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मौसम ने ली करवट: मथुरा में आंधी-पानी और ओलावृष्टि, पकी फसल को कर दिया बर्बाद; किसानों बढ़ी चिंता
Sat, 01 Mar 2025 12:40 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Sat, 01 Mar 2025 12:40 PM IST
सार
मौसम ने अचानक करवट बदल ली। मथुरा में आंधी-पानी और ओलावृष्टि ने पकी फसलों को बर्बाद कर दिया। गेहूं और सरसों की फसल में भारी नुकसान से किसान चिंतित हैं।
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मथुरा में आंधी-पानी और ओलावृष्टि
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
मथुरा के नौहझील में शनिवार सुबह लगभग 6 बजे तेज आंधी के कुछ देर बाद बारिश और ओले गिरना शुरू हो गए, जिससे गेहूं, सरसों और आलू की फसल में भारी नुक़सान है। किसानों ने सरकार से सर्वे करा मुआवजे की मांग की है।
जानकारी अनुसार रायपुर, फरीदमपुर, भैरई, मुसमुना,मनीगढ़ी,नानकपुर,शल्ल,जरैलिया,तिलकागढ़ी,मुडलिया,घसियागढ़ी,बाजना,मानागढ़ी सहित क्षेत्र के अन्य गांवों में तेज आंधी के साथ बारिश के बाद ओलावृष्टि हुई, जिससे गेंहू की फसल खेतों में बिछ गई और ओलावृष्टि से सरसों की फसल का फूल झड़ गया और आलू की फसल में भी नुकसान है।
अचानक हुई बारिश से किसानों के माथे पर चिंता की सरवट साफ दिखाई दे रही हैं।आंधी से कई विशालकाय पेड़ भी धाराशाई हो गये और शादी के लिए लगे टेंट भी तहस-नहस हो गए। मार्च माह के शुरुआत में हुई बेमौसम आंधी, बारिश व ओलों से किसानों की फसल चौपट हो गई है। किसानों ने बताया कि गेंहू फसल के लिए सालभर इंतजार करते हैं लेकिन तेज आंधी, बारिश व ओलावृष्टि से फसल पूरी तरह चौपट हो गई है।बेमौसम हुई बारिश व ओलावृष्टि से किसान खून के आंसू रोने को मजबूर हैं।
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किसानों ने बताया कि बेमौसम बरसात से हुए गेंहू की फसल में नुकसान से गेंहू की उत्पादन क्षमता कम होगी। किसान सोनू प्रधान, रोहतास चौधरी,अजय सरपंच,चेतन नौहवार,शिवा चौधरी,जयदेव चौधरी, सुभाष चौधरी,लाला चौधरी सहित अन्य किसानों ने सरकार से खेतों के सर्वे करा मुआवजे की मांग की है।
पकने को रखीं कच्ची ईंटें गलीं
क्षेत्र में बारिश व ओलावृष्टि से ईंट भट्टा कारोबारियों का भी काफी नुकसान हुआ है।ईंट भट्टा पर मजदूरों के फड़ पर पकने को रखीं तैयार कच्ची ईंटें बारिश व ओलों से क्षतिग्रस्त होकर पानी भरने के कारण गलकर खराब हो गयीं,ईंट भट्टों में आज से ही ईंट पकाई का काम शुरू हुआ है।जिसके लिए कल शुक्रवार को ईंट भट्टों में आंच डाली गई थी जो कि काफी ईंट भट्टों में बारिश के चलते आंच बुझ गयी।ईंट भट्टों में शुरुआती आंच डालने में काफी लागत लगती है। भट्टा संचालकों का काफी नुकसान नजर आ रहा है।
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जानकारी अनुसार रायपुर, फरीदमपुर, भैरई, मुसमुना,मनीगढ़ी,नानकपुर,शल्ल,जरैलिया,तिलकागढ़ी,मुडलिया,घसियागढ़ी,बाजना,मानागढ़ी सहित क्षेत्र के अन्य गांवों में तेज आंधी के साथ बारिश के बाद ओलावृष्टि हुई, जिससे गेंहू की फसल खेतों में बिछ गई और ओलावृष्टि से सरसों की फसल का फूल झड़ गया और आलू की फसल में भी नुकसान है।
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अचानक हुई बारिश से किसानों के माथे पर चिंता की सरवट साफ दिखाई दे रही हैं।आंधी से कई विशालकाय पेड़ भी धाराशाई हो गये और शादी के लिए लगे टेंट भी तहस-नहस हो गए। मार्च माह के शुरुआत में हुई बेमौसम आंधी, बारिश व ओलों से किसानों की फसल चौपट हो गई है। किसानों ने बताया कि गेंहू फसल के लिए सालभर इंतजार करते हैं लेकिन तेज आंधी, बारिश व ओलावृष्टि से फसल पूरी तरह चौपट हो गई है।बेमौसम हुई बारिश व ओलावृष्टि से किसान खून के आंसू रोने को मजबूर हैं।
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किसानों ने बताया कि बेमौसम बरसात से हुए गेंहू की फसल में नुकसान से गेंहू की उत्पादन क्षमता कम होगी। किसान सोनू प्रधान, रोहतास चौधरी,अजय सरपंच,चेतन नौहवार,शिवा चौधरी,जयदेव चौधरी, सुभाष चौधरी,लाला चौधरी सहित अन्य किसानों ने सरकार से खेतों के सर्वे करा मुआवजे की मांग की है।
पकने को रखीं कच्ची ईंटें गलीं
क्षेत्र में बारिश व ओलावृष्टि से ईंट भट्टा कारोबारियों का भी काफी नुकसान हुआ है।ईंट भट्टा पर मजदूरों के फड़ पर पकने को रखीं तैयार कच्ची ईंटें बारिश व ओलों से क्षतिग्रस्त होकर पानी भरने के कारण गलकर खराब हो गयीं,ईंट भट्टों में आज से ही ईंट पकाई का काम शुरू हुआ है।जिसके लिए कल शुक्रवार को ईंट भट्टों में आंच डाली गई थी जो कि काफी ईंट भट्टों में बारिश के चलते आंच बुझ गयी।ईंट भट्टों में शुरुआती आंच डालने में काफी लागत लगती है। भट्टा संचालकों का काफी नुकसान नजर आ रहा है।