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Health: मोटापा नहीं...फिर भी टाइप-5 डायबिटीज के शिकार हो रहे युवा; मुंह में बदबू और पेट में दर्द हैं लक्षण
Wed, 16 Apr 2025 01:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 16 Apr 2025 01:12 AM IST
सार
युवा तेजी से टाइप-5 डायबिटीज के शिकार हो रहे हैं। इसके पीछे मुख्य वजह खराब जीवनशैली है। इसको लेकर चिकित्सकों ने आगाह किया है। साथ ही किस तरह खुद को इस रोग की चपेट में आने से बचा सकते हैं, इसके बारे में भी बताया है।
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जिला अस्पताल में मरीज को देखते डॉ. सिद्धार्थ धनगर।
- फोटो : mathura
विस्तार
मथुरा में खराब जीवनशैली युवाओं को बड़ी उम्र के रोग दे रही है। उन्हें टाइप-5 डायबिटीज हो रही है। इससे पीड़ित रोगियों में इंसुलिन रेसिस्टेंट बढ़ जाता है। इससे हाइपर ग्लाइसीमिया यानी ब्लड शुगर लेवल की दिक्कत रहती है। जिला अस्पताल में इस बीमारी से पीड़ित प्रतिदिन 20-25 मरीज पहुंच रहे हैं। इसमें युवाओं की संख्या 50 फीसदी से अधिक है।
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डॉ. सिद्धार्थ धनगर ने बताया कि टाइप-5 डायबिटीज पीड़ित आने वाले रोगियों में मोटापा भी नहीं है, फिर भी ब्लड शुगर लेवल बढ़ा रहता है। इसका मुख्य कारण मैच्युरिटी ऑनसेट डायबिटीज ऑफ यंग (एमओडीवाई) है। पर्याप्त नींद, पौष्टिक आहार, नियमित व्यायाम न करने से यह दिक्कत होती है।
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डायबिटीज से हृदय, गुर्दा, लिवर आदि प्रभावित होते हैं। पेट में दर्द, वजन कम होना, डायरिया, मुंह से बदबू आना इसके मुख्य लक्षण हैं। उन्होंने बताया कि इससे बचने के लिए जरूरी है कि कम से कम सात घंटे की नींद लें। पौष्टिक खाना खाएं और शारीरिक गतिविधियां बढ़ाएं।
डायबिटीज के प्रकार
डायबिटीज टाइप-1
यह जेनेटिक रोग है। इसमें बच्चे में पैदाइशी डायबिटीज होती है। यह ऑटो इम्युन डिस्ऑर्डर है।
डायबिटीज टाइप-2
यह रोग बड़ों में मोटापा बढ़ने, संक्रमण, अग्नाशय की बीटा सेल क्षतिग्रस्त होने से होता है।
डायबिटीज टाइप-3
यह रोग अधिक ध्रुमपान, शराब पीने, अग्नाशय में कैल्शियम का जमाव होने से होता है।
डायबिटीज टाइप-4
यह डायबिटीज बुजुर्गों में होती है। इसमें शरीर की कोशिकाएं इंसुलिन से रिस्पांड नहीं करतीं।
डायबिटीज टाइप-1
यह जेनेटिक रोग है। इसमें बच्चे में पैदाइशी डायबिटीज होती है। यह ऑटो इम्युन डिस्ऑर्डर है।
डायबिटीज टाइप-2
यह रोग बड़ों में मोटापा बढ़ने, संक्रमण, अग्नाशय की बीटा सेल क्षतिग्रस्त होने से होता है।
डायबिटीज टाइप-3
यह रोग अधिक ध्रुमपान, शराब पीने, अग्नाशय में कैल्शियम का जमाव होने से होता है।
डायबिटीज टाइप-4
यह डायबिटीज बुजुर्गों में होती है। इसमें शरीर की कोशिकाएं इंसुलिन से रिस्पांड नहीं करतीं।