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Mathura News: पंचायत घरों में मिटेगी दूरी, साथ बैठेंगे फरियादी और अधिकारी
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मथुरा। ग्राम पंचायतों में अधिकारी और फरियादियों के बीच की दूरी खत्म करने के लिए राउंड टेबल लगाई जा रही है। बड़े पंचायत घर में बड़ी जबकि छोटे पंचायत घर में उसके अनुरूप टेबल लगाई जा रही है। मकसद यह है कि सब एक साथ बैठें। सबको बराबरी का अहसास हो।
पंचायत घरों का माहौल धीमे-धीमे कर बदल रहा है। जनपद के 22 पंचायत घरों में राउंड टेबल लगाने का काम पूरा हो गया है। इनमें ग्राम पंचायत अडींग, भदनवारा, ततरौता, अरुआ बांगर और जावरा शामिल हैं। पंचायत घरों में राउंड टेबल लगाने में 10 से 20 हजार रुपये खर्च किए गए हैं। इसका सबसे बड़ा फायदा ये सामने आ रहा है कि प्रधान और ग्रामीण साथ बैठ रहे है।
बराबरी के अहसास पर आपस में बात कर रहे हैं। समस्याओं पर साथ बैठकर चर्चा की जा रही है। राउंड टेबल पर अधिकारी और फरियादियों के बैठने के लिए एक जैसी व्यवस्था की गई है। सबकी कुर्सियां एक जैसी है। पंचायत घर में लगातार बैठकें हो रही हैं। ग्राम पंचायत के विकास को लेकर आम और खास साथ बैठकर अपनी राय जाहिर कर रहे हैं।
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पहले नहीं थी ऐसी व्यवस्था
पंचायत घरों में पहले ऐसी व्यवस्था नहीं थी। अधिकारी और प्रधान के बैठने के लिए अलग कुर्सी-मेज रहती थी। जबकि फरियादी के बैठने के लिए साधारण इंतजाम था। नई व्यवस्था में सभी को बैठने के लिए समान स्थान दिया जा रहा है। जिन पंचायत घरों में राउंड टेबल नहीं है। वहां आज भी अधिकारी और फरियादियों के बैठने के लिए अलग-अलग इंतजाम है।
पंचायत घरों में राउंड टेबल लगवाई जा रही है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह मिल रहा है कि सब बराबर में बैठकर बात कर रहे हैं। फरियादियों को अधिकारियों के साथ बैठकर अपनी बात कहने का मौका मिल रहा है।
किरन चौधरी, जिला पंचायत राज अधिकारी
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पंचायत घरों का माहौल धीमे-धीमे कर बदल रहा है। जनपद के 22 पंचायत घरों में राउंड टेबल लगाने का काम पूरा हो गया है। इनमें ग्राम पंचायत अडींग, भदनवारा, ततरौता, अरुआ बांगर और जावरा शामिल हैं। पंचायत घरों में राउंड टेबल लगाने में 10 से 20 हजार रुपये खर्च किए गए हैं। इसका सबसे बड़ा फायदा ये सामने आ रहा है कि प्रधान और ग्रामीण साथ बैठ रहे है।
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बराबरी के अहसास पर आपस में बात कर रहे हैं। समस्याओं पर साथ बैठकर चर्चा की जा रही है। राउंड टेबल पर अधिकारी और फरियादियों के बैठने के लिए एक जैसी व्यवस्था की गई है। सबकी कुर्सियां एक जैसी है। पंचायत घर में लगातार बैठकें हो रही हैं। ग्राम पंचायत के विकास को लेकर आम और खास साथ बैठकर अपनी राय जाहिर कर रहे हैं।
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पहले नहीं थी ऐसी व्यवस्था
पंचायत घरों में पहले ऐसी व्यवस्था नहीं थी। अधिकारी और प्रधान के बैठने के लिए अलग कुर्सी-मेज रहती थी। जबकि फरियादी के बैठने के लिए साधारण इंतजाम था। नई व्यवस्था में सभी को बैठने के लिए समान स्थान दिया जा रहा है। जिन पंचायत घरों में राउंड टेबल नहीं है। वहां आज भी अधिकारी और फरियादियों के बैठने के लिए अलग-अलग इंतजाम है।
पंचायत घरों में राउंड टेबल लगवाई जा रही है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह मिल रहा है कि सब बराबर में बैठकर बात कर रहे हैं। फरियादियों को अधिकारियों के साथ बैठकर अपनी बात कहने का मौका मिल रहा है।
किरन चौधरी, जिला पंचायत राज अधिकारी