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बैंक लाकर की तर्ज पर होगी पेट्रोलियम पदार्थ की सुरक्षा
दिनेश शर्मा
Updated Sat, 11 Apr 2015 11:57 PM IST
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जिले में स्थित इंडियन ऑयल रिफाइनरी से राजस्थान, मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश के कोने कोने में टैंकरों के जरिए पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति की जाती है। इन टैंकरों से तेल चोरी और मिलावट के मामले बढ़ने के बाद रिफाइनरी ने सुरक्षा के खास इंतजाम किए हैं। योजना है कि टैंकरों में हाई गारंटी सिक्योरिटी गैस कटर और ग्राइंडर कटर प्रूफ लॉक लगाया जाएगा जो कि बैंक लॉकर तरह ही मजबूत होंगे।
मथुरा रिफाइनरी कैरोसिन, डीजल, पेट्रोल, एलडीओ, हाई स्पीड डीजल, ऐविएशन टरबाइन फ्यूल (विमान ईंधन) नेफ्था, सॉल्वेंट आदि पेट्रोलियम पदार्थों की सड़क मार्ग से आपूर्ति करती है। इसमें रोजाना 150 से 175 टैंकर पेट्रोलियम पदार्थ विभिन्न स्थानों पर भेजे जाते हैं। इन टैंकरों को रिफाइनरी टेंडर निकालकर प्रयोग में लेती है।
देखने में आया है कि टैंकर चालक और मालिक लॉक खोलकर पेट्रोलियम पदार्थ चोरी कर लेते हैं और उसे खुले में बेच देते हैं। इसे रोकने के लिए रिफाइनरी ने टैंकरों में लगे पुराने पीतल के लॉक हटवाकर नए स्टैंडर्ड स्टेनलैस स्टील के लॉक लगवाने का फैसला लिया है।
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मानकों के अनुसार यह लॉक इतने मजबूत हैं कि आरी से काटे नहीं जा सकेंगे। गैस कटर से काटने का प्रयास किया गया तो लाल हो जाएंगे। इससे दोबारा में पेट्रोलियम पदार्थों की चोरी पकड़ी जा सकेगी। रिफाइनरी के एक अधिकारी ने बताया कि नए लॉक बैंक लाकर की तरह काम करेंगे।
टैंकरों में माल भरने के बाद उसे मास्टर चाबी से लॉक किया जाएगा और दूसरी चाबी से उस लॉक को रिटेलर पेट्रोल पंप के मालिक ही खोला सकेंगे। बताया गया है कि मई माह में होने वाले टैंकरों के टेंडरों में यह प्रक्रिया रिफाइनरी की ओर से प्रमुख शर्त रखी गई है।
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मथुरा रिफाइनरी कैरोसिन, डीजल, पेट्रोल, एलडीओ, हाई स्पीड डीजल, ऐविएशन टरबाइन फ्यूल (विमान ईंधन) नेफ्था, सॉल्वेंट आदि पेट्रोलियम पदार्थों की सड़क मार्ग से आपूर्ति करती है। इसमें रोजाना 150 से 175 टैंकर पेट्रोलियम पदार्थ विभिन्न स्थानों पर भेजे जाते हैं। इन टैंकरों को रिफाइनरी टेंडर निकालकर प्रयोग में लेती है।
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देखने में आया है कि टैंकर चालक और मालिक लॉक खोलकर पेट्रोलियम पदार्थ चोरी कर लेते हैं और उसे खुले में बेच देते हैं। इसे रोकने के लिए रिफाइनरी ने टैंकरों में लगे पुराने पीतल के लॉक हटवाकर नए स्टैंडर्ड स्टेनलैस स्टील के लॉक लगवाने का फैसला लिया है।
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मानकों के अनुसार यह लॉक इतने मजबूत हैं कि आरी से काटे नहीं जा सकेंगे। गैस कटर से काटने का प्रयास किया गया तो लाल हो जाएंगे। इससे दोबारा में पेट्रोलियम पदार्थों की चोरी पकड़ी जा सकेगी। रिफाइनरी के एक अधिकारी ने बताया कि नए लॉक बैंक लाकर की तरह काम करेंगे।
टैंकरों में माल भरने के बाद उसे मास्टर चाबी से लॉक किया जाएगा और दूसरी चाबी से उस लॉक को रिटेलर पेट्रोल पंप के मालिक ही खोला सकेंगे। बताया गया है कि मई माह में होने वाले टैंकरों के टेंडरों में यह प्रक्रिया रिफाइनरी की ओर से प्रमुख शर्त रखी गई है।