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घाघरा का जलस्तर स्थिर, बीबीपुर गांव में तीन बिस्वा उपजाऊं भूमि नदी में विलीन
Updated Wed, 05 Sep 2018 11:28 PM IST
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घाघरा का जलस्तर इधर बीच स्थिर है। लेकिन तटवर्ती इलाकों के लोगों की नींद उड़ी हुई है। घाघरा की जद में कुसुम्हा क्षेत्र के बीबीपुर गांव में रोशन यादव की तीन बिस्वा गन्ने की फसल घाघरा में विलीन हो गई। लहरें नदी के किनारों से टकरा रहीं। सरासो गांव पानी से घिर गया है। नदी बुधवार को खतरे के निशान से 50 सेमी ऊपर बह रही है।
नदी का जलस्तर स्थिर रहने के बाद भी कटान तेज होने से तटवर्ती इलाके के लोगों की परेशानी बढ़ती ही जा रही है। अपनी विलीन हो रही उपजाऊ जमीन को लोग दूर से ही निहार रहे हैं। नदी का दबाव भारत माता मंदिर, शवदाह घाट, सरस्वती मंदिर, खाकी बाबा की कुटी, जानकी घाट, दुर्गा मंदिर तथा डीह बाबा मंदिर पर बढ़ गया है। उधर घाघरा की तटवर्ती इलाके धनौली रामपुर, नई बाजार, नवली, बहादुरपुर, पतनई, सरया, गोधनी, बीबीपुर, ताहिरपुर, सरासो, जमीराचौराडीह, बेलौली, कोरौली, पाऊस, ठिकरहिया, महुआबारी, रसुलपुर, सूरजपुर सहित दर्जनों गांवों की हजारो एकड़ फसल पानी में डूबी हुई है। करीब बीस दिनों से घाघरा खतरा निशान से ऊपर बह रही। लेकिन अभी भी कटान से बचाव के उपाय न न किए जाने से लोग आक्रोशित हैं। फसलों के पानी मे डूबने से किसानों के सामने पशुओं के लिए चारे की समस्या उत्पन्न हो गई है। उधर सरासो गांव पानी से चारों तरफ से घिर गया है। जिससे लोगो को आने जाने में खासी दिक्कतें हो रहीं। बुधवार को गौरीशंकर घाट पर घाघरा का जलस्तर 70.40 मीटर रहा। इस तरफ नदी खतरा बिंदु 69.90 मीटर से 50 सेमी ऊपर बह रही है। गांव में कटान तेज होने से ग्रामीण को अनिष्ट की आशंका से बेचैन हैं।
डीएम ने किया बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा
राहत सामग्रियों का कराया वितरण
अमर उजाला ब्यूरो
दुबारी । जिलाधिकारी प्रकाश बिंदु ने अमर उजाला में छपी खबर का संज्ञान लेते हुए बुधवार को फतहपुर मंडाव ब्लाक क्षेत्र के बाढ़ पीड़ित क्षेत्र का दौरा किया। वह अधिकारियों संग धर्मपुर बिशुनपुर गांव के प्राथमिक विद्यालय बिंटोलिया पुरवा पहुंचे और अपनी देखरेख में बाढ़ पीड़ित 400 परिवारों को राहत सामग्रियों को वितरण कराया। बाढ़ पीड़ितों को बाढ़ राहत सामग्री लेने के लिए आधार कार्ड साथ में रखना अनिवार्य किया गया। ताकि सभी लाभार्थियों को बराबर बराबर राहत सामाग्री प्राप्त हो सके। राहत सामाग्री पाने वालों में मुन्नी लाल सहाद्री, चांददेव, किस्माती, विक्रम बुगिया, वसंती ,अतिराजी, चंद्रिका, जगदीश, गुड़िया, उर्मिला, तेतरी, ऊषा, तेतरी को दी गई 45 किलो की बाढ़ राहत सामग्री में आटा के साथ-साथ चावल, भुना चना, अरहर दाल ,नमक, हल्दी, मिर्ची, धनिया, मोमबत्ती, माचिस, बिस्कुट, रिफायन ऑयल के साथ आलू लाई आदि शामिल किया गया था।
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इस दौरान पुलिस अधीक्षक ललित कुमार सिंह, उप कृषि निदेशक एसपी श्रीवास्तव, बेसिक शिक्षा अधिकारी ओपी त्रिपाठी, जिला पंचायत अधिकारी यसपी सिंह, एसडीएम मधुबन निरंकार सिंह, खंड शिक्षा अधिकारी राकेश सिंह, थानाध्यक्ष मधुबन नीरज पाठक , पूर्तिनिरीक्षक जयनारायन यादव आदि लोग उपस्थित रहे।
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नदी का जलस्तर स्थिर रहने के बाद भी कटान तेज होने से तटवर्ती इलाके के लोगों की परेशानी बढ़ती ही जा रही है। अपनी विलीन हो रही उपजाऊ जमीन को लोग दूर से ही निहार रहे हैं। नदी का दबाव भारत माता मंदिर, शवदाह घाट, सरस्वती मंदिर, खाकी बाबा की कुटी, जानकी घाट, दुर्गा मंदिर तथा डीह बाबा मंदिर पर बढ़ गया है। उधर घाघरा की तटवर्ती इलाके धनौली रामपुर, नई बाजार, नवली, बहादुरपुर, पतनई, सरया, गोधनी, बीबीपुर, ताहिरपुर, सरासो, जमीराचौराडीह, बेलौली, कोरौली, पाऊस, ठिकरहिया, महुआबारी, रसुलपुर, सूरजपुर सहित दर्जनों गांवों की हजारो एकड़ फसल पानी में डूबी हुई है। करीब बीस दिनों से घाघरा खतरा निशान से ऊपर बह रही। लेकिन अभी भी कटान से बचाव के उपाय न न किए जाने से लोग आक्रोशित हैं। फसलों के पानी मे डूबने से किसानों के सामने पशुओं के लिए चारे की समस्या उत्पन्न हो गई है। उधर सरासो गांव पानी से चारों तरफ से घिर गया है। जिससे लोगो को आने जाने में खासी दिक्कतें हो रहीं। बुधवार को गौरीशंकर घाट पर घाघरा का जलस्तर 70.40 मीटर रहा। इस तरफ नदी खतरा बिंदु 69.90 मीटर से 50 सेमी ऊपर बह रही है। गांव में कटान तेज होने से ग्रामीण को अनिष्ट की आशंका से बेचैन हैं।
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डीएम ने किया बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा
राहत सामग्रियों का कराया वितरण
अमर उजाला ब्यूरो
दुबारी । जिलाधिकारी प्रकाश बिंदु ने अमर उजाला में छपी खबर का संज्ञान लेते हुए बुधवार को फतहपुर मंडाव ब्लाक क्षेत्र के बाढ़ पीड़ित क्षेत्र का दौरा किया। वह अधिकारियों संग धर्मपुर बिशुनपुर गांव के प्राथमिक विद्यालय बिंटोलिया पुरवा पहुंचे और अपनी देखरेख में बाढ़ पीड़ित 400 परिवारों को राहत सामग्रियों को वितरण कराया। बाढ़ पीड़ितों को बाढ़ राहत सामग्री लेने के लिए आधार कार्ड साथ में रखना अनिवार्य किया गया। ताकि सभी लाभार्थियों को बराबर बराबर राहत सामाग्री प्राप्त हो सके। राहत सामाग्री पाने वालों में मुन्नी लाल सहाद्री, चांददेव, किस्माती, विक्रम बुगिया, वसंती ,अतिराजी, चंद्रिका, जगदीश, गुड़िया, उर्मिला, तेतरी, ऊषा, तेतरी को दी गई 45 किलो की बाढ़ राहत सामग्री में आटा के साथ-साथ चावल, भुना चना, अरहर दाल ,नमक, हल्दी, मिर्ची, धनिया, मोमबत्ती, माचिस, बिस्कुट, रिफायन ऑयल के साथ आलू लाई आदि शामिल किया गया था।
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इस दौरान पुलिस अधीक्षक ललित कुमार सिंह, उप कृषि निदेशक एसपी श्रीवास्तव, बेसिक शिक्षा अधिकारी ओपी त्रिपाठी, जिला पंचायत अधिकारी यसपी सिंह, एसडीएम मधुबन निरंकार सिंह, खंड शिक्षा अधिकारी राकेश सिंह, थानाध्यक्ष मधुबन नीरज पाठक , पूर्तिनिरीक्षक जयनारायन यादव आदि लोग उपस्थित रहे।