गोवर्धन। आन्यौर गांव में करीब सौ साल पुराने बांके बिहारी मंदिर के संरक्षण की मांग को लेकर ग्रामीणों का अनिश्चितकालीन धरना तीसरे दिन भी जारी रहा। शुक्रवार को हुई पंचायत में मंदिर तोड़कर नया निर्माण कराने वाले लोगों से फोन पर वार्ता हुई। इसमें रविवार को आमने-सामने बैठकर विवाद सुलझाने पर सहमति बनी।
ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि विवाद का निस्तारण होने तक उनका धरना जारी रहेगा। कुंवर नरेंद्र सिंह और गोसेवक अधिवक्ता पवन दुबे के निर्देशन में हुई पंचायत में ग्रामीणों ने मंदिर की जमीन और धार्मिक विरासत के संरक्षण की मांग उठाई। फोन पर हुई बातचीत में संबंधित लोगों ने रविवार को बैठक कर मामले का हल निकालने का भरोसा दिया। स्थानीय लोगों के अनुसार, करीब एक शताब्दी पहले आगरा निवासी विशंभर दास बाबा ने ग्रामीणों के सहयोग से गांव की जमीन पर बांके बिहारी मंदिर का निर्माण कराया था। आरोप है कि बाबा को अपना परिवारीजन बताने वाले कुछ लोग मंदिर को तोड़कर नया निर्माण करा रहे थे। ग्रामीणों ने इसका विरोध किया तो मंदिर के साथ गेस्ट हाउस बनाए जाने की बात सामने आई। ग्रामीण माधव सिंह ने कहा कि बांके बिहारी मंदिर पूरे गांव की आस्था और धार्मिक विरासत का प्रतीक है। इस मौके पर डॉ. जितेंद्र सिंह, बाबू ठाकुर, दीवान सिंह, मुकेश कौशिक प्रधान, मोहन श्याम, पवन मुखिया, पवन सिंह रवि, सन्नी, अन्नी, लक्ष्मी नारायण, सचिन, डा. सीताराम, भूरा ठाकुर सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।