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एससीएसटी एक्ट के विरोध में किया धरना प्रदर्शन
Updated Wed, 19 Sep 2018 11:49 PM IST
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मऊ। केंद्र सरकार द्वारा एससी/एसटी कानून में किए गए संशोधन के खिलाफ मधुबन तहसील मुख्यालय स्थित शहीद स्मारक पर क्षत्रिय महासभा की तरफ से धरना प्रदर्शन का आयोजन किया गया। विरोध प्रदर्शन में जुटे लोगों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी किया। साथ ही इस काले कानून को बदलने की मांग किया।
वक्ताओं ने कहा कि एससीएसटी एक्ट में किए गए संशोधन से एक तरफ जहां जातीय संघर्ष छिड़ने की संभावना प्रबल हो गई हैं, वहीं सवर्ण के साथ पिछड़ा वर्ग भी भयभीत हैं। भारतीय क्षत्रिय एकता मंच के नेतृत्व में आयोजत किए गए इस आंदोलन में शामिल लोगों ने पांच मांगों को रखा। किसान नेता राकेश सिंह ने कहा कि हत्या, घोटाला पर, जमानत तो मिल जाएगी। लेकिन यदि कोई व्यक्ति गलत तरीके से यदि एससी/एसटी एक्ट में फंस जाता है, तो उसको जमानत मिलना मुश्किल है। ऐसे में जबतक इस कानून के बिल में संशोधन नहीं होगा, हम सभी लड़ाई लड़ी जारी रखेंगे।
प्रदर्शन में बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता शरद द्विवेदी ने कहा कि केंद्र द्वारा कानून को जल्द संशोधन नही किया जाएगा तो यह लड़ाई जारी रहेगी। हम लोगों को एक होकर लड़ाई लड़ना पड़ेगा। देश की कोई भी पार्टी अपना बनाने मे लगी है। इस कानून से आने वाली पीढ़ी को शिकार होना पड़ेगा।
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इस मौके पर लल्लन सिंह, राकेश सिंह, रविन्द्र नाथ यादव, मुन्नू बाबू, पप्पू सिंह, मिथिलेश सिंह, परमात्मा सिंह, अजीत पांडेय, राधेश्याम सिंह, मोती सिंह, विनोद तिवारी, श्रवण यादव, राजकुमार, अब्दुल, भिखारी आदि रहे ।
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वक्ताओं ने कहा कि एससीएसटी एक्ट में किए गए संशोधन से एक तरफ जहां जातीय संघर्ष छिड़ने की संभावना प्रबल हो गई हैं, वहीं सवर्ण के साथ पिछड़ा वर्ग भी भयभीत हैं। भारतीय क्षत्रिय एकता मंच के नेतृत्व में आयोजत किए गए इस आंदोलन में शामिल लोगों ने पांच मांगों को रखा। किसान नेता राकेश सिंह ने कहा कि हत्या, घोटाला पर, जमानत तो मिल जाएगी। लेकिन यदि कोई व्यक्ति गलत तरीके से यदि एससी/एसटी एक्ट में फंस जाता है, तो उसको जमानत मिलना मुश्किल है। ऐसे में जबतक इस कानून के बिल में संशोधन नहीं होगा, हम सभी लड़ाई लड़ी जारी रखेंगे।
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प्रदर्शन में बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता शरद द्विवेदी ने कहा कि केंद्र द्वारा कानून को जल्द संशोधन नही किया जाएगा तो यह लड़ाई जारी रहेगी। हम लोगों को एक होकर लड़ाई लड़ना पड़ेगा। देश की कोई भी पार्टी अपना बनाने मे लगी है। इस कानून से आने वाली पीढ़ी को शिकार होना पड़ेगा।
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इस मौके पर लल्लन सिंह, राकेश सिंह, रविन्द्र नाथ यादव, मुन्नू बाबू, पप्पू सिंह, मिथिलेश सिंह, परमात्मा सिंह, अजीत पांडेय, राधेश्याम सिंह, मोती सिंह, विनोद तिवारी, श्रवण यादव, राजकुमार, अब्दुल, भिखारी आदि रहे ।