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पुण्यतिथि पर याद किए गए सेनानी जयबहादुर सिंह
Updated Fri, 10 Aug 2018 01:48 AM IST
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भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के तत्वावधान में स्वतंत्रता आंदोलन के महान योद्धा तथा पूर्व सांसद जयबहादुर सिंह की पुण्यतिथि गुरुवार को कलेक्ट्रट परिसर स्थित प्रतिमा के समीप श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इसमें पूर्व सांसद जयबहादुर सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। साथ ही उनके सपने को साकार करने का संकल्प लिया गया।
इस मौके पर अखिल भारतीय किसान सभा के महासचिव अतुल कुमार अंजान ने कहा कि जयबहादुर सिंह का पूरा जीवन संघर्षों में बीता। छात्र जीवन में पढ़ाई छोड़कर देश के स्वतंत्रता आंदोलन में कूद पड़े। जिसमें उन्हें आठ साल की लंबी सजा हुई। जेल से छूटने के बाद वे कम्युनिस्ट पार्टी में शामिल होकर स्वतंत्र भारत में प्रदेश स्तर पर किसानों को संगठित कर जमीदारी व्यवस्था के खिलाफ लंबा संघर्ष किया। 1967 के चुनाव में वह घोसी लोकसभा के सदस्य चुने गए। उनके जीवन के बहादुरी भरे कारनामे आज भी नौजवानों को प्रेरणा देते हैं। उन्होने कहा कि जिस आजादी एवं संपन्नता दिलाने के लिए उन्होंने आजीवन संघर्ष किया। आज वह सभी चीजें दांव पर लगी हुई है। मौजूदा एनडीए सरकार की नीतियों के कारण आज देश का किसान सबसे बड़े संकट से गुजर रहा है। किसानों की न तो उपज का लाभकारी मूल्य मिल रहा है और न तो उनके कर्जें ही मॉफ किए गए। कर्ज में डूबे किसानों की आत्महत्याएं बढ़ती जा रही है। पिछले चार सालों के शासन में भाजपा और प्रधानमंत्री मोदी द्वारा चुनाव पूर्व जो भी वायदा किया उनमें से कोई भी वायदा पूरा नहीं हुआ। श्रद्धांजलि सभा को पूर्व विधायक इम्तेयाज अहमद, विनोद कुमार राय, रामअवतार सिंह,रामकुमार भारती, हेसामुद्दीन, रामनरायन सिंह, सूर्यदेव पांडेय, मुख्तार शर्मा आदि ने संबोधित किया।
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इस मौके पर अखिल भारतीय किसान सभा के महासचिव अतुल कुमार अंजान ने कहा कि जयबहादुर सिंह का पूरा जीवन संघर्षों में बीता। छात्र जीवन में पढ़ाई छोड़कर देश के स्वतंत्रता आंदोलन में कूद पड़े। जिसमें उन्हें आठ साल की लंबी सजा हुई। जेल से छूटने के बाद वे कम्युनिस्ट पार्टी में शामिल होकर स्वतंत्र भारत में प्रदेश स्तर पर किसानों को संगठित कर जमीदारी व्यवस्था के खिलाफ लंबा संघर्ष किया। 1967 के चुनाव में वह घोसी लोकसभा के सदस्य चुने गए। उनके जीवन के बहादुरी भरे कारनामे आज भी नौजवानों को प्रेरणा देते हैं। उन्होने कहा कि जिस आजादी एवं संपन्नता दिलाने के लिए उन्होंने आजीवन संघर्ष किया। आज वह सभी चीजें दांव पर लगी हुई है। मौजूदा एनडीए सरकार की नीतियों के कारण आज देश का किसान सबसे बड़े संकट से गुजर रहा है। किसानों की न तो उपज का लाभकारी मूल्य मिल रहा है और न तो उनके कर्जें ही मॉफ किए गए। कर्ज में डूबे किसानों की आत्महत्याएं बढ़ती जा रही है। पिछले चार सालों के शासन में भाजपा और प्रधानमंत्री मोदी द्वारा चुनाव पूर्व जो भी वायदा किया उनमें से कोई भी वायदा पूरा नहीं हुआ। श्रद्धांजलि सभा को पूर्व विधायक इम्तेयाज अहमद, विनोद कुमार राय, रामअवतार सिंह,रामकुमार भारती, हेसामुद्दीन, रामनरायन सिंह, सूर्यदेव पांडेय, मुख्तार शर्मा आदि ने संबोधित किया।
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