{"_id":"5babd7dd867a557ff306dc62","slug":"111537988573-mau-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मारपीट कर गंभीर चोट पहुंचाने में सगे भाईयों सहित तीन को चार-चार वर्ष की सजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मारपीट कर गंभीर चोट पहुंचाने में सगे भाईयों सहित तीन को चार-चार वर्ष की सजा
Updated Thu, 27 Sep 2018 12:36 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मऊ। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर दो आदिल आफताब अहमद ने दलित व्यक्ति को मारपीट कर गंभीर चोटे पहुंचाने के मामले में नामजद चार आरोपियों में तीन को दोषी पाते हुए चार-चार वर्ष की सजा के साथ ही कुल दस-दस हजार रुपया अर्थदंड निर्धारित किया। अर्थदंड न देने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
मामले के अनुसार अमिला गांव निवासी सुरेंद्र की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज हुई। वादी का कथन था कि वह अनूसूचित जाति का है। पुरानी रंजिश को लेकर उसके गांव के ही आरोपीगण संजय राय और पंकज राय पुत्रगण लालबहादुर, पिंटू राय तथा लालबहादुर राय ने एक मार्च 1999 को उसके दरवाजे पर आकर गाली दिए तथा उसे मारेपीटे जिससे उसका फैक्चर हो गया। पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज कर बाद विवेचना आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया। एडीजे ने दोनों पक्षों के तर्को को सुनने के बाद आरोपीगण संजय राय, पंकज राय और पिन्टू को दोषी पाते हुए एससीएसटी एक्ट में 4-4 वर्ष की सजा के साथ ही 10-10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। आरोपी लालबहादुर की मौत हो जाने के चलते उसके विरुद्व मुकदमें की कार्यवाही समाप्त कर दी गई।
विज्ञापन
मामले के अनुसार अमिला गांव निवासी सुरेंद्र की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज हुई। वादी का कथन था कि वह अनूसूचित जाति का है। पुरानी रंजिश को लेकर उसके गांव के ही आरोपीगण संजय राय और पंकज राय पुत्रगण लालबहादुर, पिंटू राय तथा लालबहादुर राय ने एक मार्च 1999 को उसके दरवाजे पर आकर गाली दिए तथा उसे मारेपीटे जिससे उसका फैक्चर हो गया। पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज कर बाद विवेचना आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया। एडीजे ने दोनों पक्षों के तर्को को सुनने के बाद आरोपीगण संजय राय, पंकज राय और पिन्टू को दोषी पाते हुए एससीएसटी एक्ट में 4-4 वर्ष की सजा के साथ ही 10-10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। आरोपी लालबहादुर की मौत हो जाने के चलते उसके विरुद्व मुकदमें की कार्यवाही समाप्त कर दी गई।
विज्ञापन