{"_id":"5a19b63f4f1c1b8b688b4e15","slug":"111511634495-mau-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नगवां गांव में नाली निर्माण कार्य में गोलमाल का मामला उजागर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नगवां गांव में नाली निर्माण कार्य में गोलमाल का मामला उजागर
Updated Sun, 26 Nov 2017 12:02 AM IST
विज्ञापन
रतनपुरा। ब्लाक क्षेत्र के नंगवा गांव में वर्ष 2009-10 तथा 2010-11 में मनरेगा के तहत बगैर नाली निर्माण कराए ही लाखों रुपया का भुगतान करने का मामला उजागर हुआ है। ग्रामीणों की शिकायत के बाद खंड विकास अधिकारी के निर्देश पर गांव में पहुंची तीन सदस्यीय टीम ने जांच पड़ताल कर ग्रामीणों का बयान लिया। जांच टीम द्वारा रिकार्ड खंगाले जाने से ब्लाककर्मियों में हड़कंप की स्थिति रही।
नगवा गांव में बिना कार्य कराए ही लाखों रुपये की बंदरबांट की गई है। नगवां गांव निवासी तथा शिकायतकर्ता दिनेश चौहान के मुताबिक नगवां गांव मे हरिशंकर पांडेय के घर से काली स्थान तक वर्ष 2009-10मे मनरेगा के तहत चार लाख रूपये की लागत से नाली की लागत से निर्माण कार्य कराया जाना था, लेकिन विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से बिना कार्य कराए ही चार लाख रुपये का भुगतान कर दिया गया। यही नहीं इसी कार्य लिए वर्ष2010-11में भी दो लाख 29 हजार 178 रूपये बगैर कार्य कराए ही धन का भुगतान करा लिया गया। वर्ष2010-11मे नगवां में रामबहादुर के घर से पाही तक मनरेगा के तहत नाली निर्माण पर पचास हजार 14 रुपया निकाल लिया गया है।शिकायत को गंभीरता से लेते हुए खंड विकास अधिकारी फैसल आलम ने जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम का गठन किया गया।
जांच टीम में एडीओ एजी मुन्नी लाल पाल, एडीओ सत्य नारायन यादव गिरिश चंद गुप्ता टीए को शामिल किया है। तीन सदस्यीय जांच टीम शनिवार को जब नगवा गांव में पहुंची तो गांव मे हडकंप मच गया।अभी फर्जी पोखरी खुदाई का मामला शांत नहीं हुआ था कि एक और मामला उजागर हो गया।इस बाबत खंड विकास अधिकारी फैसल आलम का कहना था कि अभी जांच रिपोर्ट मिली नहीं है। रिपोर्ट मिलने के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही धन की वसूली कराई जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
नगवा गांव में बिना कार्य कराए ही लाखों रुपये की बंदरबांट की गई है। नगवां गांव निवासी तथा शिकायतकर्ता दिनेश चौहान के मुताबिक नगवां गांव मे हरिशंकर पांडेय के घर से काली स्थान तक वर्ष 2009-10मे मनरेगा के तहत चार लाख रूपये की लागत से नाली की लागत से निर्माण कार्य कराया जाना था, लेकिन विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से बिना कार्य कराए ही चार लाख रुपये का भुगतान कर दिया गया। यही नहीं इसी कार्य लिए वर्ष2010-11में भी दो लाख 29 हजार 178 रूपये बगैर कार्य कराए ही धन का भुगतान करा लिया गया। वर्ष2010-11मे नगवां में रामबहादुर के घर से पाही तक मनरेगा के तहत नाली निर्माण पर पचास हजार 14 रुपया निकाल लिया गया है।शिकायत को गंभीरता से लेते हुए खंड विकास अधिकारी फैसल आलम ने जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम का गठन किया गया।
विज्ञापन
जांच टीम में एडीओ एजी मुन्नी लाल पाल, एडीओ सत्य नारायन यादव गिरिश चंद गुप्ता टीए को शामिल किया है। तीन सदस्यीय जांच टीम शनिवार को जब नगवा गांव में पहुंची तो गांव मे हडकंप मच गया।अभी फर्जी पोखरी खुदाई का मामला शांत नहीं हुआ था कि एक और मामला उजागर हो गया।इस बाबत खंड विकास अधिकारी फैसल आलम का कहना था कि अभी जांच रिपोर्ट मिली नहीं है। रिपोर्ट मिलने के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही धन की वसूली कराई जाएगी।
विज्ञापन