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सूर्य ग्रहण: धार्मिक आस्था में सराबोर हुई श्रीबांकेबिहारी की नगरी
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मथुरा। वृंदावन में सूर्यग्रहण के दौरान संकीर्तन करतीं विदेशी श्रद्धालु।
- फोटो : VRINDAVAN
वृंदावन (मथुरा)। देश में दिखाई देने वाले साल के पहले खगास सूर्यग्रहण पर रविवार को धार्मिक नगरी वृंदावन में आस्था हावी रही। कहीं श्रद्धालुओं ने नगर की पंचकोसी परिक्रमा की तो कई स्थानों पर हवन यज्ञ किए गए। अनेक स्थानों पर भक्तों ने ठाकुर जी की आराधना में जप किए। धार्मिक आस्था का यह दौर दिन भर चला। सूर्यग्रहण उपरांत लोगों ने यमुना में डुबकी भी लगाई।
कंगन आवर्ति के इस सूर्यग्रहण के रविवार को होने के कारण धार्मिक दृष्टि से भी इसका ज्योतिष द्वारा अलग ढंग से आकलन किया गया है। प्रात: 10:09 बजे से शुरू हुए ग्रहण का मोक्ष 1:43 बजे हुआ। धार्मिक मान्यताओं के अनुरूप लोगों ने नगर की पंचकोसी परिक्रमा हरिनाम संकीर्तन के साथ पूर्ण की। इसमें विदेशी भक्त भी शामिल हुए।
कई स्थानों पर ग्रहण काल में हवन यज्ञ व हरिनाम संकीर्तन का विधान पूर्वक आयोजन भी किया। केशीघाट स्थित यमुना तट पर आनंद गंगाजी वाले बाबा के सानिध्य में वैदिक परंपरानुसार हवन कुंड में आहुतियां प्रदान की गई। राधेकुंज में विदेशी महिला-पुरुष संकीर्तन करते रहे। ग्रहण के मोक्षकाल में प्राचीन अक्रूर घाट समेत केशीघाट, देवरिया घाट, चीरघाट, बिहारघाट पर पहले लोगों ने जप किया फिर डुबकी भी लगाई। इस दौरान बालकृष्ण महाराज योगा करते नजर आए।
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कंगन आवर्ति के इस सूर्यग्रहण के रविवार को होने के कारण धार्मिक दृष्टि से भी इसका ज्योतिष द्वारा अलग ढंग से आकलन किया गया है। प्रात: 10:09 बजे से शुरू हुए ग्रहण का मोक्ष 1:43 बजे हुआ। धार्मिक मान्यताओं के अनुरूप लोगों ने नगर की पंचकोसी परिक्रमा हरिनाम संकीर्तन के साथ पूर्ण की। इसमें विदेशी भक्त भी शामिल हुए।
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कई स्थानों पर ग्रहण काल में हवन यज्ञ व हरिनाम संकीर्तन का विधान पूर्वक आयोजन भी किया। केशीघाट स्थित यमुना तट पर आनंद गंगाजी वाले बाबा के सानिध्य में वैदिक परंपरानुसार हवन कुंड में आहुतियां प्रदान की गई। राधेकुंज में विदेशी महिला-पुरुष संकीर्तन करते रहे। ग्रहण के मोक्षकाल में प्राचीन अक्रूर घाट समेत केशीघाट, देवरिया घाट, चीरघाट, बिहारघाट पर पहले लोगों ने जप किया फिर डुबकी भी लगाई। इस दौरान बालकृष्ण महाराज योगा करते नजर आए।
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