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Mathura News: विचित्रा सिल्क और रजवाड़ी साड़ियां बनीं पहली पसंद
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मथुरा। बाजार में एक दुकान पर साड़ियां पसंद करतीं महिलाएं।
- फोटो : mathura
मथुरा। शादियों का सीजन यानी सजने-संवरने का दौर। यही कारण है कि बाजारों में जमकर खरीदारी हो रही है। वैवाहिक आयोजनों में शामिल होने के लिए साड़ियां, डिजाइनर सूट की दुकानों पर महिलाओं व युवतियों की भीड़ है। पारंपरिक बनारसी साड़ियों के साथ ही विचित्रा सिल्क और रजवाड़ी साड़िया पहली पसंद बनी हैं।
फरवरी से जून तक शादी के 40 से अधिक शुभ मुहूर्त हैं और जिले में दो हजार से अधिक शादियां होनी हैं। घरों को सजाने के लिए सामान के साथ कपड़ों की भी खरीदारी की जा रही है। कपड़ा बाजार में दुकानें आकर्षक डिजाइनों के कपड़ों से भरी पड़ी हैं। शहर के सेठबाड़ा, आर्यसमाज रोड, कृष्णा नगर, कोतवाली रोड, चौक बाजार सहित सभी बाजारों में इससे रौनक बढ़ गई है। बाजार में 1500 रुपये से लेकर 20 हजार रुपये तक की साड़ियां उपलब्ध हैं। सहालग अच्छा होने से व्यापारियों को भी अच्छे कारोबार होने की उम्मीद है।
पसंद आ रही डोला सिल्क की साड़ी व नेट का लांचा
वैवाहिक व मांगलिक कार्यक्रमों को लेकर भी खरीदारी बढ़ गई है। इस बार रायल सिल्क, कश्मीरी सिल्क साड़ी की बहुत मांग है। वहीं कांजीवरम, डोला सिल्क साड़ी व नेट लांचा महिलाओं की पसंद बनी हुई हैं। दुकानों में इनकी कई तरह डिजाइन व रंग मौजूद हैं। विक्रेता अमित सिंघल ने बताया कि शादी के माहौल में खासकर महिलाएं साज-सज्जा का ध्यान अधिक रखती हैं। वहीं, दुल्हन के जोड़े और साड़ियों की खरीदारी अच्छी है। विक्रेता राजेंद्र अग्रवाल का कहना है कि सहालग से ही अच्छी शुरुआत हुई है। बिक्री बढ़ी है पर अभी और तेजी आने की उम्मीद है।
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वैरायटी व उनके दाम
साड़ी-लांचा, कीमत रुपयों में
रायल सिल्क साड़ी, 1,000-7,000
बनारसी साड़ी, 1,500-10,000
डोला सिल्क साड़ी, 3,000-20,000
नेट वाली साड़ी, 1,200-5,000
कश्मीरी रेशम साड़ी, 2,000-6,000
राजस्थानी प्योर साड़ी, 2,000- 8,000
जूट साड़ी, 1500-15,000
बनारसी लांचा, 2,000- 5,000
रेशम नेट लांचा, 2,500- 8,000
जरकिन लांचा, 3,500-20,000
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फरवरी से जून तक शादी के 40 से अधिक शुभ मुहूर्त हैं और जिले में दो हजार से अधिक शादियां होनी हैं। घरों को सजाने के लिए सामान के साथ कपड़ों की भी खरीदारी की जा रही है। कपड़ा बाजार में दुकानें आकर्षक डिजाइनों के कपड़ों से भरी पड़ी हैं। शहर के सेठबाड़ा, आर्यसमाज रोड, कृष्णा नगर, कोतवाली रोड, चौक बाजार सहित सभी बाजारों में इससे रौनक बढ़ गई है। बाजार में 1500 रुपये से लेकर 20 हजार रुपये तक की साड़ियां उपलब्ध हैं। सहालग अच्छा होने से व्यापारियों को भी अच्छे कारोबार होने की उम्मीद है।
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पसंद आ रही डोला सिल्क की साड़ी व नेट का लांचा
वैवाहिक व मांगलिक कार्यक्रमों को लेकर भी खरीदारी बढ़ गई है। इस बार रायल सिल्क, कश्मीरी सिल्क साड़ी की बहुत मांग है। वहीं कांजीवरम, डोला सिल्क साड़ी व नेट लांचा महिलाओं की पसंद बनी हुई हैं। दुकानों में इनकी कई तरह डिजाइन व रंग मौजूद हैं। विक्रेता अमित सिंघल ने बताया कि शादी के माहौल में खासकर महिलाएं साज-सज्जा का ध्यान अधिक रखती हैं। वहीं, दुल्हन के जोड़े और साड़ियों की खरीदारी अच्छी है। विक्रेता राजेंद्र अग्रवाल का कहना है कि सहालग से ही अच्छी शुरुआत हुई है। बिक्री बढ़ी है पर अभी और तेजी आने की उम्मीद है।
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वैरायटी व उनके दाम
साड़ी-लांचा, कीमत रुपयों में
रायल सिल्क साड़ी, 1,000-7,000
बनारसी साड़ी, 1,500-10,000
डोला सिल्क साड़ी, 3,000-20,000
नेट वाली साड़ी, 1,200-5,000
कश्मीरी रेशम साड़ी, 2,000-6,000
राजस्थानी प्योर साड़ी, 2,000- 8,000
जूट साड़ी, 1500-15,000
बनारसी लांचा, 2,000- 5,000
रेशम नेट लांचा, 2,500- 8,000
जरकिन लांचा, 3,500-20,000