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Mathura News: अपने नहीं आ पाए तो पड़ोसी बने रिश्तेदार, बुजुर्ग का कराया अंतिम संस्कार
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मथुरा। कान्हा को स्पर्श करती हुईं यमुना महारानी।
- फोटो : mathura
वृंदावन। यमुना का बढ़ता जलस्तर जहां चारों ओर कहर बरपा रहा है, तो वहीं इस संकट की घड़ी में मानवता की एक मार्मिक मिसाल भी सामने आई है। परिक्रमा मार्ग की संत कॉलोनी में रहने वाले एक बुजुर्ग की मृत्यु के बाद पड़ोसियों ने मानवता का फर्ज निभाया। बाढ़ के बीच पानी में से ही वह उनके शव को लेकर अंतिम संस्कार के लिए पहुंचे।
जानकारी के अनुसार, वृद्ध दंपती अकेले रहते थे, जबकि उनका पूरा परिवार कोलकाता में निवास करता है। ऐसे में वृद्ध की अचानक मृत्यु हो गई। जब परिजन नहीं आ पाए तो आसपास के लोग यह देखकर भावुक हो गए कि कोई अपना नहीं है जो उनकी अंतिम यात्रा पूरी करा सके। पड़ोसियों ने आगे बढ़कर रिश्तों से ऊपर उठते हुए इंसानियत का धर्म निभाया। उन्होंने अंतिम संस्कार की पूरी जिम्मेदारी ली और बाढ़ के पानी से लबालब रास्तों से होते हुए लगभग दो किलोमीटर की दूरी तय कर शव को मोक्षधाम तक पहुंचाया।
मोक्षधाम परिसर भी जलमग्न था, लेकिन इससे लोगों की संवेदनशीलता और सेवा भाव में कोई कमी नहीं आई। गले तक पानी में उतरकर अंतिम संस्कार की सभी विधियां पूरी की गईं।
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जानकारी के अनुसार, वृद्ध दंपती अकेले रहते थे, जबकि उनका पूरा परिवार कोलकाता में निवास करता है। ऐसे में वृद्ध की अचानक मृत्यु हो गई। जब परिजन नहीं आ पाए तो आसपास के लोग यह देखकर भावुक हो गए कि कोई अपना नहीं है जो उनकी अंतिम यात्रा पूरी करा सके। पड़ोसियों ने आगे बढ़कर रिश्तों से ऊपर उठते हुए इंसानियत का धर्म निभाया। उन्होंने अंतिम संस्कार की पूरी जिम्मेदारी ली और बाढ़ के पानी से लबालब रास्तों से होते हुए लगभग दो किलोमीटर की दूरी तय कर शव को मोक्षधाम तक पहुंचाया।
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मोक्षधाम परिसर भी जलमग्न था, लेकिन इससे लोगों की संवेदनशीलता और सेवा भाव में कोई कमी नहीं आई। गले तक पानी में उतरकर अंतिम संस्कार की सभी विधियां पूरी की गईं।
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