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यमुना की सफाई के बाद यमुना में ही छोड़ दी सिल्ट
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मथुरा। यम द्वितीया के त्योहार पर लाखों भक्त यमुना में डुबकी लगाएंगे। इस खास मौके पर यमुना स्नान के लिए गुजरात, मध्य प्रदेश सहित उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों से श्रद्धालुओं का मथुरा आना होता है, लेकिन यमुना की स्थिति इस वक्त बहुत खराब है। नमामि गंगे के तहत सिल्ट सफाई में जुटे कर्मचारी निकाली जा रही सिल्ट को फिर यमुना में ही डाल रहे हैं। इससे यमुना भक्तों में रोष व्याप्त है।
बरसात के बाद जैसे ही यमुना में पानी कम हुआ घाटों पर सिल्ट के रूप मेें गंदगी तथा काई जम गई है। कार्तिक मास मेें यमुना के ऐसे स्वरूप को देखकर श्रद्धालु आहत हैं। नमामि गंगे योजना में घाटों की सफाई कर रहे कर्मचारियों ने समस्या को और विकराल कर दिया है। सफाईकर्मी इस सिल्ट को यमुना में ही डाल रहे हैं। इसकी शिकायत भाजपा नमामि गंगे प्रकोष्ठ के महानगर अध्यक्ष विजय बहादुर सिंह तथा याची गोपेश्वर नाथ चतुर्वेदी ने एडीएम वित्त ब्रजेश कुमार से की है। इसमें यमुना मेें शुद्ध जल, सीवेज पंपिंग स्टेशन संचालन, परिक्रमा मार्ग, रेलवे अंडरपास की सफाई, अवैध पशु कटान रोकने की मांग शामिल है
। तीर्थ पुरोहित महासभा से कांतानाथ चतुर्वेदी ने बताया कि इस स्थिति से उन्होंने क्षेत्रीय विधायक ऊर्जामंत्री श्रीकांत शर्मा को अवगत कराया। आश्वासन दिया गया है कि 19 अक्तूबर इस संदर्भ में अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे।
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यम द्वितीया को राजकीय पर्व घोषित किया जाए, ज्ञापन दिया
मथुरा। यम की फांस से मुक्ति पाने के लिए मथुरा के तीर्थ विश्राम घाट पर मनाए जाने वाले यम द्वितीया पर्व को राजकीय पर्व की घोषित किए जाने की मांग की है। इस संबंध में श्री माथुर चतुर्वेद परिषद ने डीएम को गुरुवार को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में परिषद के उपाध्यक्ष राकेश तिवारी और महामंत्री संजीव कुमार ने बताया कि इस महापर्व के प्रति प्रशासन द्वारा केवल कागजी कार्यवाही की जाती है। मां यमुना को प्रदूषित करने वाले किसी भी व्यक्ति को दंडित नहीं किया जाता है। उन्होंने कहा कि 29 अक्तूबर को आयोजित होने वाले यम द्वितीय पर्व को राजकीय पर्व घोषित किया जाना चाहिए। इस अवसर पर अनिल चतुर्वेदी, गोपाल पाठक भी थे।
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बरसात के बाद जैसे ही यमुना में पानी कम हुआ घाटों पर सिल्ट के रूप मेें गंदगी तथा काई जम गई है। कार्तिक मास मेें यमुना के ऐसे स्वरूप को देखकर श्रद्धालु आहत हैं। नमामि गंगे योजना में घाटों की सफाई कर रहे कर्मचारियों ने समस्या को और विकराल कर दिया है। सफाईकर्मी इस सिल्ट को यमुना में ही डाल रहे हैं। इसकी शिकायत भाजपा नमामि गंगे प्रकोष्ठ के महानगर अध्यक्ष विजय बहादुर सिंह तथा याची गोपेश्वर नाथ चतुर्वेदी ने एडीएम वित्त ब्रजेश कुमार से की है। इसमें यमुना मेें शुद्ध जल, सीवेज पंपिंग स्टेशन संचालन, परिक्रमा मार्ग, रेलवे अंडरपास की सफाई, अवैध पशु कटान रोकने की मांग शामिल है
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। तीर्थ पुरोहित महासभा से कांतानाथ चतुर्वेदी ने बताया कि इस स्थिति से उन्होंने क्षेत्रीय विधायक ऊर्जामंत्री श्रीकांत शर्मा को अवगत कराया। आश्वासन दिया गया है कि 19 अक्तूबर इस संदर्भ में अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे।
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यम द्वितीया को राजकीय पर्व घोषित किया जाए, ज्ञापन दिया
मथुरा। यम की फांस से मुक्ति पाने के लिए मथुरा के तीर्थ विश्राम घाट पर मनाए जाने वाले यम द्वितीया पर्व को राजकीय पर्व की घोषित किए जाने की मांग की है। इस संबंध में श्री माथुर चतुर्वेद परिषद ने डीएम को गुरुवार को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में परिषद के उपाध्यक्ष राकेश तिवारी और महामंत्री संजीव कुमार ने बताया कि इस महापर्व के प्रति प्रशासन द्वारा केवल कागजी कार्यवाही की जाती है। मां यमुना को प्रदूषित करने वाले किसी भी व्यक्ति को दंडित नहीं किया जाता है। उन्होंने कहा कि 29 अक्तूबर को आयोजित होने वाले यम द्वितीय पर्व को राजकीय पर्व घोषित किया जाना चाहिए। इस अवसर पर अनिल चतुर्वेदी, गोपाल पाठक भी थे।