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वृंदावन पर ७० करोड़ रुपये खर्च करेगी विश्व बैंक
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मथुरा। वृंदावन में श्रीबांकेबिहारी के शृंगार की वस्तुएं बनाने और उन्हें बेचने वालों को अब जल्द ही बड़ा बाजार मिलने जा रहा है। विश्व बैंक की सहायता से इससे जुड़े कारीगरों को न सिर्फ प्रशिक्षित किया जाएगा बल्कि उनके द्वारा बनाए जा रहे सामान को बेचने के लिए बड़ा मार्केट तैयार किया जाएगा। इस पर विश्वबैंक ७० करोड़ रुपये खर्च करने जा रही है। इसकी शुरूआत इसी माह पर्यटन मंत्री वृंदावन आकर करेंगे।
श्रीबांकेबिहारी की नगरी वृंदावन में बडे़ स्तर पर ठाकुर जी के शृंगार से जुड़ी वस्तुओं का उत्पादन होता है। इसमें कंठी माला, पोशाक, मुकुट सहित हाथ से बनने वाली विभिन्न वस्तुएं शामिल हैं। इन वस्तुओं को बनाने में करीब पांच हजार लोग जुडे़ हुए हैं। हाथ से तैयार होने वाली शृंगार की यह सामग्री वृंदावन से देश ही नहीं विदेशों में भी भेजी जाती है। इसका बड़ा कारोबार यहां हो रहा है।
अब इसका लाभ उन मजदूरों तक पहुंचाने की योजना है, जो घर में बैठकर बच्चों के साथ श्रीबांकेबिहारी के शृंगार की वस्तुओं को पीढ़ी दर पीढ़ी बनाते आ रहे हैं। इस योजना के लिए विश्व बैंक ७० करोड़ की राशि उपलब्ध करा रही है। इसके तहत मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण वृंदावन पानीगांव रोड पर सौ सैय्या हास्पिटल के निकट मार्केट तैयार करेगा। यहां कंठी माला, पोशाक, मुकुट आदि वस्तुओं की बिक्री इस कार्य से जुडे़ लोग खुद कर सकेंगे।
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इस कार्य में मजदूरों को और निपुण बनाने के लिए गौरा नगर, रतन छतरी और गांव जैत में रिसोर्स सेंटर की स्थापना भी की जाएगी। इसकी जानकारी देते हुए विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष नगेंद्र प्रताप ने बताया कि विश्व बैंक द्वारा पोषित इस कार्य की शुरूआत करने के लिए इसी माह पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह वृंदावन आएंगे।
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श्रीबांकेबिहारी की नगरी वृंदावन में बडे़ स्तर पर ठाकुर जी के शृंगार से जुड़ी वस्तुओं का उत्पादन होता है। इसमें कंठी माला, पोशाक, मुकुट सहित हाथ से बनने वाली विभिन्न वस्तुएं शामिल हैं। इन वस्तुओं को बनाने में करीब पांच हजार लोग जुडे़ हुए हैं। हाथ से तैयार होने वाली शृंगार की यह सामग्री वृंदावन से देश ही नहीं विदेशों में भी भेजी जाती है। इसका बड़ा कारोबार यहां हो रहा है।
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अब इसका लाभ उन मजदूरों तक पहुंचाने की योजना है, जो घर में बैठकर बच्चों के साथ श्रीबांकेबिहारी के शृंगार की वस्तुओं को पीढ़ी दर पीढ़ी बनाते आ रहे हैं। इस योजना के लिए विश्व बैंक ७० करोड़ की राशि उपलब्ध करा रही है। इसके तहत मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण वृंदावन पानीगांव रोड पर सौ सैय्या हास्पिटल के निकट मार्केट तैयार करेगा। यहां कंठी माला, पोशाक, मुकुट आदि वस्तुओं की बिक्री इस कार्य से जुडे़ लोग खुद कर सकेंगे।
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इस कार्य में मजदूरों को और निपुण बनाने के लिए गौरा नगर, रतन छतरी और गांव जैत में रिसोर्स सेंटर की स्थापना भी की जाएगी। इसकी जानकारी देते हुए विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष नगेंद्र प्रताप ने बताया कि विश्व बैंक द्वारा पोषित इस कार्य की शुरूआत करने के लिए इसी माह पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह वृंदावन आएंगे।