फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mathura News ›   Vrindavan banke bihari mandir incident house would have been demolished in time 5 lives would have been saved

UP: बांके बिहारी मंदिर के पास हुए हादसे का जिम्मेदार कौन? समय रहते गिरा दिया होता मकान तो बच जाती पांच की जान

Wed, 16 Aug 2023 08:38 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, मथुरा
अमर उजाला नेटवर्क, मथुरा Published by: शाहरुख खान Updated Wed, 16 Aug 2023 08:38 AM IST
सार

मथुरा के वृंदावन में बांके बिहारी मंदिर के पास पुरानी बिल्डिंग ढह गई। हादसे में पांच की मौत हो गई। मथुरा के वृंदावन में हुए इस हादसे का जिम्मेदार कौन है। इसकी जांच कब होगी। इस संबंध में अभी तक शासन और स्थानीय प्रशासन ने चुप्पी साध रखी है।

विज्ञापन
Vrindavan banke bihari mandir incident house would have been demolished in time 5 lives would have been saved
वृंदावन हादसा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

यूपी के मथुरा जिले के वृंदावन में एक जर्जर मकान के ढहने से उसके मलबे में दबकर पांच श्रद्धालुओं की मौत ने एक बार फिर स्थानीय प्रशासन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस हादसे के पीछे जितना जिम्मेदार जर्जर मकान का मालिक है, उससे ज्यादा जिम्मेदार नगर निगम और विकास प्राधिकरण हैं।
विज्ञापन


दरअसल, वृंदावन की कुंज गलियों मं दशकों पुराने मकान हैं। इनमें अधिकांश की स्थिति काफी जर्जर है। हैरानी भरी बात यह है कि जिन कुंज गलियों में देश-विदेश के करोड़ों श्रद्धालु आते हैं, उनमें मकान मौत बनकर खड़े हैं। इन मकानों के मालिकों को नोटिस भी जारी हो चुके हैं। 
विज्ञापन


मगर, नोटिस देने के बाद नगर निगम और विकास प्राधिकरण ने मकानों के ध्वस्तीकरण को लेकर कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। स्वतंत्रता दिवस की शाम को जैसे ही हादसा हुआ, जिले से लेकर शासन तक में हड़कंप मच गया। 
विज्ञापन
विज्ञापन


अब जिला प्रशासन कह रहा है कि पूर्व से चिन्हित जर्जर मकानों को ध्वस्त कराया जाए। इसके अलावा नये सिरे से सर्वे कराते हुए अन्य जर्जर मकान भी चिन्हित किए जाएंगे। 

जिलाधिकारी पुलकित खरे ने बताया कि जर्जर भवनों को लेकर नगर निगम और विकास प्राधिकरण द्वारा अलग अलग स्तर पर नोटिस दिए गए हैं, लेकिन संबंधित भवन स्वामी या फिर संबंधित एजेंसी द्वारा नोटिस के बाद कोई कार्रवाई नहीं की है ऐसी स्थिति में संबंधित भवनों के ध्वस्तीकरण के लिए संयुक्त टीम का गठन किया जा रहा है, यह टीमें मथुरा और वृंदावन में नोटिस वाले भवनों को गिराने की कार्रवाई को अंजाम देंगी। 

यह कार्रवाई बुधवार से ही शुरू हो जाएगी। उन्होंने बताया कि अब तक नोटिस की कार्रवाई की जद में न आने वाले ऐसे अन्य भवनों की जानकारी के लिए सर्वे भी कराया जाएगा। जिलाधिकारी ने बताया मृतकों के परिजनों को हादसे की सूचना दे दी गई। वे मथुरा पहुंच रहे हैं। मृतकों के परिजनों के आने पर पोस्टमार्टम होगा।

वृंदावन हादसे का जिम्मेदार कौन, कब होगी जांच
मथुरा के वृंदावन में हुए इस हादसे का जिम्मेदार कौन है। इसकी जांच कब होगी। इस संबंध में अभी तक शासन और स्थानीय प्रशासन ने चुप्पी साध रखी है। जबकि हादसे के पीड़ित परिवार जांच की मांग कर रहे हैं। 

उनका कहना है कि, जो भी इस हादसे का जिम्मेदार है। उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, जिससे की उनके मृतकों को इंसाफ मिल सके। इधर, हादसे के मृतकों के लिए अभी तक कोई मुआवजा राशि देने की भी घोषणा नहीं हुई है। घायलों के उपचार का खर्च उनके परिवार वाले उठाएंगे या फिर स्थानीय प्रशासन उठाएगा, इस संबंध में भी मंगलवार रात तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

वृंदावनः श्रीबांके बिहारी के दर्शन के 10 मिनट बाद ही मौत ने मार पांच श्रद्धालुओं पर झपट्टा
बताया जा रहा है कि हादसे का शिकार सभी लोग श्रीबांके बिहारी के दर्शन के कर मंदिर से महज 10 मिनट पहले ही बाहर निकले थे और दुसायत मोहल्ले के निकासी मार्ग से वापस लौट रहे थे। वहीं, पांच अन्य घायल हैं, इनकी भी हालत गंभीर है।

 

श्रीबांके बिहारी मंदिर से महज 200 मीटर दूर निकासी मार्ग पर स्थित विष्णु बाग वाला का मकान दशकों पुराना है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार पिछले दिनों आई बाढ़-बारिश के बाद मकान और भी खतरनाक स्थिति में आ गया। मंगलवार शाम को 5.45 बजे इसका छज्जा और छत की बाउंड्रीवाल भरभराकर गिर गई। 

 

नीचे से गुजर रहीं श्रद्धालु 50 वर्षीय गीता कश्यप पत्नी एसएन कश्यप निवासी जरौली फेस-2, कानपुर, अरविंद कुमार यादव (35) पुत्र बम्बुराहिया कालोनी, कानपुर नगर, रश्मि गुप्ता (40) पत्नी जितेंद्र गुप्ता जरौली फेस-2, कानपुर नगर, अंजू मुगई (50) पत्नी संदीप निवासी कृष्णा अपार्टमेंट, ओमेक्स, वृंदावन, चंदन राय (30) पुत्र हरेंद्र राय निवासी भगवानपुर, देवरिया की मकान के मलबे के नीचे दब गईं, इनकी मौके पर ही मौत हो गई। 

 

इनके अलावा 14 वर्षीय खुशीपाल पुत्र मनोज निवासी फरिया, फिरोजाबाद, 30 वर्षीय अनामिका पत्नी राहुल निवासी जरौली फेस-2, कानपुर, अकांक्षा मुगई (25) पुत्री संदीप निवासी कृष्णा अपार्टमेंट, ओमेक्स, वृंदावन, पंकज मारवा (49) पुत्र नरेंद्र कुमार मारवा निवासी अशोका एन्क्लेव, फरीदाबाद गंभीर रूप से घायल हो गए। 

वृंदावन हादसा: मृतकों के आश्रितों को 4-4 लाख रुपये मुआवजा
मथुरा जिले के वृंदावन में श्रीबांके बिहारी मंदिर से महज 200 मीटर की दूरी पर एक जर्जर मकान का छज्जा और छत की बाउंड्रीवाल ढहने से उसके मलबे में दबकर पांच श्रद्धालुओं की मौत की घटना पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने शोक संवेदना जाहिर की है। 

 

साथ ही मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये बतौर मुआवजा देने की घोषणा की है। साथ ही घायलों के निशुल्क उपचार की भी घोषणा की है। मगर, मंगलवार देर रात तक इस हादसे के पीछे कारण जानने और लापरवाहों के चेहरे सामने लाने के लिए जांच की कोई घोषणा नहीं हुई है। 

 

सीएम योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट किया है ''शोकाकुल परिजनों के प्रति संवेदनाएं हैं। जिला प्रशासन के अधिकारियों को घायलों के समुचित उपचार के निर्देश दिए हैं और उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना है।

 

डीएम पुलकित खरे ने बताया कि मुख्यमंत्री की ओर से दुखद घटना का संज्ञान लेते हुए सभी मृतकों के परिवारों को 4-4 लाख रुपये की सहायता धनराशि एवं सभी घायलों का नि:शुल्क इलाज की घोषणा की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed