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यमुना एक्सप्रेस-वे हादसा: लखनऊ की लैब से दो और मृतकों की शिनाख्त

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 29 Dec 2025 12:33 AM IST
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Yamuna Expressway accident: Two more victims identified by a Lucknow lab
मथुरा। यमुना एक्सप्रेस-वे पर बलदेव इलाके में 16 दिसंबर को हुए भीषण हादसे में 19 लोगों की मौत हो गई थी। लखनऊ की फोरेंसिक लैब से दो और मृतकों की डीएनए सैंपलिंग से शिनाख्त हो गई है, लेकिन हादसे के बाद लापता महिला सहित दो लोगों की शिनाख्त सभी डीएनए नमूनों की जांच के बाद भी नहीं हो सकी है। दोनों मृतकों के परिजन परेशान हैं। पुलिस जांच कर रही है।
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यमुना एक्सप्रेस-वे पर माइल स्टोन 127 पर 16 दिसंबर को तड़के सात डबल डेकर बसें, एक रोडवेज बस और चार कारों के आपस में टकराने के बाद बसों में आग लग गई थी। हादसे में चार मृतकों के शव हादसे के दूसरे ही दिन परिजन को सौंप दिए गए। इसके बाद घटनास्थल से मिले शवों के अवशेष एकत्रित करके पुलिस ने डीएनए मैच करने के बाद शवों को सुपुर्द करना शुरू किया। ज्यादातर शवों की पहचान आगरा की फोरेंसिक लैब में हुई डीएनए जांच से हो सकी। चार मृतकों के परिजन के डीएनए के नमूनों की जांच लखनऊ की फोरेंसिक लैब में भेजे गए। लखनऊ से शनिवार की रात को दो नमूनों की मैचिंग सुदर्शन पार्क, रमेश नगर, वेस्ट दिल्ली निवासी ऋतिक यादव (26) पुत्र प्रबल यादव के रूप में हुई।
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दूसरे मृतक की शिनाख्त कानपुर के नवीन नगर, तुलसी नगर निवासी जयप्रकाश वर्मा (75) के रूप में हुई, लेकिन हादसे के बाद लापता हुई राठ, हमीरपुर की पार्वती और बाड़ी, धौलपुर के भोलू शब्बीर (26) का पता नहीं चल सका है। सभी अवशेषों का डीएनए मैच होने के बाद भी इन दोनों के अवशेष नहीं पाए गए हैं। एसपीआरए सुरेशचंद्र रावत का कहना है कि हादसे के बाद बसों में सवार पार्वती व शब्बीर का पता नहीं चल सका है। सभी अवशेषों का डीएनए मिलान होने के बाद अब कोई अवशेष भी नहीं बचा है। ऐसे में दोनों यात्रियों के बारे में सीसीटीवी और घटनास्थल के प्रत्यक्षदर्शियों के बयान लिए जाएंगे।
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पार्वती ने दोनों बच्चों को निकाला था, लेकिन खुद फंस गई थीं
मथुरा। हादसे में जलती बस में से पार्वती ने अपने बेटे-बेटी को बस से नीचे धकेल दिया था, लेकिन खुद लपटों में घिर गई थीं और बाहर नहीं आ सकीं। यह बातें हादसे के बाद उनके बेटे-बेटी ने पुलिस को बताई थीं। तब से पार्वती के पति, बच्चे और अन्य परिजन मथुरा के कई बार चक्कर काट चुके हैं। परिजन ने डीएनए के लिए सैंपल भी दिए थे। इसी तरह भोलू शब्बीर की बहन सितारा सहित अन्य परिजन ने सैंपल दिए थे। वह भी मथुरा में कई बार आ चुके हैं, लेकिन दोनों का डीएनए मैच नहीं होने के कारण वह और परेशान हो गए हैं।
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