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ठा. श्रीबांकेबिहारी : मनौती मांग मंगलमय वर्ष की कामना की
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ठा. श्रीबांकेबिहारी : मनौती मांग मंगलमय वर्ष की कामना की
- देशभर से आए पांच लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किए बांके बिहारी के दर्शन
- भीड़ को देखकर बुलाना पड़ी अतिरिक्त फोर्स, बैरिकेडिंग में फंसकर दो श्रद्धालु घायल
संवाद न्यूज एजेंसी
वृंदावन(मथुरा)। आधुनिकता और पश्चिम शैली को दरकिनार कर लाखों श्रद्धालुओं ने रविवार को अपने आराध्य के श्रीचरणों में नववर्ष मनाया। ठाकुर श्रीबांकेबिहारी की नगरी वृंदावन में नववर्ष के पहले दिन देशभर से आए श्रद्धालुओं के साथ स्थानीय लोगों ने अपने आराध्य के दर्शन कर मंगलमय वर्ष की कामना की।
एक अनुमान के मुताबिक, रविवार को पांच लाख से अधिक भक्तों ने अपने आराध्य ठाकुर श्रीबांके बिहारी के दर्शन किए। वहीं भीड़ को देखकर अतिरिक्त फोर्स को बुलानी पड़ी। इधर, विद्यापीठ चौराहे पर बैरिकेडिंग में फंसी फरीदाबाद की निर्मला देवी और वृद्ध दिल्ली निवासी नकुल घायल हो गए। जिन्हें पुलिसकर्मियों ने भीड़ से निकाला और मेडिकल कैंप पर पहुंचाया।
अपने आराध्य ठाकुर श्रीबांकेबिहारी की झलक पाने के लिए हजारों भक्त सुबह 3 बजे से ही मंदिर के बाहर पहुंच गए। स्थानीय लोगों की मानें तो ठाकुरजी के दर्शन के लिए सुबह तीन बजे से भक्तों की भीड़ लाइनों में लगी दिखाई दी। मंदिर के पट खुलते ही जत्थे के जत्थे बांके बिहारी लाल के जयकारे लगाते हुए मंदिर में प्रवेश कर गए। पट खुलने के साथ ही गेट नंबर दो और तीन से श्रद्धालुओं को प्रवेश दिया गया। भक्तों ने अपने आराध्य के दर्शन किए और सभी दर्द भूलकर आगे बढ़ लिए। इधर, दिन चढ़ने के साथ भक्तों की टोलियां मंदिर की ओर बढ़ रही थीं। व्यवस्था न बिगड़े, इस कारण पुलिसकर्मी समय से पूर्व मौके पर पहुंचे और श्रद्धालुओं को कतार में लगवाना शुरू कर दिया। सुबह सात बजते ही भक्तों की संख्या हजारों में पहुंच गई और जब सुबह करीब 7.30 बजे मंदिर के पट खुले तो श्रद्धालुओं की भीड़ के दबाव में कई बार-बार व्यवस्थाएं बिगड़ी भीं। हालांकि अफसरों ने समय रहते इसे संभाल लिया।
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बैरिकेडिंग खुलते ही सतर्क हुए एसपी सिटी
हर श्रद्धालु की इच्छा कि नए वर्ष पर आराध्य के दर्शन मिलें। मंदिर आने वाले रास्ते विद्यापीठ चौराहा और जुगल घाट पर लगाई गई बैरिकेडिंग भी दबाव झेल नहीं पाईं। कई बैरिकेडिंग बीच से खुल गईं, जहां से श्रद्धालु अंदर पहुंचकर कतार में शामिल होने लगे और व्यवस्था बिगड़ने लगी। हालात को देखते ही एसपी सिटी एमपी सिंह ने पुलिस फोर्स के साथ व्यवस्थाओं को संभाला और पुलिस फोर्स के सहयोग से व्यवस्था को ध्वस्त होने से बचाया।
शाम के लिए बुलानी पड़ी अतिरिक्त फोर्स
वृंदावन। ठाकुर श्रीबांकेबिहारी मंदिर में श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्रशासन ने चाक चौबंद इंतजाम किए गए। डीएम पुलकित खरे और एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय सुबह से व्यवस्थाओं का जायजा लेने में जुटे रहे। एसएसपी ने मंदिर में बनाए गए कंट्रोल रूम से व्यवस्थाओं पर नजर रखी। डीएम और एसएसपी खुद हर प्वाइंट्स पर व्यवस्थाओं का जायजा लेते रहे। करीब आठ लाख से श्रद्धालुओं के आने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने व्यापक इंतजाम कर रखे थे। प्रशासन की गई व्यवस्थाओं की श्रद्धालु अपने शब्दों में जमकर प्रशंसा करते नजर आए। दोपहर के हालातों को देखकर एसएसपी को शाम की ड्यूटी के लिए अतिरिक्त फोर्स बुलानी पड़ी।
रंग बिरंगे गुब्बारों से सजा मंदिर, इत्र का हुआ छिड़काव
नव वर्ष पर ठाकुर बांके बिहारी मंदिर परिसर को रंग बिरंगे गुब्बारों से सजाया गया, वहीं सुगंधित इत्र का छिड़काव किया गया। भक्त अपने आराध्य के दर्शन पाकर धन्य हुए।
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- देशभर से आए पांच लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किए बांके बिहारी के दर्शन
- भीड़ को देखकर बुलाना पड़ी अतिरिक्त फोर्स, बैरिकेडिंग में फंसकर दो श्रद्धालु घायल
संवाद न्यूज एजेंसी
वृंदावन(मथुरा)। आधुनिकता और पश्चिम शैली को दरकिनार कर लाखों श्रद्धालुओं ने रविवार को अपने आराध्य के श्रीचरणों में नववर्ष मनाया। ठाकुर श्रीबांकेबिहारी की नगरी वृंदावन में नववर्ष के पहले दिन देशभर से आए श्रद्धालुओं के साथ स्थानीय लोगों ने अपने आराध्य के दर्शन कर मंगलमय वर्ष की कामना की।
एक अनुमान के मुताबिक, रविवार को पांच लाख से अधिक भक्तों ने अपने आराध्य ठाकुर श्रीबांके बिहारी के दर्शन किए। वहीं भीड़ को देखकर अतिरिक्त फोर्स को बुलानी पड़ी। इधर, विद्यापीठ चौराहे पर बैरिकेडिंग में फंसी फरीदाबाद की निर्मला देवी और वृद्ध दिल्ली निवासी नकुल घायल हो गए। जिन्हें पुलिसकर्मियों ने भीड़ से निकाला और मेडिकल कैंप पर पहुंचाया।
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अपने आराध्य ठाकुर श्रीबांकेबिहारी की झलक पाने के लिए हजारों भक्त सुबह 3 बजे से ही मंदिर के बाहर पहुंच गए। स्थानीय लोगों की मानें तो ठाकुरजी के दर्शन के लिए सुबह तीन बजे से भक्तों की भीड़ लाइनों में लगी दिखाई दी। मंदिर के पट खुलते ही जत्थे के जत्थे बांके बिहारी लाल के जयकारे लगाते हुए मंदिर में प्रवेश कर गए। पट खुलने के साथ ही गेट नंबर दो और तीन से श्रद्धालुओं को प्रवेश दिया गया। भक्तों ने अपने आराध्य के दर्शन किए और सभी दर्द भूलकर आगे बढ़ लिए। इधर, दिन चढ़ने के साथ भक्तों की टोलियां मंदिर की ओर बढ़ रही थीं। व्यवस्था न बिगड़े, इस कारण पुलिसकर्मी समय से पूर्व मौके पर पहुंचे और श्रद्धालुओं को कतार में लगवाना शुरू कर दिया। सुबह सात बजते ही भक्तों की संख्या हजारों में पहुंच गई और जब सुबह करीब 7.30 बजे मंदिर के पट खुले तो श्रद्धालुओं की भीड़ के दबाव में कई बार-बार व्यवस्थाएं बिगड़ी भीं। हालांकि अफसरों ने समय रहते इसे संभाल लिया।
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बैरिकेडिंग खुलते ही सतर्क हुए एसपी सिटी
हर श्रद्धालु की इच्छा कि नए वर्ष पर आराध्य के दर्शन मिलें। मंदिर आने वाले रास्ते विद्यापीठ चौराहा और जुगल घाट पर लगाई गई बैरिकेडिंग भी दबाव झेल नहीं पाईं। कई बैरिकेडिंग बीच से खुल गईं, जहां से श्रद्धालु अंदर पहुंचकर कतार में शामिल होने लगे और व्यवस्था बिगड़ने लगी। हालात को देखते ही एसपी सिटी एमपी सिंह ने पुलिस फोर्स के साथ व्यवस्थाओं को संभाला और पुलिस फोर्स के सहयोग से व्यवस्था को ध्वस्त होने से बचाया।
शाम के लिए बुलानी पड़ी अतिरिक्त फोर्स
वृंदावन। ठाकुर श्रीबांकेबिहारी मंदिर में श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्रशासन ने चाक चौबंद इंतजाम किए गए। डीएम पुलकित खरे और एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय सुबह से व्यवस्थाओं का जायजा लेने में जुटे रहे। एसएसपी ने मंदिर में बनाए गए कंट्रोल रूम से व्यवस्थाओं पर नजर रखी। डीएम और एसएसपी खुद हर प्वाइंट्स पर व्यवस्थाओं का जायजा लेते रहे। करीब आठ लाख से श्रद्धालुओं के आने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने व्यापक इंतजाम कर रखे थे। प्रशासन की गई व्यवस्थाओं की श्रद्धालु अपने शब्दों में जमकर प्रशंसा करते नजर आए। दोपहर के हालातों को देखकर एसएसपी को शाम की ड्यूटी के लिए अतिरिक्त फोर्स बुलानी पड़ी।
रंग बिरंगे गुब्बारों से सजा मंदिर, इत्र का हुआ छिड़काव
नव वर्ष पर ठाकुर बांके बिहारी मंदिर परिसर को रंग बिरंगे गुब्बारों से सजाया गया, वहीं सुगंधित इत्र का छिड़काव किया गया। भक्त अपने आराध्य के दर्शन पाकर धन्य हुए।