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माइनरों में आया पानी, किसानों को राहत
Updated Sat, 27 Oct 2018 12:08 AM IST
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आखिरकार सिंचाई के अभाव में सूख रही धान की फसल की सुधि सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने ले ही लिया। अमर उजाला ने अपने 26 अक्तूबर को पेज दो पर टेल तक नहीं पहुंच रहा पानी शीर्षक से प्रमुखता से खबर प्रकाशित किया। खबर प्रकाशित होने के बाद जिला प्रशासन के निर्देश पर चचाईपार तथा बीबीपुर मुख्य माइनर में पानी छोड़ा। माइनर में पानी आने से किसानों ने राहत की सांस ली।
धान की फसल फूट रही है। जरूरत के समय माइनरों में पानी न आने से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। माइनरों में पानी छोड़ने के लिए किसान सिंचाई विभाग के अधिकारियों तथा प्रशासनिक अधिकारियों से गुहार लगा रहे थे। अमर उजाला ने किसानों की ज्वलंत समस्या को शुक्रवार को प्रमुखता से प्रकाशित किया। खबर प्रकाशित होते ही विभाग में हड़कंप की स्थिति रही। जिला प्रशासन के निर्देश पर सुबह चचाईपार तथा बीबीपुर मुख्य माइनर में पानी छोड़ा गया तो किसानों के चेहरे खिल उठे। लोग खेतों में पहुंचकर फसल की सिंचाई करने में जुट गए।
जजौली के शशांक तिवारी, कमरौली के चंद्रिका यादव, दिघेड़ा के रामनारायन सिंह, धर्मपुर के प्रमोद यादव का कहना है कि किसानों की जरूरत के समय माइनरों में पानी नहीं छोड़ा जाता है। नहर का जाल बिछने के बाद भी हम किसानों को सिंचाई सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। मांग के अनुरुप नहर में पानी छोड़ने की व्यवस्था की जाए।
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धान की फसल फूट रही है। जरूरत के समय माइनरों में पानी न आने से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। माइनरों में पानी छोड़ने के लिए किसान सिंचाई विभाग के अधिकारियों तथा प्रशासनिक अधिकारियों से गुहार लगा रहे थे। अमर उजाला ने किसानों की ज्वलंत समस्या को शुक्रवार को प्रमुखता से प्रकाशित किया। खबर प्रकाशित होते ही विभाग में हड़कंप की स्थिति रही। जिला प्रशासन के निर्देश पर सुबह चचाईपार तथा बीबीपुर मुख्य माइनर में पानी छोड़ा गया तो किसानों के चेहरे खिल उठे। लोग खेतों में पहुंचकर फसल की सिंचाई करने में जुट गए।
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जजौली के शशांक तिवारी, कमरौली के चंद्रिका यादव, दिघेड़ा के रामनारायन सिंह, धर्मपुर के प्रमोद यादव का कहना है कि किसानों की जरूरत के समय माइनरों में पानी नहीं छोड़ा जाता है। नहर का जाल बिछने के बाद भी हम किसानों को सिंचाई सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। मांग के अनुरुप नहर में पानी छोड़ने की व्यवस्था की जाए।
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