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मानव जीवन में युक्ति के बिना नहीं मिलती मुक्ति: गोविंदानंद
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महावन (मथुरा)। कार्ष्णि गुरु शरणानंद महाराज के सानिध्य में रमणरेती आश्रम में शुक्रवार को कार्ष्णि गोपाल जयंती महोत्सव के दूसरे दिन दूरदराज से आए देश के प्रमुख संतों ने प्रवचन किए। कार्यक्रम में योग गुरु बाबा रामदेव भी पहुंचे। उन्होंने कहा कि मानव जीवन में योग बहुत जरूरी है। भगवान का नाम और योग दोनों ही मानव जीवन में उपयोगी हैं। जिंदगी एक संग्राम है और संग्राम में योग बहुत उपयोगी है। इस दौरान उन्होंने योग भी किया।
कार्यक्रम में गोविंदानंद महाराज ने कहा कि व्यक्ति को जीवन में अहंकार नहीं करना चाहिए। रवि के उदय होने से अंधकार खत्म हो जाता है। अभिमान गुरु द्वारा निकाल दिया जाता है। अहम को त्याग कर जो कर्म होता है वही मोक्षदायक होता है। मनुष्य को अपने जीवन में इंद्रियों पर संयम रखना चाहिए। मानव जीवन में युक्ति के बिना मुक्ति नहीं मिलती।
बाबा रामदेव ने कहा कि योग आत्मदर्शन के लिए होता है। उन्होंने गुरु का अर्थ बताया कि गुरु एक सास्वत सत्य है। उन्होंने गुरु की महिमा का भी वर्णन किया। इस अवसर पर स्वामी गोविंद देव गिरि, कोषाध्यक्ष राम लला मंदिर अयोध्या स्वामी रामदेव महाराज, स्वामी नारायण मुंबई, स्वामी पूर्णानंद गिरी महामंडलेश्वर हरिद्वार, स्वामी ज्ञानानंद गीता मनीषी, मलूक पीठाधीश्वर राजेंद्र महाराज आदि मौजूद थे। आश्रम में 101 ब्राह्मण बच्चों का उपनयन संस्कार किया गया।
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कार्यक्रम में गोविंदानंद महाराज ने कहा कि व्यक्ति को जीवन में अहंकार नहीं करना चाहिए। रवि के उदय होने से अंधकार खत्म हो जाता है। अभिमान गुरु द्वारा निकाल दिया जाता है। अहम को त्याग कर जो कर्म होता है वही मोक्षदायक होता है। मनुष्य को अपने जीवन में इंद्रियों पर संयम रखना चाहिए। मानव जीवन में युक्ति के बिना मुक्ति नहीं मिलती।
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बाबा रामदेव ने कहा कि योग आत्मदर्शन के लिए होता है। उन्होंने गुरु का अर्थ बताया कि गुरु एक सास्वत सत्य है। उन्होंने गुरु की महिमा का भी वर्णन किया। इस अवसर पर स्वामी गोविंद देव गिरि, कोषाध्यक्ष राम लला मंदिर अयोध्या स्वामी रामदेव महाराज, स्वामी नारायण मुंबई, स्वामी पूर्णानंद गिरी महामंडलेश्वर हरिद्वार, स्वामी ज्ञानानंद गीता मनीषी, मलूक पीठाधीश्वर राजेंद्र महाराज आदि मौजूद थे। आश्रम में 101 ब्राह्मण बच्चों का उपनयन संस्कार किया गया।
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