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ट्रेन यात्रियों की मुश्किल बना गुर्जर आंदोलन
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Fri, 22 May 2015 11:48 PM IST
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बयाना के समीप पीलूपुरा में गुर्जरों ने आंदोलन के चलते रेल ट्रैक पर पूरी तरह कब्जा कर लिया है। इसके चलते वेस्टर्न रूट की सभी ट्रेनों का रूट परिवर्तन किया गया है। गुरुवार से सभी ट्रेन भरतपुर वाया कोटा होते हुए मुंबई की ओर जाने की बजाय आगरा-झांसी-भोपाल होते हुए निकाली जा रही हैं। इससे भरतपुर और कोटा की ओर जाने वाले यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। शुक्रवार को भी जंक्शन रेलवे स्टेशन पर कोटा और भरतपुर की ओर जाने वाले यात्री इधर-उधर भटकते रहे और भीषण गर्मी में परेशान होते रहे। रूट परिवर्तन के चलते कई ट्रेन रद भी हो गईं। इससे रेल यात्रियों को और भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
तीन दर्जन ट्रेन रद्द, 80 का रूट बदला
नई दिल्ली। गुर्जर आंदोलन की वजह से शुक्रवार को राजस्थान रूट पर चलने वाली जन शताब्दी, एसी प्रीमियम, युवा सुपर फास्ट, गुजरात संपर्क क्रांति, देहरादून गरीबरथ, जनता एक्सप्रेस, समेत करीब 36 रेल गाड़ियां रद्द रहीं। जबकि मुंबई राजधानी, पश्चिम एक्सप्रेस, अगस्त क्रांति एक्सप्रेस, त्रिवेंद्रम राजधानी, स्वराज एक्सप्रेस, इंटरसिटी, गोल्डन टेंपल, कोटा-पटना, महाराष्ट्र संपर्क क्रांति, हरिद्वार-बांद्रा एक्सप्रेस, हजरत निजामुद्दीन-पुणे दुरंतो समेत करीब 80 ट्रेनों का रूट बदलना पड़ा। पटना-कोटा एक्सप्रेस को मथुरा तक ही चलाया जा सका। रेल प्रशासन के मुताबिक, आंदोलन जारी रहने तक यह प्रक्रिया जारी रहेगी।
कोटा जाने के लिए ट्रेन का इंतजार कर रही राखी ने कहा कि उन्हें नहीं पता था कि ट्रैक पर गुर्जरों का कब्जा होने के कारण ट्रेन कोटा नहीं जा रही है। इससे उन्हें बड़ी परेशानी झेलनी पड़ रही है। समझ नहीं आ रहा है कि कैसे जाएं।
सवाई माधोपुर की ओर जाने के लिए जंक्शन रेलवे स्टेशन पर बैठी सीमा का कहना है कि गुर्जरों ने ट्रैक पर पूरी तरह कब्जा लिया, सरकार और पुलिस हाथ पर हाथ रखे ही बैठी रही? ऐसे में यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
जंक्शन रेलवे स्टेशन की पर ट्रेन का इंतजार कर रहे चंदन ने कहा कि जब सरकार रेल की पटरियों की सुरक्षा नहीं कर सकती तो फिर ट्रेनों को क्यों चला रही है? टिकट लेने के बाद भी गंतव्य स्थान पर नहीं पहुंचे हैं। घंटो से ट्रेनों का इंतजार कर रहे हैं।
भोपाल जाने के लिए स्टेशन पर ट्रेन की बाट जोह रहे समीर ने कहा कि लोगों को अब विरोध का तरीका बदलना चाहिए। ऐसा विरोध करने से क्या लाभ, जिससे अन्य लोगों को बड़ी संख्या में परेशानियों का सामना करना पड़े।
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तीन दर्जन ट्रेन रद्द, 80 का रूट बदला
नई दिल्ली। गुर्जर आंदोलन की वजह से शुक्रवार को राजस्थान रूट पर चलने वाली जन शताब्दी, एसी प्रीमियम, युवा सुपर फास्ट, गुजरात संपर्क क्रांति, देहरादून गरीबरथ, जनता एक्सप्रेस, समेत करीब 36 रेल गाड़ियां रद्द रहीं। जबकि मुंबई राजधानी, पश्चिम एक्सप्रेस, अगस्त क्रांति एक्सप्रेस, त्रिवेंद्रम राजधानी, स्वराज एक्सप्रेस, इंटरसिटी, गोल्डन टेंपल, कोटा-पटना, महाराष्ट्र संपर्क क्रांति, हरिद्वार-बांद्रा एक्सप्रेस, हजरत निजामुद्दीन-पुणे दुरंतो समेत करीब 80 ट्रेनों का रूट बदलना पड़ा। पटना-कोटा एक्सप्रेस को मथुरा तक ही चलाया जा सका। रेल प्रशासन के मुताबिक, आंदोलन जारी रहने तक यह प्रक्रिया जारी रहेगी।
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कोटा जाने के लिए ट्रेन का इंतजार कर रही राखी ने कहा कि उन्हें नहीं पता था कि ट्रैक पर गुर्जरों का कब्जा होने के कारण ट्रेन कोटा नहीं जा रही है। इससे उन्हें बड़ी परेशानी झेलनी पड़ रही है। समझ नहीं आ रहा है कि कैसे जाएं।
सवाई माधोपुर की ओर जाने के लिए जंक्शन रेलवे स्टेशन पर बैठी सीमा का कहना है कि गुर्जरों ने ट्रैक पर पूरी तरह कब्जा लिया, सरकार और पुलिस हाथ पर हाथ रखे ही बैठी रही? ऐसे में यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
जंक्शन रेलवे स्टेशन की पर ट्रेन का इंतजार कर रहे चंदन ने कहा कि जब सरकार रेल की पटरियों की सुरक्षा नहीं कर सकती तो फिर ट्रेनों को क्यों चला रही है? टिकट लेने के बाद भी गंतव्य स्थान पर नहीं पहुंचे हैं। घंटो से ट्रेनों का इंतजार कर रहे हैं।
भोपाल जाने के लिए स्टेशन पर ट्रेन की बाट जोह रहे समीर ने कहा कि लोगों को अब विरोध का तरीका बदलना चाहिए। ऐसा विरोध करने से क्या लाभ, जिससे अन्य लोगों को बड़ी संख्या में परेशानियों का सामना करना पड़े।