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कस्तूरबा आवासीय विद्यालयों के सुरक्षा भगवान भरोसे

Wed, 29 Aug 2018 01:48 AM IST
Updated Wed, 29 Aug 2018 01:48 AM IST
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कस्तूरबा आवासीय विद्यालयों के सुरक्षा भगवान भरोसे
मऊ। देवरिया कांड के एक माह बाद भी जिले के कस्तूरबा आवासीय विद्यालयों में अध्ययनरत बालिकाओं की सुरक्षा को बेहतर नहीं बनाया जा सका है। जिले के पांच कस्तूरबा आवासीय विद्यालयों की बाउंर्ड्री नीची हैं। रात के समय सुरक्षा की जिम्मेदारी होमगार्ड तथा चौकीदार के भरोसे रहती है। इससे छात्राएं तथा शिक्षिकाएं दहशत में रहती हैं। सुविधाओं का अभाव है। शिक्षा सत्र का पांचवां माह बीतने को है अभी तक निदेशालय से नि:शुल्क पाठ्य पुस्तक नहीं आ सकी है। जिलाधिकारी ने हाल ही में रानीपुर ब्लाक के पलिगढ़ स्थित कस्तूरबा आवासीय विद्यालय का औचक निरीक्षण किया था। इसके बावजूद सुविधाओं को बहाल नहीं किया जा सका है।
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जिले के पिछड़े ब्लाकों में बालिका शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए शासन की तरफ से रतनपुरा, कोपागंज, बड़रांव, मुहम्मदाबादगोहना, रानीपुर में कस्तूरबा आवासीय विद्यालय खोला गया है। प्रत्येक विद्यालय में 100-100 बालिकाओं के लिए आवासीय सुविधा है। बड़रांव आवासीय विद्यालय में मात्र 50 बालिकाओं का नामांकन हो सका है। आवासीय विद्यालय की बाउंड्री काफी नीची है। सुरक्षा व्यवस्था दयनीय है। रात के समय सुरक्षा चौकीदार और होमगार्ड के भरोसे रहती है।
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रतनपुरा संवाददाता के अनुसार, क्षेत्र के गाढ़ा स्थित कस्तूरबा आवासीय विद्यालय बदहाल पड़ा है। विद्यालय की बाउंड्री नीची है। बाउंड्री में मुख्य द्वार पर गेट नहीं लगा है। इससे परिसर छुट्टा पशुओं का जमघट लगा रहता है। गंदगी का अंबार लगा रहता है। रानीपुर संवाददाता के अनुसार, पलिगढ़ स्थित कस्तूरबा आवासीय विद्यालय में सुरक्षा व्यवस्था दयनीय है। बाउंड्री नीची है। बालिकाओं के लिए पर्याप्त संख्या में चौकी की व्यवस्था नहीं की जा सकी है। इससे बालिकाओं को जमीन पर सोना पड़ता है। हास्टल के दो कक्षों में पंखे खराब पड़े हैं। छठी कक्षा की बालिकाओं को टाट पर बैठकर पढ़ाई करना पड़ता है। शिक्षा सत्र का पांचवां माह बीतने को है। अभी तक सातवीं कक्षा में गणित, भूगोल, तथा छठी कक्षा में गृह शिल्प की ही पुस्तक आ सकी है। पाठ्यक्रम भी बदल गया है लेकिन पुरानी पुस्तकों के सहारे जैसे तैसे पठन पाठन चल रहा है। मुहम्मदाबाद गोहना संवाददाता के अनुसार, कस्बा स्थित कस्तूरबा आवासीय विद्यालय में अध्ययनरत बालिकाओं की सुरक्षा जैसे तैैसे चल रही है। विद्यालय में बाउंड्री तक नहीं है। शिक्षिकाओं के आवास की व्यवस्था तक नहीं की जा सकी है। यही हाल अन्य कस्तूरबा आवासीय विद्यालयों का है।
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कस्तूरबा आवासीय विद्यालयों की बाउंड्री ऊंची कराकर कटीला तार लगाने, सीसीटीवी कैमरा, चौकी सहित सभी सुविधा बहाल करने के मामले में जिला अर्थ संख्याधिकारी को रिपोर्ट भेज दी गई है। - अखिलेश सिंह, जिला समन्वयक बालिका शिक्षा
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