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पचास से अधिक सफाई कर्मचारी है संबद्घ तो कैसे हो गांवों की सफाई
Updated Tue, 26 Dec 2017 11:13 PM IST
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मऊ। सफाई कर्मचारियों की तैनाती के बाद भी केंद्र और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना स्वच्छता मिशन गांवों में फलीभूत नहीं हो पा रहा। तैनात कर्मचारियों में से करीब पचास कर्मचारियों को कार्यालयों और आला अधिकारियों के आवास पर संबद्ध कर दिया गया है। साथ ही ब्लाकों में समान रुप से कर्मचारियों की तैनाती नहीं की गई है। डीपीआरओं ने बताया कि हाल ही में समायोजन कर कर सुधार की कोशिश की गई है। आगे दुबारा पुन: समायोजन कर स्थिति सुधारने की कवायद की जाएगी।
करीब 23 लाख की आबादी वाले मऊ जिले में साफ सफाई और अन्य सुविधाओं की बहाली के लिए नौ ब्लाक और एक नगर पालिका सहित दस नगर पंचायतें हैं। इसके अलावा मऊ में कुल 675 गांव और 92 ग्राम पंचायतें है। गांवों में साफ सफाई रखने के लिए 1749 पद सृजित कर सफाई कर्मचारियों की भर्ती की गई। लेकिन सही तरीके से ब्लाकवार कर्मचारियों की तैनाती न किए जाने से गांवों में सफाई व्यवस्था चरमरा गई है।
बताते चले घोसी ब्लाक में 185 सफाई कर्मचारियों की तैनाती की गई है, तो बड़राव में 169 कर्मचारी, परदहां में 123 कर्मचारी, दोहरीघाट ब्लाक में 173, कोपागंज ब्लाक में 166 कर्मचारी, रानीपुर ब्लाक में 290 कर्मचारी, रतनपुरा ब्लाक में 213 कर्मचारी, मोहम्मदाबाद गोहन ा ब्लाक में 204 कर्मचारी, फतेहपुर मंडाव ब्लाक में 226 कर्मचारियों की तैनाती की गई है। विभागीय सूत्रों की मानें तो विभिन्न गांवों में तैनात सफाई कर्मचारियों में से पचास को कार्यालयों और अधिकारियों के आवास से मौखिक तौर से संबद्ध किया गया है। इसकी लिखा पढ़ी तो नहीं की गई है, लेकिन कच्चे तौर पर जानकारी के लिए इसकी नोटिंग जरूर की गई है। परदहां ब्लाक पर की गई नोटिंग एक बानगी के रुप में है। जिला पंचायती राज अधिकारी शेषदेव पांडेय ने बताया कि गांवों में सफाई की अव्यवस्था को व्यवस्थित करने के लिए कार्ययोजना बनाई जा रही है। बोले कुछ कमियां थी, इसे समायोजन करके सही किया गया है। बोले जरूरत पड़ी तो पुन: समायोजन किया जाएगा। तैयार कार्ययोजना में विद्यालय, गांवों में मौजूद सार्वजनिक स्थानों की साफ सफाई करने की कार्ययोजना तैयार की गई है। जल्द इसके लिए अभियान चलाया जाएगा।
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करीब 23 लाख की आबादी वाले मऊ जिले में साफ सफाई और अन्य सुविधाओं की बहाली के लिए नौ ब्लाक और एक नगर पालिका सहित दस नगर पंचायतें हैं। इसके अलावा मऊ में कुल 675 गांव और 92 ग्राम पंचायतें है। गांवों में साफ सफाई रखने के लिए 1749 पद सृजित कर सफाई कर्मचारियों की भर्ती की गई। लेकिन सही तरीके से ब्लाकवार कर्मचारियों की तैनाती न किए जाने से गांवों में सफाई व्यवस्था चरमरा गई है।
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बताते चले घोसी ब्लाक में 185 सफाई कर्मचारियों की तैनाती की गई है, तो बड़राव में 169 कर्मचारी, परदहां में 123 कर्मचारी, दोहरीघाट ब्लाक में 173, कोपागंज ब्लाक में 166 कर्मचारी, रानीपुर ब्लाक में 290 कर्मचारी, रतनपुरा ब्लाक में 213 कर्मचारी, मोहम्मदाबाद गोहन ा ब्लाक में 204 कर्मचारी, फतेहपुर मंडाव ब्लाक में 226 कर्मचारियों की तैनाती की गई है। विभागीय सूत्रों की मानें तो विभिन्न गांवों में तैनात सफाई कर्मचारियों में से पचास को कार्यालयों और अधिकारियों के आवास से मौखिक तौर से संबद्ध किया गया है। इसकी लिखा पढ़ी तो नहीं की गई है, लेकिन कच्चे तौर पर जानकारी के लिए इसकी नोटिंग जरूर की गई है। परदहां ब्लाक पर की गई नोटिंग एक बानगी के रुप में है। जिला पंचायती राज अधिकारी शेषदेव पांडेय ने बताया कि गांवों में सफाई की अव्यवस्था को व्यवस्थित करने के लिए कार्ययोजना बनाई जा रही है। बोले कुछ कमियां थी, इसे समायोजन करके सही किया गया है। बोले जरूरत पड़ी तो पुन: समायोजन किया जाएगा। तैयार कार्ययोजना में विद्यालय, गांवों में मौजूद सार्वजनिक स्थानों की साफ सफाई करने की कार्ययोजना तैयार की गई है। जल्द इसके लिए अभियान चलाया जाएगा।
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