{"_id":"5e1f23528ebc3e4b3f5c15f5","slug":"water-polution-in-yamuna-mathura-news-agr424871287","type":"story","status":"publish","title_hn":"यमुना में गिर रहे गंदे नालों के पानी को जल-नगर निगम आमने सामने","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यमुना में गिर रहे गंदे नालों के पानी को जल-नगर निगम आमने सामने
विज्ञापन
मथुरा। यमुना में गिर रहे गंदे नालों के पानी को लेकर निगम और जल निगम में खींचातानी चल रही है। दो दिन पूर्व कमिश्नर की बैठक मेें दोनों विभाग आमने-सामने आ गए थे और अधिकारियों में नोकझोंक तक हो गई। इसके बाद भी दोनों विभागों के बीच कोई हल नहीं निकल सका। बुधवार को यह मामला अमर उजाला में प्रकाशित होने के बाद एडीएम ने कलक्ट्रेट में बैठक की और इसकी जिम्मेदारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को दी है। नोडल अधिकारी ने चोक सीवरों की तथा पंपिंग स्टेशनों की जांच कराई।
यमुना में एक तरफ मकर संक्रांति पर श्रद्धालु स्नान कर रहे थे तो दूसरी और गंदे नाले गिर रहे थे। अपनी भावनाओं पर काबू करते हुए लोगों ने स्नान किया। इसे लेकर जल निगम अधिकारी कुंभकर्णी नींद सो रहे हैं तथा एक-दूसरे पर केवल आरोप-प्रत्यारोप ही लगा रहे हैं। कमिश्नर की बैठक में नगर निगम के जलकल विभाग ने कहा था कि जल निगम द्वारा पंप नहीं चलाए जा रहे हैं जिसके चलते नालों का पानी सीधा ही यमुना में जा रहा है, जबकि जल निगम के अधिकारियों ने कहा था कि चूंकि जलकल ने सीवरों की सफाई नहीं कराई है इसलिए वह पंप नहीं चलाते हैं और पंप चलाते हैं तो पानी सड़क पर आता है।
कमिश्नर ने इस संबंध में सच्चाई जानने के लिए नोडल अधिकारी एडीएम वित्त एवं राजस्व ब्रजेश कुमार को जिम्मेदारी दी थी।
यमुना में नाले गिरने का मुद्दा बुधवार को अमर उजाला में प्रकाशित होने के बाद कलक्ट्रेट पर एडीएम वित्त एवं राजस्व ने बैठक की और इसकी जिम्मेदारी प्रदूषण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. अरविंद कुमार को दी। उनके द्वारा जब स्वामीघाट से लेकर बंगाली घाट तक के मैनहॉल चेक कराए गए तो सब साफ मिले, जबकि बंगाली घाट का पंपिंग स्टेशन चेक किया गया तो वहां पर चार पंप में से केवल एक ही पंप चलता मिला। इस संबंध में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी ने बताया कि उन्होंने जांच कर ली है और इसकी रिपोर्ट बृहस्पतिवार को नोडल अधिकारी को सौंपी जाएगी।
विज्ञापन
हम सीवेज की सफाई कर रहे हैं
सीवेज की लगातार सफाई हम कर रहे हैं। स्वामी घाट से लेकर बंगाली घाट तक के मैनहॉल साफ हैं। जल निगम के पंप बंद रहते हैं जिससे यमुना में गंदा पानी सीधा गिर रहा है।
- रमेश चंद, जीएम जलकल
पंप नहीं चलाए जा रहे हैं
सीवेज साफ नहीं है इसके चलते हम पंपों को पूरे नहीं चला पा रहे हैं। बंगाली घाट पर एक पंप चलने से पूरा पानी सड़क पर आ गया यदि बाकी पंप चलाएंगे तो स्थिति और बिगड़ जाएगी।
- महाराज सिंह, परियोजना प्रबंधक, जल निगम
विज्ञापन
यमुना में एक तरफ मकर संक्रांति पर श्रद्धालु स्नान कर रहे थे तो दूसरी और गंदे नाले गिर रहे थे। अपनी भावनाओं पर काबू करते हुए लोगों ने स्नान किया। इसे लेकर जल निगम अधिकारी कुंभकर्णी नींद सो रहे हैं तथा एक-दूसरे पर केवल आरोप-प्रत्यारोप ही लगा रहे हैं। कमिश्नर की बैठक में नगर निगम के जलकल विभाग ने कहा था कि जल निगम द्वारा पंप नहीं चलाए जा रहे हैं जिसके चलते नालों का पानी सीधा ही यमुना में जा रहा है, जबकि जल निगम के अधिकारियों ने कहा था कि चूंकि जलकल ने सीवरों की सफाई नहीं कराई है इसलिए वह पंप नहीं चलाते हैं और पंप चलाते हैं तो पानी सड़क पर आता है।
विज्ञापन
कमिश्नर ने इस संबंध में सच्चाई जानने के लिए नोडल अधिकारी एडीएम वित्त एवं राजस्व ब्रजेश कुमार को जिम्मेदारी दी थी।
यमुना में नाले गिरने का मुद्दा बुधवार को अमर उजाला में प्रकाशित होने के बाद कलक्ट्रेट पर एडीएम वित्त एवं राजस्व ने बैठक की और इसकी जिम्मेदारी प्रदूषण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. अरविंद कुमार को दी। उनके द्वारा जब स्वामीघाट से लेकर बंगाली घाट तक के मैनहॉल चेक कराए गए तो सब साफ मिले, जबकि बंगाली घाट का पंपिंग स्टेशन चेक किया गया तो वहां पर चार पंप में से केवल एक ही पंप चलता मिला। इस संबंध में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी ने बताया कि उन्होंने जांच कर ली है और इसकी रिपोर्ट बृहस्पतिवार को नोडल अधिकारी को सौंपी जाएगी।
विज्ञापन
हम सीवेज की सफाई कर रहे हैं
सीवेज की लगातार सफाई हम कर रहे हैं। स्वामी घाट से लेकर बंगाली घाट तक के मैनहॉल साफ हैं। जल निगम के पंप बंद रहते हैं जिससे यमुना में गंदा पानी सीधा गिर रहा है।
- रमेश चंद, जीएम जलकल
पंप नहीं चलाए जा रहे हैं
सीवेज साफ नहीं है इसके चलते हम पंपों को पूरे नहीं चला पा रहे हैं। बंगाली घाट पर एक पंप चलने से पूरा पानी सड़क पर आ गया यदि बाकी पंप चलाएंगे तो स्थिति और बिगड़ जाएगी।
- महाराज सिंह, परियोजना प्रबंधक, जल निगम