{"_id":"688fb93b85f76646f60282ca","slug":"sri-krishna-janmashtami-will-be-celebrated-on-17th-in-nandgaon-mathura-news-c-29-1-mtr1013-435326-2025-08-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Krishna Janmashtami 2025 Date: 16 या 17 अगस्त, जानें मथुरा में जन्माष्टमी किस दिन मनाई जाएगी?","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Krishna Janmashtami 2025 Date: 16 या 17 अगस्त, जानें मथुरा में जन्माष्टमी किस दिन मनाई जाएगी?
Tue, 12 Aug 2025 12:56 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 12 Aug 2025 12:56 PM IST
सार
कृष्ण जन्माष्टमी हिंदू पंचांग के अनुसार हर साल भादो माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अष्टमी तिथि को रोहिणी नक्षत्र में मध्यरात्रि 12 बजे मथुरा में भगवान कृष्ण का जन्म हुआ था।
विज्ञापन
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर सजाया गया श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर (फाइल)
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
नंदीश्वर पर्वत की गोद में बसे विश्व प्रसिद्ध श्रीनंदबाबा मंदिर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 17 अगस्त को मनाई जाएगी। जबकि ब्रज के अधिकांश मंदिरों में यह पर्व 16 अगस्त को मनाया जा रहा है। नंदगांव में जन्माष्टमी की तिथि कई बार अलग होती है, इसका कारण यहां प्रचलित खुर गिनती परंपरा है।
खुर गिनती परंपरा के अनुसार नंदगांव में जन्माष्टमी रक्षाबंधन के ठीक आठ दिन बाद ही मनाई जाती है। यदि इस बीच कोई तिथि क्षय या वृद्धि हो जाती है, तो नंदगांव में जन्माष्टमी की तारीख में बदलाव नहीं होता है। नंदगांव में जन्माष्टमी के दूसरे दिन, 18 अगस्त को नंदोत्सव मनाया जाएगा। इस अवसर पर नंदगांव और बरसाना के गोस्वामीजनों द्वारा नंदभवन में संयुक्त समाज गायन, दधि कांधो, शंकरलीला, मल्ल युद्ध, बांस बधाई आदि धार्मिक व सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। अष्टमी की रात भजन संध्या, ढांडी ढांडन लीला और श्रीकृष्ण कुल वंश का बखान किया जाएगा।
नौ वर्ष तक नंदगांव में रहे श्रीकृष्ण
श्रीनंदबाबा मंदिर के सेवायत कान्हा गोस्वामी ने बताया कि नंदगांव में जन्माष्टमी 17 अगस्त को और नंदोत्सव 18 अगस्त को मनाया जाएगा। इसी दिन विशाल दंगल का आयोजन होगा। मान्यता है कि मथुरा जेल में जन्म के बाद श्रीकृष्ण को पहले गोकुल और फिर नंदबाबा द्वारा नंदगांव लाया गया था। कंस के भय से नंदबाबा ने नंदीश्वर पर्वत को सुरक्षित मानते हुए यहीं निवास किया। श्रीकृष्ण ने अपने जीवन के पहले नौ वर्ष यहीं बिताए और उनके बाल्यकाल की कई लीलाएं नंदगांव से जुड़ी हुई हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
खुर गिनती परंपरा के अनुसार नंदगांव में जन्माष्टमी रक्षाबंधन के ठीक आठ दिन बाद ही मनाई जाती है। यदि इस बीच कोई तिथि क्षय या वृद्धि हो जाती है, तो नंदगांव में जन्माष्टमी की तारीख में बदलाव नहीं होता है। नंदगांव में जन्माष्टमी के दूसरे दिन, 18 अगस्त को नंदोत्सव मनाया जाएगा। इस अवसर पर नंदगांव और बरसाना के गोस्वामीजनों द्वारा नंदभवन में संयुक्त समाज गायन, दधि कांधो, शंकरलीला, मल्ल युद्ध, बांस बधाई आदि धार्मिक व सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। अष्टमी की रात भजन संध्या, ढांडी ढांडन लीला और श्रीकृष्ण कुल वंश का बखान किया जाएगा।
विज्ञापन
नौ वर्ष तक नंदगांव में रहे श्रीकृष्ण
श्रीनंदबाबा मंदिर के सेवायत कान्हा गोस्वामी ने बताया कि नंदगांव में जन्माष्टमी 17 अगस्त को और नंदोत्सव 18 अगस्त को मनाया जाएगा। इसी दिन विशाल दंगल का आयोजन होगा। मान्यता है कि मथुरा जेल में जन्म के बाद श्रीकृष्ण को पहले गोकुल और फिर नंदबाबा द्वारा नंदगांव लाया गया था। कंस के भय से नंदबाबा ने नंदीश्वर पर्वत को सुरक्षित मानते हुए यहीं निवास किया। श्रीकृष्ण ने अपने जीवन के पहले नौ वर्ष यहीं बिताए और उनके बाल्यकाल की कई लीलाएं नंदगांव से जुड़ी हुई हैं।
विज्ञापन