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हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट में एक को तीन वर्ष की सजा
Updated Wed, 14 Mar 2018 11:44 PM IST
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मऊ। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट नंबर एक आदिल आफताब अहमद ने पुलिस पार्टी पर प्राणघातक हमला करने और आर्म्स एक्ट के मामले में आरोपित को सुनवाई के बाद दोषी पाया। इस दौरान कोर्ट ने आरोपितों को तीन वर्ष की सजा के साथ ही कुल सात हजार रूपया अर्थदंड निर्धारित किया।
मामला मधुबन थाना क्षेत्र का है। तत्कालीन थानाध्यक्ष मधुबन प्रशांत श्रीवास्तव और अन्य पुलिस कर्मियों पर 24 अक्तूबर 2008 को बदमाशों ने जान से मारने का प्रयास करते हुए तमंचे से फायर किया था। थानाध्यक्ष की तहरीर पर पुलिस ने मधुबन थाना क्षेत्र के कमलसागर निवासी कमलेश हरिजन पुत्र शिवनाथ के विरुद्ध नामजद रिपोर्ट दर्ज कर बाद विवचेना आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित की। कोर्ट में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए एडीजीसी फौजदारी श्रीप्रकाश यादव ने कुल चार गवाहों को पेशकर अपना पक्ष रखा। बचाव पक्ष से कहा गया कि उसे झूठा फंसाया गया है। एडीजे ने दोनों पक्षों के तर्को को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपी कमलेश हरिजन को हत्या का प्रयास और आयुध अधिनियम के तहत दोषी पाया। दोषी पाए जाने के बाद हत्या का प्रयास में तीन वर्ष की सजा के साथ ही पांच हजार रूपया अर्थदंड निर्धारित किया। वहीं आयुध अधिनियम में एक वर्ष की सजा के साथ ही दो हजार रूपया अर्थदंड निर्धारित किया।
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मामला मधुबन थाना क्षेत्र का है। तत्कालीन थानाध्यक्ष मधुबन प्रशांत श्रीवास्तव और अन्य पुलिस कर्मियों पर 24 अक्तूबर 2008 को बदमाशों ने जान से मारने का प्रयास करते हुए तमंचे से फायर किया था। थानाध्यक्ष की तहरीर पर पुलिस ने मधुबन थाना क्षेत्र के कमलसागर निवासी कमलेश हरिजन पुत्र शिवनाथ के विरुद्ध नामजद रिपोर्ट दर्ज कर बाद विवचेना आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित की। कोर्ट में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए एडीजीसी फौजदारी श्रीप्रकाश यादव ने कुल चार गवाहों को पेशकर अपना पक्ष रखा। बचाव पक्ष से कहा गया कि उसे झूठा फंसाया गया है। एडीजे ने दोनों पक्षों के तर्को को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपी कमलेश हरिजन को हत्या का प्रयास और आयुध अधिनियम के तहत दोषी पाया। दोषी पाए जाने के बाद हत्या का प्रयास में तीन वर्ष की सजा के साथ ही पांच हजार रूपया अर्थदंड निर्धारित किया। वहीं आयुध अधिनियम में एक वर्ष की सजा के साथ ही दो हजार रूपया अर्थदंड निर्धारित किया।
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