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Mathura News: छात्राओं ने सांझी कला से जीवंत कीं श्रीकृष्ण लीलाएं
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वृंदावन। संस्कार भारती ने बृज गोपाल गुप्ता की स्मृति में नगर निगम बालिका इंटर कॉलेज में सांझी कला प्रतियोगिता का आयोजन किया। इसमें कक्षा नौ से बारह तक की उन्नीस छात्राओं ने भाग लिया। इन छात्राओं ने सांझी कला के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं को जीवंत रूप में उकेरा।
मुख्य अतिथि पूनम चौबे ने कहा कि बच्चों में असीम प्रतिभा छिपी होती है। सही मंच मिलने पर यह प्रतिभा निखरने का अवसर पाती है। विशिष्ट अतिथि संगीताचार्य बनवारी लाल शर्मा और लक्ष्मण प्रसाद सर्राफ ने कहा कि वर्तमान दौर में पारंपरिक कलाओं को जीवंत रखना बेहद आवश्यक है। उन्होंने संस्कार भारती के इस दिशा में किए जा रहे कार्य की सराहना की। संस्था के अध्यक्ष ब्रजकिशोर त्रिपाठी ने बताया कि संस्कार भारती भारतीय संस्कृति की चौंसठ कलाओं के प्रचार-प्रसार के लिए निरंतर प्रयासरत है। संस्था नए कलाकारों को प्रोत्साहित करने का भी कार्य करती है।
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विजेताओं को मिला सम्मान
प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल ने नवांकुर कलाकार दिशा कनौजिया को प्रथम स्थान के लिए चुना। मोहिनी को द्वितीय और शिवांगी को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। विजेताओं को आकर्षक पुरस्कार और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। प्रदीप पांडेय ने तीनों विजेताओं को पांच सौ-पांच सौ रुपये की नकद राशि प्रदान की। लक्ष्मण प्रसाद सर्राफ ने सभी प्रतिभागियों को सौ-सौ रुपये की प्रोत्साहन राशि दी।
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पारंपरिक कलाओं के संरक्षण का प्रयास
संस्कार भारती का उद्देश्य भारतीय कलाओं को बढ़ावा देना और उन्हें संरक्षित करना है। संस्था ऐसे आयोजनों के माध्यम से नए कलाकारों को मंच प्रदान करती है। इस अवसर पर सांझी कलाकार स्व. बृज गोपाल गुप्ता के परिजनों को भी सम्मानित किया गया। उन्हें प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिह्न और शॉल ओढ़ाकर सम्मान दिया गया। कार्यक्रम में नरेंद्र गुप्ता, हरिवंश खंडेलवाल, राकेश चौधरी सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
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मुख्य अतिथि पूनम चौबे ने कहा कि बच्चों में असीम प्रतिभा छिपी होती है। सही मंच मिलने पर यह प्रतिभा निखरने का अवसर पाती है। विशिष्ट अतिथि संगीताचार्य बनवारी लाल शर्मा और लक्ष्मण प्रसाद सर्राफ ने कहा कि वर्तमान दौर में पारंपरिक कलाओं को जीवंत रखना बेहद आवश्यक है। उन्होंने संस्कार भारती के इस दिशा में किए जा रहे कार्य की सराहना की। संस्था के अध्यक्ष ब्रजकिशोर त्रिपाठी ने बताया कि संस्कार भारती भारतीय संस्कृति की चौंसठ कलाओं के प्रचार-प्रसार के लिए निरंतर प्रयासरत है। संस्था नए कलाकारों को प्रोत्साहित करने का भी कार्य करती है।
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विजेताओं को मिला सम्मान
प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल ने नवांकुर कलाकार दिशा कनौजिया को प्रथम स्थान के लिए चुना। मोहिनी को द्वितीय और शिवांगी को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। विजेताओं को आकर्षक पुरस्कार और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। प्रदीप पांडेय ने तीनों विजेताओं को पांच सौ-पांच सौ रुपये की नकद राशि प्रदान की। लक्ष्मण प्रसाद सर्राफ ने सभी प्रतिभागियों को सौ-सौ रुपये की प्रोत्साहन राशि दी।
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पारंपरिक कलाओं के संरक्षण का प्रयास
संस्कार भारती का उद्देश्य भारतीय कलाओं को बढ़ावा देना और उन्हें संरक्षित करना है। संस्था ऐसे आयोजनों के माध्यम से नए कलाकारों को मंच प्रदान करती है। इस अवसर पर सांझी कलाकार स्व. बृज गोपाल गुप्ता के परिजनों को भी सम्मानित किया गया। उन्हें प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिह्न और शॉल ओढ़ाकर सम्मान दिया गया। कार्यक्रम में नरेंद्र गुप्ता, हरिवंश खंडेलवाल, राकेश चौधरी सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।