फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mathura News ›   Two youths who left home to meet Sant Premanand are missing

महाराष्ट्र का ओम और कासगंज का मयंक लापता: दोनों संत प्रेमानंद के दर्शन को निकले थे, वृंदावन में तलाश रहे परिजन

Sat, 03 Oct 2026 05:27 PM IST
Arun Parashar संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा Published by: Arun Parashar Updated Sat, 03 Oct 2026 05:27 PM IST
सार

परिजन के अनुसार मयंक की संत प्रेमानंद महाराज के प्रति अटूट आस्था थी और वह नियमित रूप से नाम-जाप किया करता था। पिता को आशंका है कि मयंक अपनी धार्मिक रुचि के कारण महाराज जी के आश्रम या उसके आसपास ही रुक गया है।

विज्ञापन
Two youths who left home to meet Sant Premanand are missing
वृंदावन में लापता युवक को तलाश रहे परिजन। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

धार्मिक नगरी वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज के दर्शन करने आए दो अलग-अलग राज्यों के युवक संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए हैं। परिजनों की आशंका है कि उनके बेटे भक्ति रस और आश्रम के प्रभाव में आकर यहीं कहीं रह रहे हैं। दोनों परिवारों ने स्थानीय पुलिस प्रशासन और आश्रम प्रबंधन से बच्चों को सुरक्षित तलाशने की गुहार लगाई है।
विज्ञापन


महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर निवासी उज्जवला ताकपिरे का इकलौता 20 वर्षीय बेटा ओम परमेश्वर ताकपिरे गत 21 जुलाई को वृंदावन के लिए निकला था। उसने घर पर संत प्रेमानंद महाराज के दर्शन करने जाने की बात कही थी, लेकिन इसके बाद वह वापस नहीं लौटा। बेटे की कोई खबर न मिलने पर मां उज्जवला 23 जुलाई को वृंदावन स्थित कैलीकुंज आश्रम पहुंचीं। उन्होंने लगातार आठ दिनों तक क्षेत्र में खोजबीन की, जहां आश्रम के सीसीटीवी फुटेज में ओम दिखाई भी दिया।
विज्ञापन

 
 

हाल ही में 25 सितंबर को कैलीकुंज से जुड़े साधक रसिक दुलारी शरण की दुखद मौत की खबर के बाद से मां की चिंता और बढ़ गई है। वह अपने बेटे की सलामती की आस में चौथी बार महाराष्ट्र से वृंदावन आई हैं। मां उज्जवला ने इस संबंध में महाराष्ट्र के स्थानीय थाने में पहले ही गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई है और अब वृंदावन प्रशासन से बेटे को ढूंढ़ निकालने की भावुक अपील कर रही हैं।

दूसरा मामला उत्तर प्रदेश के कासगंज का है। आवास विकास कॉलोनी निवासी चन्द्रपाल सिंह चौहान का 16 वर्षीय बेटा मयंक सिंह चौहान गत 7 अगस्त को घर से वृंदावन दर्शन की बात कहकर निकला था, जिसके बाद से उसका कोई सुराग नहीं लगा है। परिजनों के अनुसार मयंक की संत प्रेमानंद महाराज के प्रति अटूट आस्था थी और वह नियमित रूप से नाम-जाप किया करता था। पिता चन्द्रपाल सिंह चौहान को आशंका है कि मयंक अपनी धार्मिक रुचि के कारण महाराज जी के आश्रम या उसके आसपास ही रुक गया है। शिकायत कासगंज थाने में दर्ज कराई गई है। पिता अब वृंदावन कोतवाली और आसपास के क्षेत्रों में उसकी लगातार तलाश कर रहे हैं।

दोनों ही मामलों में बदहवास परिजन अपने-अपने बच्चों की तलाश में वृंदावन की गलियों और कोतवाली के चक्कर काट रहे हैं। परिजनों ने जिला प्रशासन, पुलिस और संबंधित आश्रम प्रबंधन से अपील की है कि वे सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय तंत्र की मदद से उनके बच्चों का सुराग लगाएं ताकि वे सुरक्षित अपने घर लौट सकें।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed