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दिवाली पर शहर में पड़ सकते हैं पानी के लाले
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मथुरा। दिवाली पर महानगर में पेयजल संकट खड़ा हो सकता है। तीन माह से वेतन का इंतजार कर रहे पंप ऑपरेटरों ने हड़ताल की चेतावनी दी है। सोमवार को वेतन न मिलने पर मंगलवार से हड़ताल पर जाने की घोषणा की है। अब तक पंप ऑपरेटर वेतन के लिए महापौर और नगर आयुक्त से गुहार लगा रहे थे।
नगर निगम क्षेत्र में जलापूर्ति के लिए लगाए गए पंपों पर लगभग 150 पंप ऑपरेटर तैनात हैं। इनको ठेकेदार द्वारा ही भुगतान किया जाता है। ठेकेदार के काम मेें अनियमितता की शिकायत पार्षदों ने निगम अधिकारियों से की थी। इसके चलते ठेकेदार का भुगतान रोक दिया गया।
इस स्थिति में ठेकेदार ने पंप ऑपरेटरों का भी भुगतान नहीं किया है। इससे आक्रोशित पंप ऑपरेटरों ने हड़ताल पर जाने का एलान किया है। पंप ऑपरेटरों ने बैठक कर निगम के अधिकारियों को चेतावनी दी है कि यदि उनको मंगलवार तक वेतन नहीं मिला तो वे सभी मिलकर निगम की जल सप्लाई का काम बंद कर देेंगे।
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उन्होंने बताया कि इसकी जानकारी वह पूर्व में महापौर तथा नगर आयुक्त को भी दे चुके हैं। महापौर डॉ. मुकेश आर्य बंधु ने बताया कि जल्द ही ठेकेदार का भुगतान किए जाने के प्रयास किए जा रहे हैं। जिससे पंप ऑपरेटरों को वेतन मिल सके।
ठेकेदार की क्या हैं अनियमितताएं
ठेकेदार द्वारा प्रत्येक पंप पर अलग-अलग समय की ड्यूटी के हिसाब से अलग-अलग पंप ऑपरेटरों की ड्यूटी दिखा रखी है, जबकि वास्तविकता यह है कि उसके द्वारा एक ही पंप ऑपरेटर से कई-कई पंपों का संचालन कराया जाता है। वहीं उसके द्वारा जो वेतन दिखाया गया है वह वेतन वास्तव में पंप ऑपरेटरों को नहीं दिया जाता है। ग्रामीण क्षेत्र में जहां पर पंप अभी तक चल भी नहीं सके वहां पर भी पंप ऑपरेटर दिखा रखे हैं। इन अनियमितताओं की जांच का जिम्मा पार्षदों को सौंपा था।
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नगर निगम क्षेत्र में जलापूर्ति के लिए लगाए गए पंपों पर लगभग 150 पंप ऑपरेटर तैनात हैं। इनको ठेकेदार द्वारा ही भुगतान किया जाता है। ठेकेदार के काम मेें अनियमितता की शिकायत पार्षदों ने निगम अधिकारियों से की थी। इसके चलते ठेकेदार का भुगतान रोक दिया गया।
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इस स्थिति में ठेकेदार ने पंप ऑपरेटरों का भी भुगतान नहीं किया है। इससे आक्रोशित पंप ऑपरेटरों ने हड़ताल पर जाने का एलान किया है। पंप ऑपरेटरों ने बैठक कर निगम के अधिकारियों को चेतावनी दी है कि यदि उनको मंगलवार तक वेतन नहीं मिला तो वे सभी मिलकर निगम की जल सप्लाई का काम बंद कर देेंगे।
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उन्होंने बताया कि इसकी जानकारी वह पूर्व में महापौर तथा नगर आयुक्त को भी दे चुके हैं। महापौर डॉ. मुकेश आर्य बंधु ने बताया कि जल्द ही ठेकेदार का भुगतान किए जाने के प्रयास किए जा रहे हैं। जिससे पंप ऑपरेटरों को वेतन मिल सके।
ठेकेदार की क्या हैं अनियमितताएं
ठेकेदार द्वारा प्रत्येक पंप पर अलग-अलग समय की ड्यूटी के हिसाब से अलग-अलग पंप ऑपरेटरों की ड्यूटी दिखा रखी है, जबकि वास्तविकता यह है कि उसके द्वारा एक ही पंप ऑपरेटर से कई-कई पंपों का संचालन कराया जाता है। वहीं उसके द्वारा जो वेतन दिखाया गया है वह वेतन वास्तव में पंप ऑपरेटरों को नहीं दिया जाता है। ग्रामीण क्षेत्र में जहां पर पंप अभी तक चल भी नहीं सके वहां पर भी पंप ऑपरेटर दिखा रखे हैं। इन अनियमितताओं की जांच का जिम्मा पार्षदों को सौंपा था।