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काली कोठी के लिए काल बन रहा खारा पानी
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नवनीत नगर मलिन बस्ती की महिलाएं समर सेविल पर पानी भरती हुईष्टड्डश्चह्लद्बशठ्ठ...
- फोटो : MATHURA
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मथुरा। शहर की काली कोठी एक ऐसा क्षेत्र है जहां पर खारा पानी पीकर लोग तंग आ गए हैं। उनमें बीमारियों होने लगी हैं। मजबूरी में लोग मीठा पानी खरीदते हैं। ताज्जुब की बात यह है कि नगर निगम गलियों में मीठे पानी के लिए पाइप लाइन डालकर भूल गया है। पाइप लाइन का कनेक्शन घरों तक भी नहीं पहुंच सका है और उन्हें सरकारी सबमर्सिबल पर खारा पानी के लिए भी लाइन लगानी पड़ रही है।
करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी निगम लोगों के घरों तक मीठा पानी तो दूर खारी पानी भी नहीं पहुंचा पाया है। वार्ड संख्या 27 स्थित काली कोठी के आसपास लोगों दोगुनी मार झेलनी पड़ रही है। पहले खारा पानी के लिए सरकारी सबमर्सिबल पर लाइन लगाओ उसके बाद मीठे पानी का इंतजाम करो। कई परिवार ऐसे भी हैं कि जिन्हें पूरे दिन में मीठे पानी की तीन या चार बोतल खरीदनी पड़ रही हैं जिससे उन्हें प्रतिदिन लगभग 50-60 रुपये मीठे पानी पर ही खर्च करने पड़ते हैं। मरता क्या न करता लोग खारे पानी के लिए लाइन भी लगा रहे हैं और मीठा पानी खरीद कर भी पी रहे हैं।
लोग बोले, आठ साल से गुहार, नहीं सुनी पुकार
देखिए मुझे दिन में मीठे पानी के लिए तीन बोतल खरीदनी पड़ती हैं प्रत्येक बोतल 15 रुपये की मिलती है कैसे काम चले। आठ साल से हम लोग मीठे पानी की गुहार कर रहे हैं कोई सुनने वाला ही नहीं है।
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- कुलभूषण सिंह
पाइप लाइन तो पड़ीं हैं पर कनेक्शन नहीं हो पा रहे हैं। कैसा सिस्टम है कि खारा पानी भी घरों तक नहीं पहुंचा पा रहे हैं। मीठा पानी तो दूर की बात है। सरकारी पैसा आता है चला जाता है कहां जाता है कोई नहीं जानता है।
- रजी अहमद
कोई भी हमारी समस्या को सुनना नहीं चाहता है। यहां तक वर्तमान पार्षद भी समस्याओं का निराकरण नहीं करा पा रहे हैं। पानी के लिए सबसे ज्यादा समस्या महिलाओं को होती है। महिलाओं को ही खारे पानी के लिए लाइन लगानी पड़ती है।
- अफसाना
कई वार्डों में लोगों को पीने के लिए गंगाजल दिया जा रहा है। हमारे वार्ड में पेयजल की समस्या का निराकरण केवल गंगाजल लाकर ही किया जा सकता है और कोई इसका निराकरण ही नहीं है।
- वकील
आठ इंच की दो बोरिंग से दिए जाएंगे घरों को कनेक्शन
आठ इंच की दो बोरिंग इस क्षेत्र मेें हो चुकी हैं। इनसे जल्द ही पानी की सप्लाई शुरू की जाएगी। इस बोरिंग से पाइप लाइनों के जरिए लोगों कनेक्शन दिए जाएंगे।
- राधेश्याम, एई जलकल
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करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी निगम लोगों के घरों तक मीठा पानी तो दूर खारी पानी भी नहीं पहुंचा पाया है। वार्ड संख्या 27 स्थित काली कोठी के आसपास लोगों दोगुनी मार झेलनी पड़ रही है। पहले खारा पानी के लिए सरकारी सबमर्सिबल पर लाइन लगाओ उसके बाद मीठे पानी का इंतजाम करो। कई परिवार ऐसे भी हैं कि जिन्हें पूरे दिन में मीठे पानी की तीन या चार बोतल खरीदनी पड़ रही हैं जिससे उन्हें प्रतिदिन लगभग 50-60 रुपये मीठे पानी पर ही खर्च करने पड़ते हैं। मरता क्या न करता लोग खारे पानी के लिए लाइन भी लगा रहे हैं और मीठा पानी खरीद कर भी पी रहे हैं।
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लोग बोले, आठ साल से गुहार, नहीं सुनी पुकार
देखिए मुझे दिन में मीठे पानी के लिए तीन बोतल खरीदनी पड़ती हैं प्रत्येक बोतल 15 रुपये की मिलती है कैसे काम चले। आठ साल से हम लोग मीठे पानी की गुहार कर रहे हैं कोई सुनने वाला ही नहीं है।
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- कुलभूषण सिंह
पाइप लाइन तो पड़ीं हैं पर कनेक्शन नहीं हो पा रहे हैं। कैसा सिस्टम है कि खारा पानी भी घरों तक नहीं पहुंचा पा रहे हैं। मीठा पानी तो दूर की बात है। सरकारी पैसा आता है चला जाता है कहां जाता है कोई नहीं जानता है।
- रजी अहमद
कोई भी हमारी समस्या को सुनना नहीं चाहता है। यहां तक वर्तमान पार्षद भी समस्याओं का निराकरण नहीं करा पा रहे हैं। पानी के लिए सबसे ज्यादा समस्या महिलाओं को होती है। महिलाओं को ही खारे पानी के लिए लाइन लगानी पड़ती है।
- अफसाना
कई वार्डों में लोगों को पीने के लिए गंगाजल दिया जा रहा है। हमारे वार्ड में पेयजल की समस्या का निराकरण केवल गंगाजल लाकर ही किया जा सकता है और कोई इसका निराकरण ही नहीं है।
- वकील
आठ इंच की दो बोरिंग से दिए जाएंगे घरों को कनेक्शन
आठ इंच की दो बोरिंग इस क्षेत्र मेें हो चुकी हैं। इनसे जल्द ही पानी की सप्लाई शुरू की जाएगी। इस बोरिंग से पाइप लाइनों के जरिए लोगों कनेक्शन दिए जाएंगे।
- राधेश्याम, एई जलकल