों से स्तब्ध पार्टी नेताओं ने बैठक बुलाकर चिंतन मंथन किया। बागियों की करतूत की सूचना प्रदेश नेेताओं को दे दी गई। जिलाध्यक्ष सुनील कुमार गुप्त ने बागियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की अपनी संस्तुति करते हुए प्रदेश नेतृत्व को भेज दिया। भाजपा जिलाध्यक्ष ने बताया कि बागियों के चलते पार्टी को काफी नुकसान उठाना पड़ा है। पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले बागी प्रत्याशियों तथा उनका खुलकर समर्थन करने वाले पार्टी कार्यकर्ताओं एवं नेताओं के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही एवं पार्टी से निष्कासन की संस्तुति क्षेत्र और प्रदेश नेतृत्व को कर दी गई है। उन्होंने कहा है कि इस दौरान ऐसे लोग पार्टी के झंडा सिंबल प्रयोग करने के लिए अधिकृत नहीं होंगे।
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बता दें कि नगर निकाय चुनाव में जनपद की एक नगर पालिका और नौ नगर पंचायतों में भाजपा ने अपने प्रत्याशी उतारे थे। लेकिन टिकट न मिलने से अधिकांश दावेदार नाराज हो गए और उन्होंने बागी रुखकर अख्तियार कर लिया। बागियों ने न सिर्फ नामांकन किया अपितु जमकर चुनाव भी लड़े। इन बागी प्रत्याशियों को मजबूत समर्थक भी अच्छी खासी संख्या में हो गए। इन समर्थकों ने भाजपा का खेल बिगाड़ दिया। नतीजा हुआ कि केवल दोहरीघाट नगर पंचायत अध्यक्ष पद पर ही भाजपा जैसे तैसे जीत हासिल कर पाई। इस चुनाव में पालिका सहित सभी नौ नगर पंचायतों यानी कोपागंज , घोसी , वलीदपुर,चिरैयाकोट, मुहम्मदाबाद गोहना अमिला, अदरी और मधुबन में अध्यक्ष पदों पर भाजपा को हार का सामना करना पड़ा।
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इन चुनाव नतीजों ने पार्टी की बड़ी किरकिरी करा दी। चुनाव नतीजों से स्तब्ध पार्टी नेताओं ने बैठक बुलाकर चिंतन मंथन किया। बागियों की करतूत की सूचना प्रदेश नेेताओं को दे दी गई। जिलाध्यक्ष सुनील कुमार गुप्त ने बागियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की अपनी संस्तुति करते हुए प्रदेश नेतृत्व को भेज दिया। भाजपा जिलाध्यक्ष ने बताया कि बागियों के चलते पार्टी को काफी नुकसान उठाना पड़ा है। पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले बागी प्रत्याशियों तथा उनका खुलकर समर्थन करने वाले पार्टी कार्यकर्ताओं एवं नेताओं के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही एवं पार्टी से निष्कासन की संस्तुति क्षेत्र और प्रदेश नेतृत्व को कर दी गई है। उन्होंने कहा है कि इस दौरान ऐसे लोग पार्टी के झंडा सिंबल प्रयोग करने के लिए अधिकृत नहीं होंगे।
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