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भगवान श्रीकृष्ण पहनीं गर्म पहचान
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कोसीकलां के दाऊजी मंदिर में सर्दी से बचाव को ठाकुर को पहनाई गई गरम पोशाक। संवाद
- फोटो : KOSI
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कोसीकलां(मथुरा)। सुबह- शाम मौसम सर्द हो चला है, ऐसे में मंदिरों में देवता भी गर्म कपड़ों में नजर आने लगे हैं। इतना ही नहीं मौसम के मिजाज को देखते हुए प्रसाद में भी बदलाव किया गया हैं। भगवान को बथुआ, मेथी की रोटी और रात में केसर का दूध, गुड़ और मैथी के लड्डू के साथ अर्पित किए जा रहे हैं।
दीपावली के बाद मौसम में तेजी से परिवर्तन आने लगता हैं। सुबह और शाम को ठंडी हवा चलने लगती हैं। ऐसे में भक्तों ने अपने भगवान को गर्म कपड़े पहनाने शुरू कर दिए हैं। बलदेव गंज स्थित प्राचीन दाऊजी मंदिर के महंत कैलाश शर्मा ने बताया कि ठाकुर जी को ठंड से बचाने के लिए गर्म पजामा कुर्ता, हाफ स्वेटर ओढ़नी पहनानी शुरू कर दिए हैं। पौष माह में सर्दी और बढ़ जाएगी। सुबह खिचड़ी और दोपहर में मेथी की रोटी प्रसाद में अर्पण की जा रही हैं। यह बसंत तक रहेगा। कैलाश पुजारी के अनुसार प्रभु की सेवा में निर्मल भक्ति भाव प्रधान होता हैं।
सत्य नारायण मंदिर के पुजारी श्याम सुंदर दीक्षित के अनुसार ठाकुर जी को ऊनी कंबल उड़ाया जा रहा हैं। शाम को छुआरा उबालकर दूध अर्पित किया जा रहा है। ताकि भगवान को जुकाम न हो। उनके अनुसार भक्त अपने भगवान की तरह-तरह से सेवा करते हैं। इसके अलावा नगर के अन्य मंदिरों में भी भगवान की पोशाक और प्रसाद में परिवर्तन किया गया।
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दीपावली के बाद मौसम में तेजी से परिवर्तन आने लगता हैं। सुबह और शाम को ठंडी हवा चलने लगती हैं। ऐसे में भक्तों ने अपने भगवान को गर्म कपड़े पहनाने शुरू कर दिए हैं। बलदेव गंज स्थित प्राचीन दाऊजी मंदिर के महंत कैलाश शर्मा ने बताया कि ठाकुर जी को ठंड से बचाने के लिए गर्म पजामा कुर्ता, हाफ स्वेटर ओढ़नी पहनानी शुरू कर दिए हैं। पौष माह में सर्दी और बढ़ जाएगी। सुबह खिचड़ी और दोपहर में मेथी की रोटी प्रसाद में अर्पण की जा रही हैं। यह बसंत तक रहेगा। कैलाश पुजारी के अनुसार प्रभु की सेवा में निर्मल भक्ति भाव प्रधान होता हैं।
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सत्य नारायण मंदिर के पुजारी श्याम सुंदर दीक्षित के अनुसार ठाकुर जी को ऊनी कंबल उड़ाया जा रहा हैं। शाम को छुआरा उबालकर दूध अर्पित किया जा रहा है। ताकि भगवान को जुकाम न हो। उनके अनुसार भक्त अपने भगवान की तरह-तरह से सेवा करते हैं। इसके अलावा नगर के अन्य मंदिरों में भी भगवान की पोशाक और प्रसाद में परिवर्तन किया गया।
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