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‘नासा’ में जीत के लिए ‘वोट फॉर इंडिया’

Fri, 23 Oct 2015 10:55 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला मथ्ाुरा
ब्यूरो, अमर उजाला मथ्ाुरा Updated Fri, 23 Oct 2015 10:55 PM IST
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voting for nasa campaign
एक बार फिर भारत के आध्यात्म दर्शन और ज्ञान की पताका दुनिया भर में फहराने का अवसर है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी ‘नासा’ द्वारा खोजे गए एक तारे और उसके उपग्रह के नामकरण की प्रक्रिया इसमें सहायक बनेगी। नासा ने इनका नाम दो महान विभूतियों के नाम पर रखने की घोषणा की है।
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इसके लिए विश्वभर से चयनित सात महान विभूतियों में दो नाम भारत से अखिल विश्व गायत्री परिवार के संस्थापक पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य और उनकी पत्नी भगवती देवी भी हैं। चयन के लिए 31 अक्तूबर तक ऑनलाइन वोटिंग जारी है। गायत्री परिवार के ‘वोट फॉर इंडिया’ नामक इस अभियान में अब तक लाखों लोग वोट कर चुके हैं।
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बता दें कि अमेरिका की अंतरिक्ष अनुसंधान एजेंसी ‘नासा’(नेशनल एयरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन) ने हाल ही में एक नए तारे टॉ बूटिस और उसके उपग्रह टॉ बूटिस बी की खोज की। इनके नामकरण के लिए पूरे विश्व से सात महान विभूतियों के नाम मांगे हैं।
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इसमें भारत से अखिल विश्व गायत्री परिवार के संस्थापक ‘श्रीराम मत्त’ (पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य) और उनकी पत्नी भगवती देवी शर्मा का नाम शामिल किया गया है। अखिल विश्व गायत्री परिवार के जोनल कोआर्डिनेटर उमेश कुलश्रेष्ठ के अनुसार आचार्य श्रीराम मत्त और भगवती देवी के नाम के लिए पूरा गायत्री परिवार जनसंपर्क में लगा है।

उन्होंने कहा कि यह केवल गायत्री परिवार का अभियान न होकर पूरे देश के लिए गौरव की बात है। युग निर्माण योजना गायत्री तपोभूमि मथुरा इसके लिए पैंफलेट और पत्रिका के माध्यम से प्रचार कर रही है। गायत्री परिवार के कार्यकर्ता ‘वोट फॉर इंडिया’ नाम से स्कूल, कालेज, विभिन्न सरकारी और गैरसरकारी संगठनों व घर-घर जाकर वोटिंग अपील कर रहे हैं। उमेश के अनुसार आगरा और मथुरा से अब तक लगभग 50000 लोग वोट कर इस अभियान से जुड़ चुके हैं।


पूरे भारत से वोटिंग अपील
आचार्य श्रीराम शर्मा ने भारत में आध्यात्मिक क्रांति के लिए युग निर्माण योजना की शुरूआत की थी। रिटायर्ड प्रोफेसर डा. डोरीलाल शर्मा बताते हैं कि आचार्यजी ने अपना पूरा जीवन मानवता के कल्याण में लगा दिया था। उन्होंने अपने जीवन काल में आध्यात्म पर आधारित 3200 किताबें लिखीं। इतना ही नहीं आचार्य श्रीराम शर्मा ने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में भी बढ़-चढ़कर भाग लिया।

इसके बाद उनका नाम श्रीराम ‘मत्त’ पड़ गया। डोरीलाल शर्मा कहते हैं कि अगर श्रीराम मत्त और भगवती देवी के नाम को जीत दिलाने में सफल होते हैं तो ये भारत के लिए फिर से जगतगुरु बनने की ओर कदम होगा। प्रिंटिंग प्रेस का व्यवसाय करने वाले अनिल पाठक ने भारतवासियों से अधिक से अधिक संख्या में वोट करने के लिए कहा है।  


ऐसे करें वोट
श्रीराम मत्त और भगवती देवी शर्मा को वोट करने के लिए आपको www.nameexoworlds.iau.org पर लॉग ऑन करना होगा। इसके बाद वेबसाइट पर वोट नाउ (vote now) पर क्लिक करें। यहां से आपको नए खोजे गए तारों की सूची प्राप्त होगी। इस सूची में से टॉ बूटिस खोज कर उस पर वोट के लिए क्लिक करें।


यहां चयन के लिए प्रस्तावित नाम में से श्रीराम मत्त, भगवती देवी शर्मा पर जाएं। इसके बाद इन दो नाम के पास दिया वोट बटन पर क्लिक करें। अब एक बॉक्स जिस पर आईएम नॉट रोबोट लिखा नजर आएगा। उस पर क्लिक करें। इसके बाद सबमिट बटन पर क्लिक करने से आपका वोट थैंक यू संदेश के साथ स्वीकार कर लिया जाएगा। अंतिम तिथि 31 अक्तूूबर है।
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