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यमुना भक्तों ने किया अंतिम दम तक लड़ाई का शंखनाद
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मथुरा। यमुना जल के हक की लड़ाई का यमुना भक्तों ने कात्यायनी (चैंचा) घाट पर यमुना की अविरल धारा में पुष्प सहस्त्रार्चन पूजन कर अंतिम दम तक यमुना के हक की लड़ाई का शंखनाद मंगलवार को उपवास से किया। यह 41 दिनों तक जारी रहेगा। दर्जनों यमुना भक्तों के सहित कार्यक्रम की शुरुआत हुई। यमुना के आमरण सेवा का संकल्प लेते हुए यमुना जल लाओ अभियान के संस्थापक अध्यक्ष मुकेश चतुर्वेदी एडवोकेट ने कहा कि जब तक हमारे हक का जल नहीं मिलेगा, यह लड़ाई जारी रहेगी ।
उन्होंने बताया की 41 दिवस तक उपवास (अनशन) से सभी यमुना भक्तों में जन जागरण फैलाकर इस लड़ाई को जन आंदोलन बनाना है। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग करते हुए कहा कि यमुना नदी को राष्ट्रीय नदी घोषित करें और यमुना के जन्मोत्सव के दिन सरकारी अवकाश घोषित हो, साथ ही वृंदावन से लेकर गोकुल तक यमुना के प्राचीन घाटों के सहारे पाइप लाइन डाली जाए।
उन्होंने कहा कि विश्व के सबसे बड़े 40 लाख करोड़ रुपए के यमुना प्रदूषण घोटाले की सीबीआई एवं न्यायिक जांच हो तथा दोषियों को दंड मिले। पार्षद रामदास चतुर्वेदी, धर्मेंद्र चतुर्वेदी एवं संजय महल चतुर्वेदी ने सभी भक्तों से आह्वान किया है कि हमें अपना कर्तव्य निभाना है, यमुना को लाना है। हर घर हर व्यक्ति को इस आंदोलन से जुड़ना पड़ेगा ,तभी हम अपने कार्य में सफल हो पाएंगे।
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इस अवसर पर सुदामा लाल पाठक बुएगुरु, उपेंद्र चतुर्वेदी, संजय महल चतुर्वेदी, वासुदेव बरेली चतुर्वेदी , नरोत्तम चतुर्वेदी, सर्वोत्तम चतुर्वेदी ,धीरज डिब्बी चतुर्वेदी, अरविंद अणुआ चतुर्वेदी, विजय चौधरी , विष्णु यादव, नरेंद्र बए चतुर्वेदी, अरुण शर्मा, गिरधर तिवारी, नटवर तिवारी थे।
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उन्होंने बताया की 41 दिवस तक उपवास (अनशन) से सभी यमुना भक्तों में जन जागरण फैलाकर इस लड़ाई को जन आंदोलन बनाना है। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग करते हुए कहा कि यमुना नदी को राष्ट्रीय नदी घोषित करें और यमुना के जन्मोत्सव के दिन सरकारी अवकाश घोषित हो, साथ ही वृंदावन से लेकर गोकुल तक यमुना के प्राचीन घाटों के सहारे पाइप लाइन डाली जाए।
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उन्होंने कहा कि विश्व के सबसे बड़े 40 लाख करोड़ रुपए के यमुना प्रदूषण घोटाले की सीबीआई एवं न्यायिक जांच हो तथा दोषियों को दंड मिले। पार्षद रामदास चतुर्वेदी, धर्मेंद्र चतुर्वेदी एवं संजय महल चतुर्वेदी ने सभी भक्तों से आह्वान किया है कि हमें अपना कर्तव्य निभाना है, यमुना को लाना है। हर घर हर व्यक्ति को इस आंदोलन से जुड़ना पड़ेगा ,तभी हम अपने कार्य में सफल हो पाएंगे।
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इस अवसर पर सुदामा लाल पाठक बुएगुरु, उपेंद्र चतुर्वेदी, संजय महल चतुर्वेदी, वासुदेव बरेली चतुर्वेदी , नरोत्तम चतुर्वेदी, सर्वोत्तम चतुर्वेदी ,धीरज डिब्बी चतुर्वेदी, अरविंद अणुआ चतुर्वेदी, विजय चौधरी , विष्णु यादव, नरेंद्र बए चतुर्वेदी, अरुण शर्मा, गिरधर तिवारी, नटवर तिवारी थे।