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गांव की समस्याओं का गांव में हो निस्तारण : भूपेंद्र सिंह
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मथुरा। पंचायतीराज मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी की अध्यक्षता में विकास कार्य एवं कानून व्यवस्था की बैठक कलक्ट्रेट सभागार में हुई। इस बैठक में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) आयुष खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग दया शंकर मिश्र एवं कारागार राज्य मंत्री सुरेश राही भी मौजूद रहे। इससे पूर्व प्रभारी मंत्री ने नगला माना का निरीक्षण भी किया। सोमवार को समीक्षा बैठक के दौरान पंचायतीराज मंत्री ने जल जीवन मिशन के बारे में जानकारी लेते हुए कहा कि सरकार की मंशा है कि हर घर नल पहुंचे। गंगा से पानी लाने के कार्य को और तेजी से किया जाए। गांव की समस्याओं का गांव में निस्तारण किया जाए।
उन्होंने सिंचाई अधिकारियों से नमामि गंगे परियोजना तथा सिंचाई एवं बाढ़ से संबंधित परियोजनाओं के कार्यों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने पशुपालन एवं नगर निकाय के अधिकारियों से निराश्रित गोवंश को सुरक्षित करने, उनके चारे की पर्याप्त व्यवस्था के निर्देश भी दिए। उन्होंने गेहूं क्रय की जानकारी एडीएम प्रशासन विजय शंकर दुबे से ली। जिला कृषि अधिकारी से खाद की उपलब्धता के बारे में पूछा। उन्होंने आयुष्मान/गोल्डन कार्ड की सुविधाओं देने से कोई पंजीकृत अस्पताल मना करता है तो उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। सामुदायिक शौचालय, पंचायत घरों की गुणवत्ता, विद्युत आपूर्ति की भी समीक्षा की।
राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) आयुष खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन दया शंकर मिश्र ने जनपद में प्रमुख मंदिर एवं भीड़भाड़ वाले स्थानों की नालियों को ढकवाने और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। राज्य मंत्री कारागार सुरेश राही ने नगर निगम के कार्यों ने मथुरा को स्मार्ट शहर बनाने पर जोर दिया। समाज कल्याण अधिकारी को निर्देश दिए कि सामूहिक विवाह योजना, कन्या सुमंगला योजना एवं अभ्युदय योजना का लाभ अधिक लोगों को दिया जाए।
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जिला पंचायत अध्यक्ष किशन सिंह, विधायक मांट राजेश चौधरी, विधायक बलदेव पूरन प्रकाश, विधायक गोवर्धन मेघश्याम सिंह, महापौर डॉ. मुकेश आर्यबंधु, एमएलसी ओमप्रकाश सिंह, जिलाध्यक्ष भाजपा मधु शर्मा, महानगर अध्यक्ष विनोद अग्रवाल, मंडलायुक्त अमित गुप्ता, जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अभिषेक यादव, नगर आयुक्त अनुनय झा, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. नितिन गौड़, डीएफओ रजनीकांत मित्तल, पुलिस अधीक्षक नगर एमपी सिंह, सीएमओ डॉ. अजय कुमार वर्मा सहित विभिन्न अधिकारी उपस्थित थे।
पर्यटन विकास की योजनाओं का हुआ प्रजेंटेशन
शासन की योजना और जनपदीय विकास परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान तीनों मंत्रियों की मौजूदगी में पर्यटन विकास की योजनाओं का भी प्रजेंटेशन किया गया। दर्शाया गया कि मथुरा नगरी पर्यटक का हब है। मथुरा जनपद में लगभग 4 करोड़ लोग सालाना आते हैं, इसे विश्व स्तरीय शहर के रूप में बनाना चाहिए। इस दौरान मंत्रियों ने जनपद में पौधरोपण, तालाब और पोखरों को सुरक्षित करने सहित वॉटर लेबल में सुधार पर ध्यान केंद्रित करने को कहा।
आप मुझे पहचाने, इतना कहते ही धक्का देकर मंत्री ने पदाधिकारी को बाहर निकाला
मथुरा। भाजपा पदाधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक करने के लिए सोमवार को प्रदेश के तीन मंत्री भूपेंद्र चौधरी, दयाशंकर सिंह व सुरेश राही मथुरा पहुंचे। सबसे पहले उन्होंने पुष्पांजलि स्थित भाजपा कार्यालय पर जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक की। उसी दौरान एक भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारी ने जाते ही अपना परिचय दिया और मंत्री से कहा कि आपने मुझे पहचाना। मंत्री का जवाब आया कि मैं क्यों पहचानूंगा। पदाधिकारी ने कह दिया कि आप इस तरह से कैसे बोल सकते हैं। इतना सुनते ही मंत्री आगबबूला हो गए और पुलिस ने उस पदाधिकारी को धक्का देकर बाहर निकलवा दिया। मंत्री द्वारा किए गए दुर्व्यवहार पर वहां बैठे जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों को काफी बुरा लगा। इसके पीछे कारण यह रहा कि जिस पदाधिकारी को बाहर निकाला गया, वह पिछले २५ साल से आरएसएस व भाजपा की सेवा कर रहे हैं। बताते हैं कि सार्वजनिक रूप से अपमानित और बेइज्जती के बाद पदाधिकारी फूट-फूटकर रोया। इस घटना को लेकर काफी चर्चा है। ब्यूरो
मॉनिटरिंग की बदल गई है व्यवस्था
दरअसल, पिछले भाजपा के कार्यकाल में एक मंत्री को किसी जिले में प्रभारी बनाकर भेजा जाता था लेकिन दूसरे कार्यकाल में मंडल स्तर पर व्यवस्था की गई है। एक प्रभारी मंत्री के साथ दो अन्य मंत्री शामिल किए गए हैं। तीनों मंत्री मंडल के जिलों में जाकर पदाधिकारियों से फीड बैक लेंगे और सरकार की मंशा के अनुरूप कार्य की समीक्षा भी करेंगे। सोमवार को इसी मकसद से प्रदेश के तीन मंत्री मथुरा पहुंचे थे।
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उन्होंने सिंचाई अधिकारियों से नमामि गंगे परियोजना तथा सिंचाई एवं बाढ़ से संबंधित परियोजनाओं के कार्यों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने पशुपालन एवं नगर निकाय के अधिकारियों से निराश्रित गोवंश को सुरक्षित करने, उनके चारे की पर्याप्त व्यवस्था के निर्देश भी दिए। उन्होंने गेहूं क्रय की जानकारी एडीएम प्रशासन विजय शंकर दुबे से ली। जिला कृषि अधिकारी से खाद की उपलब्धता के बारे में पूछा। उन्होंने आयुष्मान/गोल्डन कार्ड की सुविधाओं देने से कोई पंजीकृत अस्पताल मना करता है तो उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। सामुदायिक शौचालय, पंचायत घरों की गुणवत्ता, विद्युत आपूर्ति की भी समीक्षा की।
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राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) आयुष खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन दया शंकर मिश्र ने जनपद में प्रमुख मंदिर एवं भीड़भाड़ वाले स्थानों की नालियों को ढकवाने और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। राज्य मंत्री कारागार सुरेश राही ने नगर निगम के कार्यों ने मथुरा को स्मार्ट शहर बनाने पर जोर दिया। समाज कल्याण अधिकारी को निर्देश दिए कि सामूहिक विवाह योजना, कन्या सुमंगला योजना एवं अभ्युदय योजना का लाभ अधिक लोगों को दिया जाए।
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जिला पंचायत अध्यक्ष किशन सिंह, विधायक मांट राजेश चौधरी, विधायक बलदेव पूरन प्रकाश, विधायक गोवर्धन मेघश्याम सिंह, महापौर डॉ. मुकेश आर्यबंधु, एमएलसी ओमप्रकाश सिंह, जिलाध्यक्ष भाजपा मधु शर्मा, महानगर अध्यक्ष विनोद अग्रवाल, मंडलायुक्त अमित गुप्ता, जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अभिषेक यादव, नगर आयुक्त अनुनय झा, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. नितिन गौड़, डीएफओ रजनीकांत मित्तल, पुलिस अधीक्षक नगर एमपी सिंह, सीएमओ डॉ. अजय कुमार वर्मा सहित विभिन्न अधिकारी उपस्थित थे।
पर्यटन विकास की योजनाओं का हुआ प्रजेंटेशन
शासन की योजना और जनपदीय विकास परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान तीनों मंत्रियों की मौजूदगी में पर्यटन विकास की योजनाओं का भी प्रजेंटेशन किया गया। दर्शाया गया कि मथुरा नगरी पर्यटक का हब है। मथुरा जनपद में लगभग 4 करोड़ लोग सालाना आते हैं, इसे विश्व स्तरीय शहर के रूप में बनाना चाहिए। इस दौरान मंत्रियों ने जनपद में पौधरोपण, तालाब और पोखरों को सुरक्षित करने सहित वॉटर लेबल में सुधार पर ध्यान केंद्रित करने को कहा।
आप मुझे पहचाने, इतना कहते ही धक्का देकर मंत्री ने पदाधिकारी को बाहर निकाला
मथुरा। भाजपा पदाधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक करने के लिए सोमवार को प्रदेश के तीन मंत्री भूपेंद्र चौधरी, दयाशंकर सिंह व सुरेश राही मथुरा पहुंचे। सबसे पहले उन्होंने पुष्पांजलि स्थित भाजपा कार्यालय पर जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक की। उसी दौरान एक भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारी ने जाते ही अपना परिचय दिया और मंत्री से कहा कि आपने मुझे पहचाना। मंत्री का जवाब आया कि मैं क्यों पहचानूंगा। पदाधिकारी ने कह दिया कि आप इस तरह से कैसे बोल सकते हैं। इतना सुनते ही मंत्री आगबबूला हो गए और पुलिस ने उस पदाधिकारी को धक्का देकर बाहर निकलवा दिया। मंत्री द्वारा किए गए दुर्व्यवहार पर वहां बैठे जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों को काफी बुरा लगा। इसके पीछे कारण यह रहा कि जिस पदाधिकारी को बाहर निकाला गया, वह पिछले २५ साल से आरएसएस व भाजपा की सेवा कर रहे हैं। बताते हैं कि सार्वजनिक रूप से अपमानित और बेइज्जती के बाद पदाधिकारी फूट-फूटकर रोया। इस घटना को लेकर काफी चर्चा है। ब्यूरो
मॉनिटरिंग की बदल गई है व्यवस्था
दरअसल, पिछले भाजपा के कार्यकाल में एक मंत्री को किसी जिले में प्रभारी बनाकर भेजा जाता था लेकिन दूसरे कार्यकाल में मंडल स्तर पर व्यवस्था की गई है। एक प्रभारी मंत्री के साथ दो अन्य मंत्री शामिल किए गए हैं। तीनों मंत्री मंडल के जिलों में जाकर पदाधिकारियों से फीड बैक लेंगे और सरकार की मंशा के अनुरूप कार्य की समीक्षा भी करेंगे। सोमवार को इसी मकसद से प्रदेश के तीन मंत्री मथुरा पहुंचे थे।