फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mau News ›   11 thousand houses were to be built but only four thousand PM houses were built

बनने थे 11 हजार मकान लेकिन बने मात्र चार हजार पीएम आवास

Sat, 24 Jul 2021 10:45 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 24 Jul 2021 10:45 PM IST
विज्ञापन
11 thousand houses were to be built but only four thousand PM houses were built
मऊ। केंद्र सरकार की तरफ से गरीबों के कल्याण के लिए शुरू की गई प्रधानमंत्री आवास योजना का क्रियान्वयन सही तरीके से होता नहीं नजर आ रहा है। वर्ष 2020-21 में 11 हजार प्रधानमंत्री आवास बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, लेकिन मात्र चार हजार प्रधानमंत्री आवास ही बन पाए हैं। ऐसे में गरीबों को खुले आसमान में जीवन यापन करना पड़ रहा है।
विज्ञापन

चौंकाने वाली बात यह है कि कई पात्र लाभार्थियों को इस योजना में शामिल नहीं किया गया है। इसका उदाहरण गत दिवस घोसी तहसील में ढ़ाढ़ाचवर गांव निवासी बबलू चौहान के रूप में देखने को मिला। जहां उसका कच्चा मकान गिरने से उनकी बुजुर्ग मां तथा पुत्री की मौत हो गई थी। चौंकाने वाली बात है कि पात्र होने के बाद उनका प्रधानमंत्री आवास के लिए आवेदन स्वीकार नहीं किया गया था।
विज्ञापन

जिले के नौ ब्लाकों में 2020-21 में 10 हजार 988 लोगों को योजना में शामिल किया गया था। आवास बनाने के लिए इसमें 10 हजार 921 के खाते में पहली किस्त भेजी गई थी। वहीं 10,609 लाभार्थियों के खाते में दूसरी जबकि 6,061 लाभार्थियों के खाते में तीसरी किस्त की राशि भेजी जा चुकी है। बावजूद वर्तमान समय तक इसमें केवल 4,049 लाभार्थियों के आवास ही पूरे हो चुके है। जबकि सभी 10921 लाभार्थियों के आवास 31 मार्च 2021 तक पूर्ण हो जाना था।
विज्ञापन
विज्ञापन

वहीं 2021-22 में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 4,916 लोगों को आवास देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसमें 3,604 स्वीकृत करते हुए पहली किस्त भी 2596 लाभार्थियों के खाते में भेजी जा चुकी है। वहीं दूसरी किस्त 21 लाभार्थियों के खाते में भेजी जा चुकी है। इससे जिम्मेदारों द्वारा मानीटरिंग को लेकर जागरूकता पता चल रही है। इतना ही नहीं इस योजना के लिए पात्र लाभार्थियों के चयन में भी लापरवाही बरती जा रही है। बीते दिनों घोसी कोतवाली में ऐसा ही मामला सामने आया।
जब ढ़ाढ़ाचवर निवासी बबलू चौहान का कच्चा मकान बारिश में गिरने से उसके परिवार के दो सदस्यों की मौत हो गई। जानकारी लेने पर पता चला कि बबलू चौहान द्वारा पीएम आवास के लिए आवेदन दिया गया था, लेकिन उसे पात्रता सूची में शामिल नहीं किया गया था। विभागीय सूत्रों की माने तो पीएम आवास के लाभार्थियों की जांच कराए जाए तो बड़ी संख्या में अपात्रों को इसमें शामिल होना पाया जाएगा।

इस मामले में परियोजना निदेशक मतस्य नाथ द्विवेदी ने बताया कि 2020-21 के प्रधानमंत्री आवास में कोरोना संक्रमण काल व त्रि-स्तरीय चुनाव के कारण आवास पूर्ण होने में देरी हुई। इसी बीच 2021-22 के भी आवास देने की प्रक्रिया भी चल रही है। प्रक्रियाएं पूरी कराई जा रही हैं। जल्द ही सभी के खाते में किस्तें भेंजकर आवास पूर्ण करा दिए जायेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed