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श्री कृष्ण जन्मस्थान प्रकरण: उपासना स्थऌल अधिनियम पर मुस्लिम पक्ष ने दिया प्रत्युत्तर
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मथुरा। बहुचर्चित श्रीकृष्ण जन्मस्थान प्रकरण में अदालती गर्मी बढ़ने लगी है। सोमवार को चौथे प्रतिवादी न केवल अदालत में हाजिर हुए बल्कि शाही ईदगाह मस्जिद के सचिव की ओर से उपासना स्थल अधिनियम पर प्रत्युत्तर दाखिल किया। वहीं, ठाकुर केशवदेव के भक्तगण ने अदालत से जल्द सुनवाई के लिए कहा, जबकि अदालत में श्रीकृष्ण जन्मस्थान संबंधी चार मुकदमे होने के कारण सभी की अगली सुनवाई के लिए एक सितंबर की तारीख तय कर दी है।
ठाकुर केशवदेव के भक्त बनकर आए एडवोकेट महेंद्र प्रताप सिंह आदि की सुनवाई सबसे पहले शुरू हुई, जिसमें अदालत में अभी तक गैरहाजिर चल रहे सुन्नी सेंटर वक्फ बोर्ड के चेयरमैन जुफर अहमद फारुकी और अधिवक्ता हाजिर हुए। उनके द्वारा सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में उपासना स्थल अधिनियम का हवाला देते हुए केस को सुनवाई योग्य नहीं बताया गया। जबकि शाही मस्जिद ईदगाह के सचिव तनवीर अहमद ने वादीगण द्वारा उपासना स्थल अधिनियम का प्रत्युत्तर सौंपा।
वादी के अधिवक्ता राजेंद्र माहेश्वरी ने बताया कि अब केस में सब प्रतिवादी हाजिर हो चुके हैं और उपासना स्थल अधिनियम पर बहस चल रही है। सचिव तनवीर अहमद ने बताया कि उनकी पैरवी अधिवक्ता नीरज शर्मा, अबरार हुसैन, सौरभ श्रीवास्तव ने की। जबकि श्रीकृष्ण जन्मस्थान की ओर से पैरवी अधिवक्ता मुकेश खंडेलवाल और विजय बहादुर सिंह ने की।
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नारायनी सेना बोली- सभी केस को किया जाए एक
सोमवार को नारायनी सेना के अध्यक्ष मनीष यादव की भी तारीख थी। उन्होंने अदालत को एक प्रार्थनापत्र दिया कि इस प्रकार के सभी केस को एक कर दिया जाए ताकि सुनवाई में आसानी हो सके। अदालत ने उनके प्रार्थनापत्र पर विचार करने से पहले अन्य सभी वादी प्रतिवादियों से मत मांगे हैं। जिसके बाद ही इस पर विचार किया जा सकेगा। मनीश ने बताया कि उन्होंने सभी संबंधित वाद को एक करने के लिए अदालत में प्रार्थनापत्र दिया है। इसके अलावा अधिवक्ता शैलेंद्र सिंह व अन्य की सुनवाई भी आज हुई। अदालत ने सभी केस में 1 सिंतबर की तारीख लगाई है। वहीं, इसी प्रकरण में पंकज शास्त्री की भी तारीख थी, लेकिन उनकी ओर से अदालत में कोई भी हाजिर नहीं हो सका।
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ठाकुर केशवदेव के भक्त बनकर आए एडवोकेट महेंद्र प्रताप सिंह आदि की सुनवाई सबसे पहले शुरू हुई, जिसमें अदालत में अभी तक गैरहाजिर चल रहे सुन्नी सेंटर वक्फ बोर्ड के चेयरमैन जुफर अहमद फारुकी और अधिवक्ता हाजिर हुए। उनके द्वारा सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में उपासना स्थल अधिनियम का हवाला देते हुए केस को सुनवाई योग्य नहीं बताया गया। जबकि शाही मस्जिद ईदगाह के सचिव तनवीर अहमद ने वादीगण द्वारा उपासना स्थल अधिनियम का प्रत्युत्तर सौंपा।
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वादी के अधिवक्ता राजेंद्र माहेश्वरी ने बताया कि अब केस में सब प्रतिवादी हाजिर हो चुके हैं और उपासना स्थल अधिनियम पर बहस चल रही है। सचिव तनवीर अहमद ने बताया कि उनकी पैरवी अधिवक्ता नीरज शर्मा, अबरार हुसैन, सौरभ श्रीवास्तव ने की। जबकि श्रीकृष्ण जन्मस्थान की ओर से पैरवी अधिवक्ता मुकेश खंडेलवाल और विजय बहादुर सिंह ने की।
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नारायनी सेना बोली- सभी केस को किया जाए एक
सोमवार को नारायनी सेना के अध्यक्ष मनीष यादव की भी तारीख थी। उन्होंने अदालत को एक प्रार्थनापत्र दिया कि इस प्रकार के सभी केस को एक कर दिया जाए ताकि सुनवाई में आसानी हो सके। अदालत ने उनके प्रार्थनापत्र पर विचार करने से पहले अन्य सभी वादी प्रतिवादियों से मत मांगे हैं। जिसके बाद ही इस पर विचार किया जा सकेगा। मनीश ने बताया कि उन्होंने सभी संबंधित वाद को एक करने के लिए अदालत में प्रार्थनापत्र दिया है। इसके अलावा अधिवक्ता शैलेंद्र सिंह व अन्य की सुनवाई भी आज हुई। अदालत ने सभी केस में 1 सिंतबर की तारीख लगाई है। वहीं, इसी प्रकरण में पंकज शास्त्री की भी तारीख थी, लेकिन उनकी ओर से अदालत में कोई भी हाजिर नहीं हो सका।