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मारपीट के मामले में एक दोषी , एक हजार रुपया अर्थदंड लगा
Updated Tue, 22 May 2018 11:08 PM IST
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अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर दो आदिल आफताब अहमद ने दलित के साथ मारपीट करने के मामले में आरोपी दीनू राय उर्फ विवेकानंद राय को दोषी पाते हुए एक हजार अर्थदंड की सजा का निर्णय सुनाया। अर्थदंड न देने पर एक माह का कारावास भुगतना होगा । मामला दोहरीघाट थाना क्षेत्र का है ।
मामले के अनुसार वादी मुकदमा रामप्रवेश की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज हुई। वादी का आरोप है कि 31 मई 2000 को बुढावर गांव के पास दीनू राय उर्फ विवेकानंद राय पुत्र सुभाष राय ने उसे जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए मारा-पीटा। वादी की तहरीर पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर वाद विवेचना आरोप कोर्ट में प्रेषित किया। कोर्ट में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए एडीजीसी फौजदारी श्रीप्रकाश यादव ने वादी सहित छह गवाहों को पेशकर अपना पक्ष रखा। बचाव पक्ष से कहा गया कि उसे झूठा फंसाया गया है। एडीजे ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने तथा केस डायरी का अवलोकन करने के बाद दीनू उर्फ विवेकानंद राय को धारा 323 भादवि के तहत दोषी पाते हुए एक हजार रुपया अर्थदंड की सजा का निर्णय सुनाया। अर्थदंड न देने पर एक माह का कारावास भुगतना होगा। वही अर्थदंड जमा हो जाने पर 80 प्रतिशत राशि घायल को देने का आदेश दिया।
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मामले के अनुसार वादी मुकदमा रामप्रवेश की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज हुई। वादी का आरोप है कि 31 मई 2000 को बुढावर गांव के पास दीनू राय उर्फ विवेकानंद राय पुत्र सुभाष राय ने उसे जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए मारा-पीटा। वादी की तहरीर पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर वाद विवेचना आरोप कोर्ट में प्रेषित किया। कोर्ट में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए एडीजीसी फौजदारी श्रीप्रकाश यादव ने वादी सहित छह गवाहों को पेशकर अपना पक्ष रखा। बचाव पक्ष से कहा गया कि उसे झूठा फंसाया गया है। एडीजे ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने तथा केस डायरी का अवलोकन करने के बाद दीनू उर्फ विवेकानंद राय को धारा 323 भादवि के तहत दोषी पाते हुए एक हजार रुपया अर्थदंड की सजा का निर्णय सुनाया। अर्थदंड न देने पर एक माह का कारावास भुगतना होगा। वही अर्थदंड जमा हो जाने पर 80 प्रतिशत राशि घायल को देने का आदेश दिया।
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