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राधारानी मंदिर मे ढांढ़िन लीला की निभाई परंपरा
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बरसाना। ढांढ़िन मचल रही, मोह भानु घर ले चल रे ढांढ़िनिया..। जब सभी ब्रजवासियों को पता चलता है कि बाबा वृषभानु व कीरत के घर कन्या हुई है, तो सभी ब्रज के गोप एवं गोपिकाएं वृषभानु जी को बधाई देने के लिए आते हैं। एक ढाढ़िन अपने ढाढ़ी से बाबा वृषभानु के घर जाने को कहती है। उक्त लीला का मंचन बुधवार की देर शाम को लाडलीजी मंदिर में किया गया। इस दौरान ढांढ़िन बनीं नंद गोपाल सखी ने बधाई पद गाते हुए श्रद्धालुओं से नेग लिए।
रानी कीरत ने कन्या जाई की खुशी में पूरा ब्रज मंडल फूला नहीं समा रहा था, चारों तरफ वृषभानु नंदिनी की बधाई गायन की जा रही थीं। वही ढांढ़ी व ढांढ़िन को जब पता चलता है कि वृषभानु के यहां लाली हुई है, तो वह बधाई लेने के लिए उनके भवन में पहुंचती हैं और खुशी में नाचती और गाती हैं। बरसाने जन्मीं श्रीराधा मैं तो बधाई लेके जाऊगीं, ढाढ़िन मचल रही भानु दरबार में तो बधाई लेके जाऊगीं।
ढांढ़िन भानु दरबार में मचलती हुई राजा वृषभानु से कहती है यादुवंशी यजमान तिहारो ढांढ़िया महाराज, ढांढ़िन मचलती हुई कहती है मैं नथली लुगीं, पायल लुगीं, हार लुगीं आदि बधाई के रूप में मांगती है। बुधवार को इस प्राचीन परंपरा को कस्बे की नंदगोपाल सखी ने सोलह शृंगार कर ढांढ़िन के रूप में लाडलीजी के महल में कार्यक्रम की प्रस्तुति दी। उक्त लीला के मंचन को देख श्रद्धालु आनंदित हो उठे। वहीं लाडली के जन्मोत्सव की खुशी में सेवायतों ने खिलौने व प्रसाद लुटाया।
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रानी कीरत ने कन्या जाई की खुशी में पूरा ब्रज मंडल फूला नहीं समा रहा था, चारों तरफ वृषभानु नंदिनी की बधाई गायन की जा रही थीं। वही ढांढ़ी व ढांढ़िन को जब पता चलता है कि वृषभानु के यहां लाली हुई है, तो वह बधाई लेने के लिए उनके भवन में पहुंचती हैं और खुशी में नाचती और गाती हैं। बरसाने जन्मीं श्रीराधा मैं तो बधाई लेके जाऊगीं, ढाढ़िन मचल रही भानु दरबार में तो बधाई लेके जाऊगीं।
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ढांढ़िन भानु दरबार में मचलती हुई राजा वृषभानु से कहती है यादुवंशी यजमान तिहारो ढांढ़िया महाराज, ढांढ़िन मचलती हुई कहती है मैं नथली लुगीं, पायल लुगीं, हार लुगीं आदि बधाई के रूप में मांगती है। बुधवार को इस प्राचीन परंपरा को कस्बे की नंदगोपाल सखी ने सोलह शृंगार कर ढांढ़िन के रूप में लाडलीजी के महल में कार्यक्रम की प्रस्तुति दी। उक्त लीला के मंचन को देख श्रद्धालु आनंदित हो उठे। वहीं लाडली के जन्मोत्सव की खुशी में सेवायतों ने खिलौने व प्रसाद लुटाया।
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