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Mathura News: डिजिटलाइजेशन के विरोध में सड़क पर उतरे शिक्षक, प्रदर्शन
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मथुरा। डिजिटलाइजेशन के विरोध में शिक्षक सोमवार को सड़क पर उतर आए। संयुक्त मोर्चा के नेतृत्व में हजारों शिक्षकों ने जिला मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान लंबित मांगों को लेकर सिटी मजिस्ट्रेट को मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा।
डिजिटलाइजेशन के विरोध में सभी शिक्षक संगठनों ने संयुक्त मोर्चा के नेतृत्व में एकजुट होकर कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। हजारों की संख्या शिक्षक पैदल मार्च करते हुए जिला मुख्यालय पहुंचे। ऑनलाइन हाजिरी के विरोध में शिक्षकों ने नारेबाजी की। शिक्षकों के सैलाब की वजह से कलेक्ट्रेट मार्ग पर जाम लग गया। डीएम और एसएसपी के साथ सैकड़ों की संख्या में वाहन जाम में फंस गए। प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों में डिजिटलाइजेशन की व्यवस्था को लेकर नाराजगी नजर आई।
प्रदर्शन में शामिल शिक्षकों ने दो टूक कहा कि जब तक उनकी सभी मांगें नहीं मानी जाएंगी। वह किसी भी कीमत पर ऑनलाइन हाजिरी नहीं देंगे। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के मीडिया प्रभारी गोवर्धन दास गुप्ता ने बताया कि शिक्षकों की समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। शिक्षकों को प्रताड़ित करने के उद्देश्य से ऑनलाइन हाजिरी का आदेश जारी किया गया है। पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ के मीडिया प्रभारी अरविंद सारस्वत ने बताया कि सभी संघों ने मिलकर ऑनलाइन उपस्थिति का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। जनपद में कार्यरत लगभग 6000 शिक्षक, शिक्षामित्र एवं अनुदेशकों ने अभी तक ऑनलाइन हाजिरी नहीं दी है। आगे भी इसका विरोध जारी रहेगा। इस मौके पर शिक्षामित्र संघ गोवर्धन के ब्लॉक अध्यक्ष राजकुमार चौधरी, देवेंद्र सारस्वत, युवराज सिंह चाहर, राजीव पचौरी, विशाल पचौरी, अंजना शर्मा, लोकेश गोस्वामी, अरविंद शर्मा, मनोज शर्मा आदि मौजूद रहे।
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इन मांगों को लेकर सौंपा गया ज्ञापन
शिक्षक संगठनों ने सात सूत्री मांगों को लेकर सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा है। इनमें 15 अर्जित अवकाश, 15 हाफ डे लीव, शिक्षकों की पदोन्नति, अंतर्जनपदीय स्थानांतरण, पुरानी पेंशन बहाली, शिक्षामित्र एवं अनुदेशकों को समान कार्य के लिए समान वेतन देने सहित अन्य मांगे शामिल हैं।
ये संगठन रहे प्रदर्शन में शामिल
संयुक्त मोर्चा में उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल, पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ, राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ, अटेवा टीएससीटी, प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ यूटा के सभी घटक संगठन, अनुसूचित जाति जनजाति बेसिक एसोसिएशन, उर्दू बीटीसी संघ, आदर्श शिक्षा मित्र वेलफेयर एसोसिएशन, महिला शिक्षक संघ प्रदर्शन में शामिल रहा।
वर्जन
डिजिटलाइजेशन के विरोध में सभी शिक्षक संगठनों ने संयुक्त रूप से प्रदर्शन किया है। लंबित मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा है। मांगें न माने जाने पर जिले के सभी शिक्षक संगठन 29 जुलाई को शिक्षा महानिदेशक कार्यालय लखनऊ पर धरना-प्रदर्शन करेंगे।
-अतुल सारस्वत, जिला संयोजक
शिक्षकों ने अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन को आगे प्रेषित कर दिया जाएगा। शिक्षकों की मांगों का समाधान करने का पूरा प्रयास किया जाएगा।
-राकेश कुमार सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट
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डिजिटलाइजेशन के विरोध में सभी शिक्षक संगठनों ने संयुक्त मोर्चा के नेतृत्व में एकजुट होकर कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। हजारों की संख्या शिक्षक पैदल मार्च करते हुए जिला मुख्यालय पहुंचे। ऑनलाइन हाजिरी के विरोध में शिक्षकों ने नारेबाजी की। शिक्षकों के सैलाब की वजह से कलेक्ट्रेट मार्ग पर जाम लग गया। डीएम और एसएसपी के साथ सैकड़ों की संख्या में वाहन जाम में फंस गए। प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों में डिजिटलाइजेशन की व्यवस्था को लेकर नाराजगी नजर आई।
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प्रदर्शन में शामिल शिक्षकों ने दो टूक कहा कि जब तक उनकी सभी मांगें नहीं मानी जाएंगी। वह किसी भी कीमत पर ऑनलाइन हाजिरी नहीं देंगे। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के मीडिया प्रभारी गोवर्धन दास गुप्ता ने बताया कि शिक्षकों की समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। शिक्षकों को प्रताड़ित करने के उद्देश्य से ऑनलाइन हाजिरी का आदेश जारी किया गया है। पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ के मीडिया प्रभारी अरविंद सारस्वत ने बताया कि सभी संघों ने मिलकर ऑनलाइन उपस्थिति का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। जनपद में कार्यरत लगभग 6000 शिक्षक, शिक्षामित्र एवं अनुदेशकों ने अभी तक ऑनलाइन हाजिरी नहीं दी है। आगे भी इसका विरोध जारी रहेगा। इस मौके पर शिक्षामित्र संघ गोवर्धन के ब्लॉक अध्यक्ष राजकुमार चौधरी, देवेंद्र सारस्वत, युवराज सिंह चाहर, राजीव पचौरी, विशाल पचौरी, अंजना शर्मा, लोकेश गोस्वामी, अरविंद शर्मा, मनोज शर्मा आदि मौजूद रहे।
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इन मांगों को लेकर सौंपा गया ज्ञापन
शिक्षक संगठनों ने सात सूत्री मांगों को लेकर सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा है। इनमें 15 अर्जित अवकाश, 15 हाफ डे लीव, शिक्षकों की पदोन्नति, अंतर्जनपदीय स्थानांतरण, पुरानी पेंशन बहाली, शिक्षामित्र एवं अनुदेशकों को समान कार्य के लिए समान वेतन देने सहित अन्य मांगे शामिल हैं।
ये संगठन रहे प्रदर्शन में शामिल
संयुक्त मोर्चा में उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल, पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ, राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ, अटेवा टीएससीटी, प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ यूटा के सभी घटक संगठन, अनुसूचित जाति जनजाति बेसिक एसोसिएशन, उर्दू बीटीसी संघ, आदर्श शिक्षा मित्र वेलफेयर एसोसिएशन, महिला शिक्षक संघ प्रदर्शन में शामिल रहा।
वर्जन
डिजिटलाइजेशन के विरोध में सभी शिक्षक संगठनों ने संयुक्त रूप से प्रदर्शन किया है। लंबित मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा है। मांगें न माने जाने पर जिले के सभी शिक्षक संगठन 29 जुलाई को शिक्षा महानिदेशक कार्यालय लखनऊ पर धरना-प्रदर्शन करेंगे।
-अतुल सारस्वत, जिला संयोजक
शिक्षकों ने अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन को आगे प्रेषित कर दिया जाएगा। शिक्षकों की मांगों का समाधान करने का पूरा प्रयास किया जाएगा।
-राकेश कुमार सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट