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Mathura News: जिला अस्पताल की बर्न यूनिट में नहीं है कोई व्यवस्था
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मथुरा। वर्ष 2023 में राया के पटाखा बाजार में आग लगने की घटना के बाद भी जिला अस्पताल ने कोई सबक नहीं लिया है। आलम यह है कि अभी तक बर्न बार्ड को भी व्यवस्थित नहीं किया है। 6 बेड की इस यूनिट में लगे तीन में से मात्र एक एसी काम कर रहा है। जबकि शौचालय में गंदगी पड़ी रहती है।
चिकित्सकों का कहना है कि आग से झुलसे पीड़ितों को संक्रमण का सबसे अधिक खतरा रहता है। इसलिए बर्न वार्ड में सफाई का विशेष ध्यान रखा जाता है। इसके विपरीत जिला अस्पताल के बर्न वार्ड के अंदर भर्ती मरीजों के परिजन जूते-चप्पल पहनकर घूमते रहते हैं। तीमारदारों को रोकनेअथवा मरीजों की देखभाल के लिए कोई स्वास्थ्य कर्मी भी तैनात नहीं है। बर्न यूनिट के पास ही बने एक कमरे को स्टोर रूम बना रखा है। इस पर ताला लटका हुआ है और अंदर रखे उपकरणों पर मिट्टी की परत जमी हुई है।
विदित हो कि 12 नवंबर 2023 को दिवाली वाले दिन ही राया के गोपाल बाग क्षेत्र में लगे पटाखा बाजार में शार्ट सर्किट से आग लग गई थी। इस आग में झुलसकर दो लोगों की तो मौके पर मौत हो गई, जबकि धीरे-धीरे मृतकों की संख्या 12 पहुंच गई थी। पटाखों की चपेट में आने के कारण 20 से अधिक लोग गंभीर रूप से झुलस गए। सभी को जिला अस्पताल लाया गया, लेकिन यहां कुछ मरीजों को छोड़कर अन्य का इलाज संभव नहीं हो सका। आखिरकार आग से झुलसे लोगों को स्वर्ण जयंती, आगरा और दिल्ली रेफर करना पड़ा था। इतनी बड़ी घटना होने के बाद भी जिला अस्पताल प्रशासन ने कोई सबक नहीं लिया है।
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वार्ड में रोजाना सफाई कराई जाती है। यहां भर्ती मरीजों का चिकित्सक लगातार उपचार करते हैं। एसी खराब होने की जानकारी नहीं है। यदि ऐसा है तो उसे ठीक करा दिया जाएगा और सफाई व्यवस्था पर और ध्यान दिया जाएगा।
डॉ. नीरज अग्रवाल, सीएमएस जिला अस्पताल
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चिकित्सकों का कहना है कि आग से झुलसे पीड़ितों को संक्रमण का सबसे अधिक खतरा रहता है। इसलिए बर्न वार्ड में सफाई का विशेष ध्यान रखा जाता है। इसके विपरीत जिला अस्पताल के बर्न वार्ड के अंदर भर्ती मरीजों के परिजन जूते-चप्पल पहनकर घूमते रहते हैं। तीमारदारों को रोकनेअथवा मरीजों की देखभाल के लिए कोई स्वास्थ्य कर्मी भी तैनात नहीं है। बर्न यूनिट के पास ही बने एक कमरे को स्टोर रूम बना रखा है। इस पर ताला लटका हुआ है और अंदर रखे उपकरणों पर मिट्टी की परत जमी हुई है।
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विदित हो कि 12 नवंबर 2023 को दिवाली वाले दिन ही राया के गोपाल बाग क्षेत्र में लगे पटाखा बाजार में शार्ट सर्किट से आग लग गई थी। इस आग में झुलसकर दो लोगों की तो मौके पर मौत हो गई, जबकि धीरे-धीरे मृतकों की संख्या 12 पहुंच गई थी। पटाखों की चपेट में आने के कारण 20 से अधिक लोग गंभीर रूप से झुलस गए। सभी को जिला अस्पताल लाया गया, लेकिन यहां कुछ मरीजों को छोड़कर अन्य का इलाज संभव नहीं हो सका। आखिरकार आग से झुलसे लोगों को स्वर्ण जयंती, आगरा और दिल्ली रेफर करना पड़ा था। इतनी बड़ी घटना होने के बाद भी जिला अस्पताल प्रशासन ने कोई सबक नहीं लिया है।
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वार्ड में रोजाना सफाई कराई जाती है। यहां भर्ती मरीजों का चिकित्सक लगातार उपचार करते हैं। एसी खराब होने की जानकारी नहीं है। यदि ऐसा है तो उसे ठीक करा दिया जाएगा और सफाई व्यवस्था पर और ध्यान दिया जाएगा।
डॉ. नीरज अग्रवाल, सीएमएस जिला अस्पताल