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शौर्य गाथाओं से आंका जाता है देश का गौरव व चरित्र
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मथुरा। विजय दिवस की पूर्व संध्या पर शहीद सैनिक परिवार संगठन, पूर्व सैनिक संघ के संयुक्त तत्वावधान में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन शौर्य सदन राधिका विहार में किया गया।
कैप्टन हरिहर शर्मा ने कहा कि देश का गौरव और चरित्र जीडीपी से नहीं अपितु देश के वीर सपूतों की शौर्य गाथाओं से आंका जाता है। संचालन करते हुए पूर्व सैनिक संघ के महासचिव खेमचंद्र शर्मा ने कहा कि सैनिक बर्फ, तपती गर्मी और चेरापूंजी की बरसात में रहते हुए देश की रक्षा तो करते ही हैं, मातृभूमि की रक्षा में प्राणों की आहुति देने से भी नहीं चूकते हैं।
प्राकृतिक आपदाओं व कृत्रिम विपदाओं को नियंत्रित करने के लिए भी सेना को बुलाया जाता है। इसके पीछे सैनिकों का अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रभक्ति ही है। इस मौके पर पूर्व सैनिक संघ अध्यक्ष देवी चरन शर्मा, बाबू लाल ठेनुआ, मोहन सिंह, रमन लाल शर्मा आदि मौजूद रहे।
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कैप्टन हरिहर शर्मा ने कहा कि देश का गौरव और चरित्र जीडीपी से नहीं अपितु देश के वीर सपूतों की शौर्य गाथाओं से आंका जाता है। संचालन करते हुए पूर्व सैनिक संघ के महासचिव खेमचंद्र शर्मा ने कहा कि सैनिक बर्फ, तपती गर्मी और चेरापूंजी की बरसात में रहते हुए देश की रक्षा तो करते ही हैं, मातृभूमि की रक्षा में प्राणों की आहुति देने से भी नहीं चूकते हैं।
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प्राकृतिक आपदाओं व कृत्रिम विपदाओं को नियंत्रित करने के लिए भी सेना को बुलाया जाता है। इसके पीछे सैनिकों का अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रभक्ति ही है। इस मौके पर पूर्व सैनिक संघ अध्यक्ष देवी चरन शर्मा, बाबू लाल ठेनुआ, मोहन सिंह, रमन लाल शर्मा आदि मौजूद रहे।
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