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वात्सल्य ग्राम के गेट पर मिली दो माह की बच्ची
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Sat, 26 Nov 2016 11:46 PM IST
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बच्ची
दो माह की अबोध बच्ची को रात के अंधेरे में एक मां वात्सल्य ग्राम के दरवाजे पर छोड़ गई। पुलिस ने अपनी सुपुर्दगी में लेकर बच्ची को राजकीय बाल गृह शिशु सदन में पहुंचा दिया।
जानकारी के अनुसार शनिवार सुबह अंधेरे में कोई दो माह की बच्ची को मथुरा मार्ग स्थित वात्सल्य ग्राम के दरवाजे पर छोड़ गया।
सुबह करीब पांच बजे वात्सल्य ग्राम के गेट पर तैनात सिक्योरिटी गार्ड ने बच्ची को देखा तो वात्सल्य ग्राम में स्थित पालना शिशु गृह में पहुंचा दिया। यहां मीनू नाम की धाय मां ने पालना शिशु गृह में इसे अपना आंचल दिया। इसके कपडे़ बदले और दूध पिलाया।
इसके बाद वात्सल्य ग्राम के व्यवस्थापक बालजी चतुर्वेदी बच्ची को लेकर कोतवाली पहुंचे। जहां पुलिस ने बच्ची को अपनी सुपुर्दगी में लेकर राजकीय बाल गृह शिशु सदन पहुंचा दिया। इस बारे में राजकीय बाल संरक्षण समिति की सदस्य प्रतिभा शर्मा एडवोकेट का कहना है कि जहां एक ओर बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के नारे बुलंद किए जा रहे हैं वहीं इतनी ठंड में खुले में बच्ची को छोड़ा जाना सामाजिक चिंतन का विषय है।
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जानकारी के अनुसार शनिवार सुबह अंधेरे में कोई दो माह की बच्ची को मथुरा मार्ग स्थित वात्सल्य ग्राम के दरवाजे पर छोड़ गया।
सुबह करीब पांच बजे वात्सल्य ग्राम के गेट पर तैनात सिक्योरिटी गार्ड ने बच्ची को देखा तो वात्सल्य ग्राम में स्थित पालना शिशु गृह में पहुंचा दिया। यहां मीनू नाम की धाय मां ने पालना शिशु गृह में इसे अपना आंचल दिया। इसके कपडे़ बदले और दूध पिलाया।
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इसके बाद वात्सल्य ग्राम के व्यवस्थापक बालजी चतुर्वेदी बच्ची को लेकर कोतवाली पहुंचे। जहां पुलिस ने बच्ची को अपनी सुपुर्दगी में लेकर राजकीय बाल गृह शिशु सदन पहुंचा दिया। इस बारे में राजकीय बाल संरक्षण समिति की सदस्य प्रतिभा शर्मा एडवोकेट का कहना है कि जहां एक ओर बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के नारे बुलंद किए जा रहे हैं वहीं इतनी ठंड में खुले में बच्ची को छोड़ा जाना सामाजिक चिंतन का विषय है।
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