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जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में कम हो रहा स्टॉक
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Sat, 27 Dec 2014 12:06 AM IST
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जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में बीते दो माह में ब्लड स्टॉक कम हो गया है। इसलिए जिला अस्पताल स्क्तदान करने वाले महादानियों से स्वैच्छिक रक्तदान के लिए कह रहा है। यह आह्वान जनहित में ही नहीं स्वहित में भी है। आपकेे द्वारा दिए गए रक्त से चार लोगों की जान बचती है। सोचिए यह चार आपके अपने भी हो सकते हैं और अन्य भी।
महर्षि दयानंद अस्पताल की ब्लड बैंक में केवल 138 यूनिट ब्लड का स्टाक है। कई ब्लड ग्रुप तो एक या दो यूनिट ही हैं। अक्तूबर तक 211 यूनिट ब्लड का स्टॉक था। काउंसलर सुशीला शर्मा ने बताया कि वर्तमान में ओ नेगेटिव, एबी नेगेटिव की मात्र एक-एक यूनिट, एबी पॉजिटिव की दो यूनिट और ए नेगेटिव ब्लड मात्र तीन यूनिट ही शेष है। डिमांड आई तो ब्लड उपलब्ध कराने में दिक्कत आ सकती है।
दो महीने से नहीं लगा रक्तदान शिविर
निवर्तमान जिलाधिकारी बी. चंद्रकला ने न केवल लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित किया वरन सरकारी विभागों को भी रोस्टर के तहत कैंप आयोजन करने के निर्देश दिए। यही वजह रही कि सितंबर में ब्लड बैंक का स्टॉक 261 यूनिट तक पहुंच गया। रोगियों को बिना एक्सचेंज ही ब्लड मिलने लगा। बीते दो माह में रक्तदान शिविर का आयोजन न होने से एक बार फिर ब्लड बैंक में स्टॉक कम हो गया है।
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मथुरा अति संवेदनशील शहर
जनपद की सीमा में 72 किमी हाईवे और 84 किमी यमुना एक्सप्रेसवे गुजरता है। यहां घटना-दुर्घटना के बाद घायलों के उपचार के लिए रक्त की आवश्यकता रहती है। विभिन्न त्योहार, मेलों में लगभग 1.25 करोड़ लोग बाहर से यहां आते हैं। श्रीकृष्ण जन्मस्थान, रिफाइनरी होने के चलते भी ये शहर प्रदेश में अतिसंवेदनशील श्रेणी में आता है।
बीते दो माह में ब्लड डोनेशन कैंप आयोजन में कमी आई है। इधर जननी सुरक्षा योजना के तहत प्रतिदिन तीन से चार यूनिट ब्लड बिना एक्सचेंज के निशुल्क प्रदान किया जा रहा है। गरीब, असहाय रोगियों को भी रक्त उपलब्ध कराया जा रहा है। ब्लड का स्टाक घटा है ये चिंता की बात है। हम स्वैच्छिक रक्तदाताओं से अपील करते है कि वो रक्तदान के लिए आगे आएं।
- डा. अमिताभ पांडेय, ब्लड बैंक प्रभारी, महर्षि दयानंद अस्पताल, मथुरा
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महर्षि दयानंद अस्पताल की ब्लड बैंक में केवल 138 यूनिट ब्लड का स्टाक है। कई ब्लड ग्रुप तो एक या दो यूनिट ही हैं। अक्तूबर तक 211 यूनिट ब्लड का स्टॉक था। काउंसलर सुशीला शर्मा ने बताया कि वर्तमान में ओ नेगेटिव, एबी नेगेटिव की मात्र एक-एक यूनिट, एबी पॉजिटिव की दो यूनिट और ए नेगेटिव ब्लड मात्र तीन यूनिट ही शेष है। डिमांड आई तो ब्लड उपलब्ध कराने में दिक्कत आ सकती है।
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दो महीने से नहीं लगा रक्तदान शिविर
निवर्तमान जिलाधिकारी बी. चंद्रकला ने न केवल लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित किया वरन सरकारी विभागों को भी रोस्टर के तहत कैंप आयोजन करने के निर्देश दिए। यही वजह रही कि सितंबर में ब्लड बैंक का स्टॉक 261 यूनिट तक पहुंच गया। रोगियों को बिना एक्सचेंज ही ब्लड मिलने लगा। बीते दो माह में रक्तदान शिविर का आयोजन न होने से एक बार फिर ब्लड बैंक में स्टॉक कम हो गया है।
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मथुरा अति संवेदनशील शहर
जनपद की सीमा में 72 किमी हाईवे और 84 किमी यमुना एक्सप्रेसवे गुजरता है। यहां घटना-दुर्घटना के बाद घायलों के उपचार के लिए रक्त की आवश्यकता रहती है। विभिन्न त्योहार, मेलों में लगभग 1.25 करोड़ लोग बाहर से यहां आते हैं। श्रीकृष्ण जन्मस्थान, रिफाइनरी होने के चलते भी ये शहर प्रदेश में अतिसंवेदनशील श्रेणी में आता है।
बीते दो माह में ब्लड डोनेशन कैंप आयोजन में कमी आई है। इधर जननी सुरक्षा योजना के तहत प्रतिदिन तीन से चार यूनिट ब्लड बिना एक्सचेंज के निशुल्क प्रदान किया जा रहा है। गरीब, असहाय रोगियों को भी रक्त उपलब्ध कराया जा रहा है। ब्लड का स्टाक घटा है ये चिंता की बात है। हम स्वैच्छिक रक्तदाताओं से अपील करते है कि वो रक्तदान के लिए आगे आएं।
- डा. अमिताभ पांडेय, ब्लड बैंक प्रभारी, महर्षि दयानंद अस्पताल, मथुरा