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लेन-देन के विवाद में हत्या: सात साल बाद आया कोर्ट का फैसला, दो को उम्रकैद की सजा; अर्थदंड भी लगाया गया
Wed, 06 May 2026 02:48 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 06 May 2026 02:48 PM IST
सार
मथुरा में पैसों के विवाद में हुई हत्या के मामले में अदालत ने दो आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। करीब सात साल बाद आए इस फैसले में दोनों पर जुर्माना भी लगाया गया है।
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- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मथुरा के मांट थाना क्षेत्र के व्यक्ति की हत्या कर शव को राया थाना क्षेत्र में फेंकने वाले दो लोगों को एडीजे रामकिशोर पांडेय की अदालत ने आजीवन कारावास और 10-10 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा से दंडित किया है। हत्या की वारदात को रुपयों के लेनदेन को लेकर अंजाम दिया गया था। शासन की ओर से मुकदमे की पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता राजू सिंह द्वारा की गई।
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ग्राम केशोपुर के अजीत कुमार ने राया थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा था कि उनके बड़े भाई कुमेश चंद शर्मा 21 अक्तूबर 2019 की सुबह करीब 11 बजे घर से राया के बिचपुरी रोड जाने की बात कहकर निकले थे। शाम पांच बजे वह राया में मांट रोड पर निनुआ की दुकान के समीप से सामान लेकर घर के लिए निकले थे। इसके बाद वह घर नहीं पहुंचे।
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परिवार के लोगों ने उनके मोबाइल पर फोन किया तो वह बंद मिला था। अगले दिन 22 अक्तूबर को छोटा भाई उनकी तलाश में राया थाने पहुंचा। थाने पर पता चला कि उनके भाई की लोगों ने हत्या कर शव को नीम गांव रोड किशन तल्लिया के पास सड़क किनारे डाल दिया है। अजीत कुमार ने अज्ञात के खिलाफ राया थाने में मुकदमा पंजीकृत कराया था।
राया पुलिस ने दूसरे दिन हत्याकांड का खुलासा करते हुए राया के गांव खरवा निवासी रिंकू व मांट के केसोपुर निवासी दयाशंकर को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया था कि रुपयों के लेन देन को लेकर उन्होंने हत्या की वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने दोनों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। मुकदमे की सुनवाई एडीजे प्रथम राम किशोर पांडेय की अदालत में हुई। दोनों को सजा सुनाए जाने के बाद जेल भेज दिया।