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सैलून संचालकों और कारीगरों को प्रति माह दिया जाए 10 हजार
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घोसी। राष्ट्रीय नाईमहासभा उत्तर प्रदेश के प्रधान संरक्षक राजमणि शर्मा के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को संबोधित उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
इस मौके पर संगठन के प्रधान संरक्षक राजमणि शर्मा ने कहा कि लाकडाउन के चलते दो माह से अधिक समय से नाई समाज के कामगारों का काम धंधा बंद होने से घोर आर्थिक तंगी से गुजर रहे हैं।परिवार के सामने भूखमरी की स्थिति आ गई है। प्रशासन की तरफ से रोस्टर के हिसाब से दुकानों को खोलने की अनुमति दी जा रही है, लेकिन अभी तक सैलूनों को खोलने की अनुमति नहीं दी जा रही है।
लगातार दुकानें बंद रहने से परिवार का खर्च चलाना तो दूर कारीगरों को अपना खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है। अभी तक एक पाई की सहायता नहीं मिली है। आर्थिक तंगी से जुझरहे नाई समाज के कारीगरों को प्रतिमाह रु 10हजार रुपया की सहायता दिया जाए।साथ ही कारोबार संचालन की अनुमति प्रदान किया जाए।जिससे नाई समाज की आर्थिक तंगी से मुक्ति मिल सके। कहा कि इसके पूर्व भी कई बार ज्ञापन सौंपा गया, लेकिन मामले पर विचार नहीं किया जा सका है। सैलून संचालकों तथा कारीगरों की समस्या को ध्यान में रखते केश कलाकार, संचालकों, फुटपाथी तथा गांवों में दाढ़ी बाल बनाने वाले कारीगरों की समस्या का समाधान किया जाए। इस अवसर पर अरविंद कुमार शर्मा आदि शामिल रहे।
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इस मौके पर संगठन के प्रधान संरक्षक राजमणि शर्मा ने कहा कि लाकडाउन के चलते दो माह से अधिक समय से नाई समाज के कामगारों का काम धंधा बंद होने से घोर आर्थिक तंगी से गुजर रहे हैं।परिवार के सामने भूखमरी की स्थिति आ गई है। प्रशासन की तरफ से रोस्टर के हिसाब से दुकानों को खोलने की अनुमति दी जा रही है, लेकिन अभी तक सैलूनों को खोलने की अनुमति नहीं दी जा रही है।
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लगातार दुकानें बंद रहने से परिवार का खर्च चलाना तो दूर कारीगरों को अपना खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है। अभी तक एक पाई की सहायता नहीं मिली है। आर्थिक तंगी से जुझरहे नाई समाज के कारीगरों को प्रतिमाह रु 10हजार रुपया की सहायता दिया जाए।साथ ही कारोबार संचालन की अनुमति प्रदान किया जाए।जिससे नाई समाज की आर्थिक तंगी से मुक्ति मिल सके। कहा कि इसके पूर्व भी कई बार ज्ञापन सौंपा गया, लेकिन मामले पर विचार नहीं किया जा सका है। सैलून संचालकों तथा कारीगरों की समस्या को ध्यान में रखते केश कलाकार, संचालकों, फुटपाथी तथा गांवों में दाढ़ी बाल बनाने वाले कारीगरों की समस्या का समाधान किया जाए। इस अवसर पर अरविंद कुमार शर्मा आदि शामिल रहे।
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